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Bilaspur News: बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने पर जोर
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डीसी ने एसएए केंद्र, शिशु गृह और वन स्टॉप सेंटर का किया निरीक्षण
आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध पूरा करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपायुक्त राहुल कुमार ने बिलासपुर में संचालित विशिष्ट दत्तक ग्रहण एजेंसी (एसएए) केंद्र, शिशु गृह और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, संसाधनों और जरूरतमंदों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने और यहां आने वाले बच्चों व महिलाओं को संवेदनशील माहौल में गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने बताया कि बिलासपुर में एसएए केंद्र हाल ही में शुरू किया गया है। यहां अनाथ, परित्यक्त और आत्मसमर्पित बच्चों को सुरक्षित आश्रय, संरक्षण और समुचित देखभाल उपलब्ध करवाई जाएगी। वर्तमान में केंद्र में कोई बच्चा नहीं है। जरूरत के अनुसार भविष्य में बच्चों को यहां रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की देखभाल से जुड़ी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्राथमिकता है। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत बच्चों के पुनर्वास और दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया भी इसी केंद्र के माध्यम से संचालित की जाएगी। इसके बाद उपायुक्त ने वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। विभाग के अनुसार 24 दिसंबर 2018 से 27 अगस्त 2026 तक केंद्र में कुल 700 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें 700 मामलों में परामर्श, 375 में पुलिस सहायता, 377 में कानूनी सहायता एवं परामर्श, 70 में चिकित्सा सहायता, 154 में आश्रय और 347 मामलों में महिला हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता प्रदान की गई।
वन स्टॉप सेंटर 24 घंटे सातों दिन संचालित होता है। हिंसा से प्रभावित महिला स्वयं केंद्र पहुंच सकती है या संबंधित विभाग अथवा एजेंसी के माध्यम से यहां लाई जा सकती है। जरूरत पड़ने पर महिला अपने बच्चों के साथ अधिकतम पांच दिन तक आश्रय सुविधा प्राप्त कर सकती है। केंद्र में परामर्श, पुलिस सहायता, कानूनी सहायता, चिकित्सा सहायता और अस्थायी आश्रय सहित अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त रुपिंदर कौर, जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार, जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
संवेदनशीलता के साथ सेवाएं देने पर जोर
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि एसएए केंद्र और वन स्टॉप सेंटर संकट में फंसे बच्चों और महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण संस्थान हैं। इनका उद्देश्य केवल सुविधा उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि प्रभावित व्यक्ति को सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण देना भी है। उन्होंने अधिकारियों को केंद्रों में उपलब्ध संसाधनों और व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा कमी पाए जाने पर उसे समयबद्ध तरीके से दूर करने के निर्देश दिए।
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विवाह से पहले बेहतर समझ की पहल
राष्ट्रीय महिला आयोग की तेरे मेरे सपने पहल के तहत युवाओं और भावी दंपतियों को विवाह से पहले निशुल्क और गोपनीय प्री-मैरिटल काउंसलिंग की सुविधा दी जा रही है। बिलासपुर में यह सुविधा वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से उपलब्ध है। इसमें आपसी संवाद, मानसिक एवं भावनात्मक तैयारी, करियर, वित्तीय योजना और पारिवारिक संबंधों को लेकर मार्गदर्शन दिया जाता है।
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आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध पूरा करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपायुक्त राहुल कुमार ने बिलासपुर में संचालित विशिष्ट दत्तक ग्रहण एजेंसी (एसएए) केंद्र, शिशु गृह और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, संसाधनों और जरूरतमंदों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने और यहां आने वाले बच्चों व महिलाओं को संवेदनशील माहौल में गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने बताया कि बिलासपुर में एसएए केंद्र हाल ही में शुरू किया गया है। यहां अनाथ, परित्यक्त और आत्मसमर्पित बच्चों को सुरक्षित आश्रय, संरक्षण और समुचित देखभाल उपलब्ध करवाई जाएगी। वर्तमान में केंद्र में कोई बच्चा नहीं है। जरूरत के अनुसार भविष्य में बच्चों को यहां रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की देखभाल से जुड़ी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्राथमिकता है। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत बच्चों के पुनर्वास और दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया भी इसी केंद्र के माध्यम से संचालित की जाएगी। इसके बाद उपायुक्त ने वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। विभाग के अनुसार 24 दिसंबर 2018 से 27 अगस्त 2026 तक केंद्र में कुल 700 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें 700 मामलों में परामर्श, 375 में पुलिस सहायता, 377 में कानूनी सहायता एवं परामर्श, 70 में चिकित्सा सहायता, 154 में आश्रय और 347 मामलों में महिला हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता प्रदान की गई।
वन स्टॉप सेंटर 24 घंटे सातों दिन संचालित होता है। हिंसा से प्रभावित महिला स्वयं केंद्र पहुंच सकती है या संबंधित विभाग अथवा एजेंसी के माध्यम से यहां लाई जा सकती है। जरूरत पड़ने पर महिला अपने बच्चों के साथ अधिकतम पांच दिन तक आश्रय सुविधा प्राप्त कर सकती है। केंद्र में परामर्श, पुलिस सहायता, कानूनी सहायता, चिकित्सा सहायता और अस्थायी आश्रय सहित अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त रुपिंदर कौर, जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार, जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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संवेदनशीलता के साथ सेवाएं देने पर जोर
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि एसएए केंद्र और वन स्टॉप सेंटर संकट में फंसे बच्चों और महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण संस्थान हैं। इनका उद्देश्य केवल सुविधा उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि प्रभावित व्यक्ति को सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण देना भी है। उन्होंने अधिकारियों को केंद्रों में उपलब्ध संसाधनों और व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा कमी पाए जाने पर उसे समयबद्ध तरीके से दूर करने के निर्देश दिए।
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विवाह से पहले बेहतर समझ की पहल
राष्ट्रीय महिला आयोग की तेरे मेरे सपने पहल के तहत युवाओं और भावी दंपतियों को विवाह से पहले निशुल्क और गोपनीय प्री-मैरिटल काउंसलिंग की सुविधा दी जा रही है। बिलासपुर में यह सुविधा वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से उपलब्ध है। इसमें आपसी संवाद, मानसिक एवं भावनात्मक तैयारी, करियर, वित्तीय योजना और पारिवारिक संबंधों को लेकर मार्गदर्शन दिया जाता है।