{"_id":"68c6ae94252159af22043df5","slug":"due-to-negligence-the-building-of-ghumarvi-college-came-under-threat-bilaspur-news-c-92-1-bls1001-144313-2025-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: लापरवाही से खतरे की जद में आया घुमारवीं कॉलेज का भवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: लापरवाही से खतरे की जद में आया घुमारवीं कॉलेज का भवन
Sun, 14 Sep 2025 11:29 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 14 Sep 2025 11:29 PM IST
विज्ञापन
घुमारवीं कॉलेज में भवन के ऊपर उगा पेड़ और भवन में आई दरार। संवाद
भवन के ऊपर उगा है पेड़, चार मंजिल में पहुंच चुकी हैं उसकी जड़ें
मरम्मत कार्य के लिए हिमुडा के पास जमा कराया है पांच लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं में प्रबंधन की लापरवाही से करोड़ों रुपये की लागत से बना महाविद्यालय का भवन खतरे की जद में आ गया है। वन के ऊपर उगा एक विशाल पीपल का पेड़ अब इतना बढ़ चुका है कि इसकी जड़ें धीरे-धीरे भवन की अंदर प्रवेश कर चुकी हैं और करीब चार मंजिल तक दीवारों में धंस चुकी हैं। समय रहते यदि कार्रवाई नहीं हुई तो भवन का यह हिस्सा कभी भी गिर सकता है।
जानकारी के अनुसार भवन में ऊपर से नीचे तक गहरी दरारें पड़ चुकी हैं और अब यह करीब दो हिस्सों में बंटती हुई दिखाई दे रही है। इसके बावजूद प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। यही नहीं भवन के ऊपर उगीं झाड़ियां और बड़े पेड़ भी समय-समय पर साफ नहीं किए गए हैं, जिससे संरचना को और भी अधिक नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। अभिभावकों और छात्रों का कहना है कि यह स्पष्ट तौर पर दिखता है कि पीपल का पेड़ लंबे समय से भवन के ऊपर है, फिर भी प्रबंधन ने इसे काटने या सुरक्षा उपाय करने की आवश्यकता नहीं समझी। इस लापरवाही से सरकारी तंत्र की खामियां भी उजागर हो रही हैं। अभिभावकों में भी इस बात को लेकर चिंता है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो कोई भी बड़ा हादसा घट सकता है। अभिभावकों की मांग है कि तत्काल कार्रवाई कर पेड़ को हटाया जाए, भवन की जांच कर मरम्मत की जाए और भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति से बचने के लिए नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
कोट
मामला ध्यान में है, भवन के मरम्मत कार्य के लिए पांच लाख का बजट हिमुडा के पास जमा करवा दिया गया है, लेकिन विभाग ने अभी काम शुरू नहीं किया है। विभाग को इस कार्य को जल्दी करने के निर्देश दिए जाएंगे और भवन में सभी प्रकार की झाड़ियां भी साफ करवाई जाएंगी।
विज्ञापन
डॉ राकेश राणा, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं
विज्ञापन
मरम्मत कार्य के लिए हिमुडा के पास जमा कराया है पांच लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं में प्रबंधन की लापरवाही से करोड़ों रुपये की लागत से बना महाविद्यालय का भवन खतरे की जद में आ गया है। वन के ऊपर उगा एक विशाल पीपल का पेड़ अब इतना बढ़ चुका है कि इसकी जड़ें धीरे-धीरे भवन की अंदर प्रवेश कर चुकी हैं और करीब चार मंजिल तक दीवारों में धंस चुकी हैं। समय रहते यदि कार्रवाई नहीं हुई तो भवन का यह हिस्सा कभी भी गिर सकता है।
जानकारी के अनुसार भवन में ऊपर से नीचे तक गहरी दरारें पड़ चुकी हैं और अब यह करीब दो हिस्सों में बंटती हुई दिखाई दे रही है। इसके बावजूद प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। यही नहीं भवन के ऊपर उगीं झाड़ियां और बड़े पेड़ भी समय-समय पर साफ नहीं किए गए हैं, जिससे संरचना को और भी अधिक नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। अभिभावकों और छात्रों का कहना है कि यह स्पष्ट तौर पर दिखता है कि पीपल का पेड़ लंबे समय से भवन के ऊपर है, फिर भी प्रबंधन ने इसे काटने या सुरक्षा उपाय करने की आवश्यकता नहीं समझी। इस लापरवाही से सरकारी तंत्र की खामियां भी उजागर हो रही हैं। अभिभावकों में भी इस बात को लेकर चिंता है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो कोई भी बड़ा हादसा घट सकता है। अभिभावकों की मांग है कि तत्काल कार्रवाई कर पेड़ को हटाया जाए, भवन की जांच कर मरम्मत की जाए और भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति से बचने के लिए नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
विज्ञापन
कोट
मामला ध्यान में है, भवन के मरम्मत कार्य के लिए पांच लाख का बजट हिमुडा के पास जमा करवा दिया गया है, लेकिन विभाग ने अभी काम शुरू नहीं किया है। विभाग को इस कार्य को जल्दी करने के निर्देश दिए जाएंगे और भवन में सभी प्रकार की झाड़ियां भी साफ करवाई जाएंगी।
विज्ञापन
डॉ राकेश राणा, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं