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बिना अनुमति के काट डाले खैर के पेड़
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
Updated Sat, 16 Jan 2016 06:48 PM IST
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जनपद बिलासपुर के अंतर्गत कुड्डी और भराथू के जंगलों में अवैध रूप से पेड़ कटान का मामला सामने आया है। वन विभाग ने शिकायत के बाद मौके पर पहुंचकर काटी गई तमाम लकड़ी को सील करते हुए आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग इस दौरान करीब 150 खैर के लॉग सील किए हैं, जबकि एसीएफ को जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
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इसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उधर, सदर भाजपा इस मामले पर तल्ख हो गई है। भाजपा ने इस मामले में कड़ी जांच की मांग की है। भाजपा का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते विभाग इस मामले को रफा-दफा करने के चक्कर में है।
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जिला के कुड्डी और भराथू इलाके में तकरीबन 70 पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई गई है। हालांकि, तमाम पेड़ निजी भूमि पर काटे गए हैं। लेकिन, नियमानुसार खैर के पेड़ों का कटान करने के लिए वन विभाग की अनुमति जरूरी है।
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विभाग द्वारा डिमार्केशन करने के बाद ही पेड़ों को काटा जा सकता है। लेकिन, बिना अनुमति के पेड़ कटान का मामला विभाग के पास पहुंचा है।
विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत लकड़ी अपने कब्जे में ले ली है। वहीं, आगामी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। इधर, सदर भाजपा मंडल ने इस मामले में वन विभाग पर मिली-भगत करते हुए मामले को दबाने का प्रयास करने के आरोप लगाए हैं।
सदर भाजपा के महामंत्री प्यारे लाल चौधरी की ओर से जारी बयान में मंडलाध्यक्ष कुलदीप ठाकुर, महामंत्री नंदलाल चंदेल, उपाध्यक्ष ध्यान सिंह ठाकुर बंसी राम शर्मा, केहर सिंह, उर्मिला कौशल, सचिव देवेश चंदेल और प्रोमिला ने कहा कि विभाग उपरोक्त गंभीर विषय पर आंखें मूंदकर बैठा हुआ है।
उन्होंने कहा कुड्डी और भराथू के जंगलों में बड़ी मात्रा में खैर के पेड़ों को अवैध रूप से कटा गया है। शिकायत के बावजूद इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन द्वारा कार्रवाई के नाम पर लकड़ी को इकट्ठा कर सत्ताधारी दल के ही एक व्यक्ति के घर में रखा गया है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शराब, ड्रग और वन माफिया सक्रिय है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उपरोक्त मामले में त्वरित व उचित कार्रवाई न होना विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वन कटान को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मामले की छानबीन कर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो वह आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर हो जाएंगे। जरूरत पड़ी तो भाजपा विभाग के अधिकारियों का घेराव भी करेगी।
डीएफओ एचके सर्वटा ने कहा कि अवैध रूप से काटी गई लकड़ी सील की गई है। अभी भूमि की डिमार्केशन की जानी है। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।