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सीमेंट कंपनी के मालभाड़ा न देने से 25 हजारों परिवारों पर संकट
रितेश गुलेरिया / अमर उजाला, बिलासपुर।
Updated Fri, 05 May 2017 11:44 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जेपी कंपनी से मालभाड़ा न मिलने के कारण बिलासपुर और सोलन जिला के करीब 25 हजार परिवारों पर दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इससे ट्रक ऑपरेटरों के परिवारों के अलावा ट्रक ड्राइवर, क्लीनर और यहां कारोबार करने वाले कारोबारियों का भविष्य भी दांव पर लग गया है। मगर इसके बाद भी इस मुद्दे को लेकर कोई भी गंभीर नहीं है।
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जिला प्रशासन की ओर से कई बैठकें करवाने के अलावा इस संबंध में कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि सरकार के नुमाइंदे भी समस्या को लेकर गंभीर नहीं। वहीं स्थानीय नेता भी पूरे मुद्दे पर सिर्फ राजनीति और बयानबाजी ही कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि 25 हजार परिवारों की इस दयनीय हालत का जिम्मेवार कौन है?
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हालांकि पूर्व उपायुक्त मानसी सहाय ने दबाव बनाकर ऑपरेटरों का करोड़ों रुपये का मालभाड़ा जरूर दिलाया था। नहीं तो यह आंकड़ा आज 100 करोड़ के आसपास होता। मगर उनके तबादले के बाद जिला प्रशासन ऑपरेटरों को किराया दिलाने में नाकाम रहा। इसका परिणाम यह है कि 25 हजार के अधिक परिवार आर्थिक कंगाली की कगार पर खड़े हैं।
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जिला प्रशासन ऑपरेटरों और कंपनी प्रबंधन को बुलाकर रस्म अदायगी कर रहे हैं। जबकि, राजनेता भी मसले को लेकर गंभीर नहीं। कंपनी का कहना है कि उनकी हालत माली है। मगर इस पर कहां तक भरोसा किया जा सकता है कि देश भर में सीमेंट फैक्ट्रियां और बिजली प्रोजेक्ट चलाने वाली कंपनी के पास क्या 30 करोड़ नहीं है? जो कहीं न कहीं संदेह पैदा करती है।
हजारों ट्रकों में काम कर रहे हैं 15 हजार लोग : बिलासपुर जिला के चार हजार ऑपरेटरों को माल भाड़ा न मिलने से अकेला उन्हीं पर आर्थिक संकट खड़ा नहीं हुआ है। इसके अलावा करीब 15 हजार ड्राइवर और क्लीनरों के घरों में भी दो वक्त चूल्हा जलने का संकट खड़ा हो गया है। ऑपरेटरों को पैसा नहीं मिल रहा है। इस कारण वह ड्राइवर और क्लीनरों को वेतन नहीं मिल पा रहा है।
पैट्रोल पंप और सैकड़ों दुकानें बंद होने के कगार पर : ऑपरेटरों का पैसा न मिलने के कारण यहां चल रही चाय की दुकानें, खाने के ढाबे, मैकेनिक की दुकानें, टायर पंचर की दुकानों सहित पेट्रोल पंप मालिकों का काम भी ठप हो गया है। इसका असर दुकान मालिकों के साथ उनके यहां काम करने वाले सैकड़ों वर्करों पर भी पड़ रहा है।
बैंक उठा चुका हैं सैकड़ों ट्रक : खारसी सभा के चेयरमैन रोशन लाल फौजी, खारसी सभा के महासचिव दौलत सिंह ठाकुर, प्रधान महेंद्र सिंह ठाकुर उपप्रधान परमानंद ठाकुर सदस्य हेमराज, धर्मपाल, परशराम, हंसराज, जीतराम, मांगल लैंडलूजर परिवहन सभा के दीप चंद शर्मा, दीप लाल, रतन लाल, चुनी लाल, अजीत सेन, तरसेम, कै. भगत राम, रविकांत पाठक, सुरेंद्र वर्मा, रमेश ठाकुर, संदीप, कोहीनूर सभा के प्रधान प्रेमसिंह ठाकुर, उपप्रधान राजीव महाजन, महासचिव मानसिंह ठाकुर सलाहकार प्यारेलाल ठाकुर, अशोक कुमार, प्रकाश ठाकुर, बबलू शर्मा, सुरेश, भूतपूर्व सैनिक सभा के प्रधान कै. सुरेंद्र महासचिव जोगिंद्र पाल का कहना है कि बैंक एक हजार से अधिक गाड़ियां उठा चुका है। सैकड़ों ट्रकों को नोटिस जारी हो चुके हैं।
इस बारे में एडीएम बिलासपुर विनय कुमार ने बताया कि इस संबंध में ऑपरेटरों और कंपनी के बीच बैठकें करवाई गई। वहीं कंपनी ने करीब 10 करोड़ किराया अदा भी किया है। मगर अब ऑपरेटर पूरे किराये की मांग एक साथ कर रहे है।