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पिपलूघाट और जोहड़ के 38 परिवार सरकारी सुविधाओं से महरूम
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बरठीं (बिलासपुर)। गांव मलांगण शुक्र खड्ड के बीच में पड़ने से दो भागों में बंटा हुआ है। खड्ड के दूसरी ओर पिपलूघाट और जोहड़ सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं। ग्राम पंचायत मलांगण के पूर्व उपप्रधान ज्ञान चंद धीमान ने बताया कि सरकार की ओर से मिलने वाली कई सुविधाओं का लाभ पिपलूघाट के लगभग 20 परिवारों और जोहड़ के 18 परिवारों को नहीं मिल पाता। उन्होंने बताया कि गांव मलांगण में जायका परियोजना के अंतर्गत सिंचाई परियोजना का लाभ उपरोक्त परिवारों को इसलिए नहीं मिल पाया क्योंकि ये परिवार खड्ड के दूसरी ओर पड़ते हैं। यही नहीं पिपलूघाट व जोहड़ के उपरोक्त परिवार बलोह पंचायत के अंतिम छोर पर हैं। बलोह पंचायत की तरफ से आने वाली सरकारी सुविधाएं भी इन परिवारों के पास नहीं पहुंच पातीं। कहा जाता है कि आपकी पंचायत अलग है।
धीमान ने बताया कि गांव मलांगण में जायका की ओर से सिंचाई परियोजना चलाई गई तो यह कहा गया कि जोहड़ व पिपलूघाट खड्ड के पार हैं। इनको इस स्कीम से नहीं जोड़ा जा सकता है। जब बलोह पंचायत में फगोग-रोपड़ी सिंचाई परियोजना चलाई गई तो भी इन परिवारों को परियोजना से नहीं जोड़ा गया। गांव मलांगण में जायका परियोजना के अंतर्गत वन विभाग 20 हेक्टेयर वन भूमि पर पौधरोपण, भूमि कटाव, पानी संग्रहण सहित अन्य कार्य करेगा। इसमें पिपलूघाट व जोहड़ की सरकारी भूमि को नहीं लिया गया। उन्होंने संबंधित विभाग से मांग की है कि पिपलूघाट व जोहड़ को भी उपरोक्त परियोजना में शामिल किया जाए। इस संदर्भ में बीओ गोचर ज्ञान चंद ने कहा कि मलांगण में जायका परियोजना के अंतर्गत वन विभाग कार्य करेगा लेकिन शुक्र खड्ड के पार पिपलूघाट व जोहड़ इस बीट में नहीं आते।
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धीमान ने बताया कि गांव मलांगण में जायका की ओर से सिंचाई परियोजना चलाई गई तो यह कहा गया कि जोहड़ व पिपलूघाट खड्ड के पार हैं। इनको इस स्कीम से नहीं जोड़ा जा सकता है। जब बलोह पंचायत में फगोग-रोपड़ी सिंचाई परियोजना चलाई गई तो भी इन परिवारों को परियोजना से नहीं जोड़ा गया। गांव मलांगण में जायका परियोजना के अंतर्गत वन विभाग 20 हेक्टेयर वन भूमि पर पौधरोपण, भूमि कटाव, पानी संग्रहण सहित अन्य कार्य करेगा। इसमें पिपलूघाट व जोहड़ की सरकारी भूमि को नहीं लिया गया। उन्होंने संबंधित विभाग से मांग की है कि पिपलूघाट व जोहड़ को भी उपरोक्त परियोजना में शामिल किया जाए। इस संदर्भ में बीओ गोचर ज्ञान चंद ने कहा कि मलांगण में जायका परियोजना के अंतर्गत वन विभाग कार्य करेगा लेकिन शुक्र खड्ड के पार पिपलूघाट व जोहड़ इस बीट में नहीं आते।
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