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लंगर हॉल का फूड एंड सेफ्टी सहायक आयुक्त ने किया निरीक्षण
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श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। स्वास्थ्य विभाग बिलासपुर का फूड एंड सेफ्टी विंग प्रतिदिन दुकानों का निरीक्षण कर रहा है। फूड एंड सेफ्टी सहायक आयुक्त बिलासपुर महेश कश्यप ने अपनी टीम के साथ नयनादेवी जी विस क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने सबसे पहले मां नयनादेवी जी में लंगर हॉल में बन रहे खाने की व्यवस्थाएं जांचीं। हालांकि श्रद्धालुओं के लिए लंगर सुविधा आगामी आदेशों पर बंद की गई है। लेकिन यहां ड्यूटी दे रहे पुलिस कर्मियों सहित होमगार्ड और अन्य लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था है। निरीक्षण के दौरान यहां पर सारी व्यवस्थाएं सही पाई गईं। सफाई व्यवस्था भी सही थी। इसके लिए सहायक आयुक्त ने मंदिर न्यास के प्रयासों को सराहा। सहायक आयुक्त महेश कश्यप ने बताया कि ग्वालथाई इंडस्टी एरिया का भी निरीक्षण किया गया। यहां पर फ्लोर मिल की व्यवस्थाएं जांचीं और दस्तावेज चेक किए गए। कमियों को दूर करने के आदेश जारी किए गए हैं। अगर फिर भी यह व्यवस्थाओं पर सुधार नहीं करते हैं तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पंजाब और हिमाचल की सीमा पर भाखड़ा क्षेत्र की मछली मार्केट का भी निरीक्षण किया। कुछ दुकानों में गंदगी पाई गई। उन्होंने बताया कि इन दुकानदारों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। अगर फिर भी यहां पर सफाई व्यवस्था नहीं सुधरी तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
गौर रहे कि केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए फूड सेफ्टी एक्ट के तहत लाइसेंस न लेने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। एक बार चेतावनी देने के बाद खाद्य पदार्थ विक्रेता को पांच लाख रुपये तक का जुर्माना और छह माह की कैद की सजा हो सकती है।
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गौर रहे कि केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए फूड सेफ्टी एक्ट के तहत लाइसेंस न लेने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। एक बार चेतावनी देने के बाद खाद्य पदार्थ विक्रेता को पांच लाख रुपये तक का जुर्माना और छह माह की कैद की सजा हो सकती है।
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