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Bilaspur News: लंबित शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय ने दिए जांच, कार्रवाई के निर्देश
Wed, 24 Sep 2025 11:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 24 Sep 2025 11:03 PM IST
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ग्राम पंचायतों में लंबित शिकायतों पर अधिकारियों के सुस्त रवैये पर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले की कुछ ग्राम पंचायतों में लंबित शिकायतों और स्थानीय अधिकारियों के सुस्त रवैये को लेकर सरकार ने नाराजगी जताई है। विशेष सचिव, कार्यालय मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश शिमला ने एक शिकायत पर संज्ञान लेते हुए निदेशक पंचायती राज विभाग से मामले की तत्काल जांच कर कार्यालय को नियमानुसार अवगत कराने का निर्देश दिया।
उप निदेशक पंचायती राज विभाग शिमला ने भी जिला प्रशासन को मामले से अवगत कराने का आग्रह किया। इन दोनों पत्रों की प्रतिलिपियां प्रार्थी और जिला पंचायत अधिकारी को भी प्रेषित की गई हैं। जिला पंचायत अधिकारी बिलासपुर, जिला विकास अधिकारी और अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर के कार्यालय में ग्राम पंचायत रोहिण, बकरोआ और औहर की विभिन्न शिकायतें लंबित हैं। इनमें विशेष रूप से कामन सर्विस सेंटर ग्राम पंचायत बकरोआ, इसी पंचायत में लगभग 60 हजार रुपये की लागत से लगे सीसीटीवी कैमरों से संबंधित शिकायतें शामिल हैं। बकरोआ पंचायत में ही मनरेगा की रिकवरी और एफआईआर दर्ज करने का मामला खंड विकास अधिकारी कार्यालय में विचाराधीन है। वहीं, शिकायत है कि ग्राम पंचायत औहर के उप प्रधान के खिलाफ कार्रवाई का मामला तीन महीनों से लंबित है। ग्राम पंचायत रोहिण के प्रधान व साबका प्रधान ने कीरतपुर–नेरचौक सड़क निर्माण में आए मकान का मुआवजा आवंटन करने के बाद मौके पर न होने की शिकायत भी लंबित है। शिकायत में लिखा है कि अधिकारियों द्वारा जानबूझकर जांच प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है और दोषी जनप्रतिनिधियों को आगामी चुनावों में संरक्षण दिया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री कार्यालय और उप निदेशक ने अब मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
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बिलासपुर। जिले की कुछ ग्राम पंचायतों में लंबित शिकायतों और स्थानीय अधिकारियों के सुस्त रवैये को लेकर सरकार ने नाराजगी जताई है। विशेष सचिव, कार्यालय मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश शिमला ने एक शिकायत पर संज्ञान लेते हुए निदेशक पंचायती राज विभाग से मामले की तत्काल जांच कर कार्यालय को नियमानुसार अवगत कराने का निर्देश दिया।
उप निदेशक पंचायती राज विभाग शिमला ने भी जिला प्रशासन को मामले से अवगत कराने का आग्रह किया। इन दोनों पत्रों की प्रतिलिपियां प्रार्थी और जिला पंचायत अधिकारी को भी प्रेषित की गई हैं। जिला पंचायत अधिकारी बिलासपुर, जिला विकास अधिकारी और अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर के कार्यालय में ग्राम पंचायत रोहिण, बकरोआ और औहर की विभिन्न शिकायतें लंबित हैं। इनमें विशेष रूप से कामन सर्विस सेंटर ग्राम पंचायत बकरोआ, इसी पंचायत में लगभग 60 हजार रुपये की लागत से लगे सीसीटीवी कैमरों से संबंधित शिकायतें शामिल हैं। बकरोआ पंचायत में ही मनरेगा की रिकवरी और एफआईआर दर्ज करने का मामला खंड विकास अधिकारी कार्यालय में विचाराधीन है। वहीं, शिकायत है कि ग्राम पंचायत औहर के उप प्रधान के खिलाफ कार्रवाई का मामला तीन महीनों से लंबित है। ग्राम पंचायत रोहिण के प्रधान व साबका प्रधान ने कीरतपुर–नेरचौक सड़क निर्माण में आए मकान का मुआवजा आवंटन करने के बाद मौके पर न होने की शिकायत भी लंबित है। शिकायत में लिखा है कि अधिकारियों द्वारा जानबूझकर जांच प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है और दोषी जनप्रतिनिधियों को आगामी चुनावों में संरक्षण दिया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री कार्यालय और उप निदेशक ने अब मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
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