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Bilaspur News: मटयाल पुल के पास एकांत में छोड़े जा रहे बैल और बछड़े
Sun, 15 Mar 2026 11:04 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 15 Mar 2026 11:04 PM IST
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ग्रामीणों में जताया रोष, प्रशासन से उठाई कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत पटेर और लंझता के बीच स्थित मटयाल पुल के पास एकांत स्थान पर रात के समय गाड़ियों में भरकर बैल और छोटे-छोटे बछड़ों को छोड़ने का मामला सामने आया है। इस घटना से क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी रोष देखा जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत के पूर्व प्रधान सुरेश कुमार ने बताया कि कुछ लोग बाहरी क्षेत्रों से बैल और छोटे बछड़ों को वाहनों में भरकर यहां छोड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्य अक्सर रात के समय किया जा रहा है, जिससे इन लोगों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इन लावारिस पशुओं के कारण क्षेत्र में किसानों की गेहूं की फसल को भारी नुकसान हो रहा है। खेतों में घुसकर ये पशु फसलों को पूरी तरह नष्ट कर रहे हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। सुरेश कुमार ने इस कार्य में शामिल लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी लोग इस तरह से पशुओं को यहां छोड़ने का काम कर रहे हैं, वे तुरंत इस हरकत से बाज आएं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि इन क्षेत्रों में नियमित रूप से पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, ताकि रात के समय इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। साथ ही उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जो लोग इस तरह से पशुओं को छोड़कर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत पटेर और लंझता के बीच स्थित मटयाल पुल के पास एकांत स्थान पर रात के समय गाड़ियों में भरकर बैल और छोटे-छोटे बछड़ों को छोड़ने का मामला सामने आया है। इस घटना से क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी रोष देखा जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत के पूर्व प्रधान सुरेश कुमार ने बताया कि कुछ लोग बाहरी क्षेत्रों से बैल और छोटे बछड़ों को वाहनों में भरकर यहां छोड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्य अक्सर रात के समय किया जा रहा है, जिससे इन लोगों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इन लावारिस पशुओं के कारण क्षेत्र में किसानों की गेहूं की फसल को भारी नुकसान हो रहा है। खेतों में घुसकर ये पशु फसलों को पूरी तरह नष्ट कर रहे हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। सुरेश कुमार ने इस कार्य में शामिल लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी लोग इस तरह से पशुओं को यहां छोड़ने का काम कर रहे हैं, वे तुरंत इस हरकत से बाज आएं।
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ग्रामीणों ने प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि इन क्षेत्रों में नियमित रूप से पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, ताकि रात के समय इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। साथ ही उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जो लोग इस तरह से पशुओं को छोड़कर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
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