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Bilaspur News: बिलासपुर को केंद्र और राज्य सरकार में मिला नेतृत्व
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा के नेतृत्व में एम्स के निर्माण को मिली गति
राजेश धर्माणी को मिली तकनीकी शिक्षा, शहरी विकास की बागडोर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। साल 2024 में बिलासपुर को राजनीति के क्षेत्र में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर का नेतृत्व मिला। केंद्र में जगत प्रकाश नड्डा और प्रदेश सरकार में राजेश धर्माणी को मंत्री पद मिलने के बाद जिले में विकास की उम्मीदें जगी हैं। दोनों नेताओं के प्रयासों से बिलासपुर में स्वास्थ्य, तकनीकी शिक्षा और शहरी विकास में बेहतर बदलाव लाने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
नड्डा के स्वास्थ्य मंत्रालय में आने के बाद एम्स बिलासपुर के निर्माण को गति मिली। एम्स का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है। वहीं, दूसरे चरण पर काम शुरू किया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से मिलने वाले संसाधनों और मदद से बिलासपुर एम्स में उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाओं में बढ़ोतरी होगी, जो न केवल इस क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान साबित होगी, बल्कि आस-पास के ग्रामीण इलाकों के लिए भी चिकित्सा सुविधा का विस्तार करेगी।
नड्डा ने केंद्र में रहते हुए शुरू से ही एम्स बिलासपुर को प्राथमिकता दी है। लेकिन 2024 में केंद्रीय मंत्री बनने के बाद एम्स बिलासपुर के प्रोजेक्ट को और ज्यादा प्राथमिकता दी गई है। इस दिशा में कई प्रशासनिक अड़चनों को दूर कर दिया गया। साथ ही मेडिकल कॉलेज, अस्पतालों और हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के उन्नयन के लिए केंद्र से अधिक फंडिंग जारी की जा रही है। इस संस्थान का लाभ बिलासपुर सहित प्रदेश और आसपास के राज्यों में रहने वाले लाखों लोगों को मिलेगा। इससे स्वास्थ्य ढांचे में सुधार आएगा।
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प्रदेश की कांग्रेस सरकार में राजेश धर्माणी के मंत्री बनने से तकनीकी शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और शहरी एवं ग्रामीण नियोजन के क्षेत्र में बदलाव आ रहा है। इस साल बिलासपुर को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का रास्ता साफ हुआ है। जिले को इनके नेतृत्व में स्वारघाट और झंडूता दो नगर पंचायतें मिलीं। तकनीकी शिक्षा में सुधार के लिए प्रदेश सरकार के समक्ष कई अहम प्रस्ताव रखे हैं। इसके अलावा कौशल प्रशिक्षण को राज्य की मुख्य प्राथमिकता में रखा गया है, जिससे युवाओं को ऐसे प्रशिक्षण मिल सकें जो उन्हें बाजार में उच्च मांग वाले पेशों में निपुण बना सकें।
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राजेश धर्माणी को मिली तकनीकी शिक्षा, शहरी विकास की बागडोर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। साल 2024 में बिलासपुर को राजनीति के क्षेत्र में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर का नेतृत्व मिला। केंद्र में जगत प्रकाश नड्डा और प्रदेश सरकार में राजेश धर्माणी को मंत्री पद मिलने के बाद जिले में विकास की उम्मीदें जगी हैं। दोनों नेताओं के प्रयासों से बिलासपुर में स्वास्थ्य, तकनीकी शिक्षा और शहरी विकास में बेहतर बदलाव लाने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
नड्डा के स्वास्थ्य मंत्रालय में आने के बाद एम्स बिलासपुर के निर्माण को गति मिली। एम्स का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है। वहीं, दूसरे चरण पर काम शुरू किया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से मिलने वाले संसाधनों और मदद से बिलासपुर एम्स में उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाओं में बढ़ोतरी होगी, जो न केवल इस क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान साबित होगी, बल्कि आस-पास के ग्रामीण इलाकों के लिए भी चिकित्सा सुविधा का विस्तार करेगी।
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नड्डा ने केंद्र में रहते हुए शुरू से ही एम्स बिलासपुर को प्राथमिकता दी है। लेकिन 2024 में केंद्रीय मंत्री बनने के बाद एम्स बिलासपुर के प्रोजेक्ट को और ज्यादा प्राथमिकता दी गई है। इस दिशा में कई प्रशासनिक अड़चनों को दूर कर दिया गया। साथ ही मेडिकल कॉलेज, अस्पतालों और हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के उन्नयन के लिए केंद्र से अधिक फंडिंग जारी की जा रही है। इस संस्थान का लाभ बिलासपुर सहित प्रदेश और आसपास के राज्यों में रहने वाले लाखों लोगों को मिलेगा। इससे स्वास्थ्य ढांचे में सुधार आएगा।
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प्रदेश की कांग्रेस सरकार में राजेश धर्माणी के मंत्री बनने से तकनीकी शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और शहरी एवं ग्रामीण नियोजन के क्षेत्र में बदलाव आ रहा है। इस साल बिलासपुर को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का रास्ता साफ हुआ है। जिले को इनके नेतृत्व में स्वारघाट और झंडूता दो नगर पंचायतें मिलीं। तकनीकी शिक्षा में सुधार के लिए प्रदेश सरकार के समक्ष कई अहम प्रस्ताव रखे हैं। इसके अलावा कौशल प्रशिक्षण को राज्य की मुख्य प्राथमिकता में रखा गया है, जिससे युवाओं को ऐसे प्रशिक्षण मिल सकें जो उन्हें बाजार में उच्च मांग वाले पेशों में निपुण बना सकें।