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Bilaspur News: संस्कार संस्था के चिट्टा जागरुकता अभियान में सजी कवियों की महफिल

Sun, 02 Mar 2025 11:21 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 02 Mar 2025 11:21 PM IST
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A gathering of poets decorated in Chitta awareness campaign of Sanskar Sanstha
घुमारवीं में आयोजित कवि सम्मेलन में मौजूद कवि। संवाद
-कविताओं के माध्यम से चिट्टा के प्रति किया जागरूक
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-कैसे भी लगी हो लत, काउंसलिंग कर बच्चों को बचाना जरूरी : महेंद्र धर्माणी

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा के तहत संस्कार सोसायटी घुमारवीं की ओर से रैन बसेरा में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में जिले भर के कवियों ने भाग लिया और प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में वरिष्ठ लेखक कुलदीप चंदेल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
सम्मेलन में जिले के प्रख्यात और युवा कवियों ने भाग लिया और कविताओं के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। कवियों ने नाम ही है चिट्टा काम है काले, माता पिता क्या करे जब हर जगह पहुंच रहा चिट्टा, ढाई इंच की सिरिंज से युवा खून को बना रहे पानी, नशे से दुखने लगी हड्डियां, मत फंसा इस चिट्टा रे नशा नहीं तो हो जाना बर्बाद, चिट्टे नो न लगायो हथ मेरे युवा साथियों, उड़ता पंजाब कब बन गया शांत हिमाचल मेरा, चिट्टा-चिट्टा गलि मोहले च बिकदा तस्कर बेची बेची नी रजदा, फि टे मुह चिटुआ, नशा मुक्त अभियान चलाकर चिट्टा नामक राक्षस को भगाना है, शर्म करो चिट्टे रे बपारिओ पुडिय़ा च मत बेचो मौत, मौत रे बपारिया जो चक्के भगवान, चिट्टे के खिलाफ है समाज में अलख जगाना है, बच्चा अपना हो या पराया सब को बचाना है, चिट्टा है मीठा जहर, चिट्टे रे नशे ज्यूंदे ही मारे, किने बगाड़े मारे गबरू आदि कविताएं प्रस्तुत की।
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संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने कहा कि चिट्टे से आज हमारे बच्चे ऐसे मर रहे हैं, जैसे पेड़ से पत्ते झड़ रहे हों। चिट्टा के नशे में फंस चुके बच्चों को काउंसलिंग की मदद से बाहर निकालने का काम करना होगा, तभी हमारी युवा पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की हालत दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। अब भाषण से काम नहीं चलेगा। बच्चों को चाहे शौक में या दोस्तों ने चिट्टा पिलाया हो उसके बारे में हमें धारणा बदलनी पड़ेगी। हमें उसकी काउंसलिंग करनी होगी और बच्चों को ऐसा माहौल देना होगा कि वह अपनी दिनचर्या की हर बात अपने माता-पिता से साझा करें। उन्होंने बताया कि संस्था पिछले डेढ़ साल से घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा अभियान को निरंतर चला रही है।
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संस्था घुमारवीं के पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों और गांव-गांव में जाकर जागरूकता का कार्यक्रम कर रही है। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से घुमारवीं में 10 हजार लोगों से प्रत्यक्ष संवाद और संपर्क करने का काम किया गया। मुख्यातिथि कुलदीप चंदेल ने कहा कि संस्कार संस्था जैसी संस्थाओं की समाज को बहुत जरूरत है। देश के युवा को नशे से खोखला करने के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ हो सकता है। चिट्टा सप्लायरों की चेन को तोड़ना होगा। अपने बच्चों के साथ मित्र की तरह रहें और बच्चों से दूरी बिल्कुल भी न बनाएं। इस मौके पर लेखक महासंघ के महासचिव रविंद्र शर्मा, जीवन, सुनील शर्मा, अजय शर्मा, कनिका, नैंसी ठाकुर, रचना चंदेल और राज कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।

घुमारवीं में आयोजित कवि सम्मेलन में मौजूद कवि। संवाद

घुमारवीं में आयोजित कवि सम्मेलन में मौजूद कवि। संवाद

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