{"_id":"5b34e0fc4f1c1b8c668b4644","slug":"91530192124-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘इश्क की बात करने पर धड़कने लगता है दिल’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘इश्क की बात करने पर धड़कने लगता है दिल’
Updated Thu, 28 Jun 2018 11:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। बिलासपुर प्रेस क्लब में वीरवार को अखिल भारतीय साहित्यिक परिषद एवं कहलूर सांस्कृतिक परिषद के संयुक्त तत्वावधान में कबीर जयंती पर संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघचालक इंद्र सिंह डोगरा मुख्यातिथि रहे। इस दौरान सीआरपीएफ के सेवानिवृत्त कमांडेंट सुरेंद्र शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
विज्ञापन
मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की संचालिका स्नेहलता को महिला खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसमें बबीता ठाकुर, ज्योति, शिवानी, शैलजा शर्मा, शिवानी गौतम तथा दीपशिखा आदि शामिल रहीं। अखिल भारतीय साहित्यिक परिषद के जिला प्रधान कुलदीप चंदेल ने कहा कि जो सबका हित देखे, वह साहित्य होता है।
विज्ञापन
दूसरे सत्र में कवि गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें डॉ. जय नारायण कश्यप ने दरार दिल में हो, समाज परिवार में हो, सुहाती नहीं.. , जीत राम सुमन ने इक बार मैं सुखी जातरा संजु खातिर..., रवि सांख्यान ने जात पात छड़ी, प्यारा दी देंदे दुहाई..., सुरेंद्र सुमन ने विद्या चंद ठाकुर पर लिखा पहाड़ी गीत सुनाया। ओंकार कपिल ने तारीख तथा प्रदीप गुप्ता ने सागर सरहदी फिल्म निर्माता व निर्देशक बारे पत्र वाचन किया। विनय शंकर ने जब कोई बात इश्क की करता है, दिल मेरा धड़कने लगता है..., शिव पाल गर्ग ने तेरे जोगे होई जाईऐ , असे गए थे कमाणे, अटी के आए किसी नी पछायणे ..., हुसैन अली ने सुरती करो मेरे साईयां ...., रतन चंद निर्झर ने मैं शब्दों का कारीगर, शब्दों के महल बनाता हूं..., कुलदीप चंदेल ने गांवां रियां सिधियां सादियां कुड़ियां कविता पेश कर मन मोह लिया।
विज्ञापन