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सर्किट हाउस में मिला डेंगू का लारवा
Updated Sat, 28 Jul 2018 11:05 PM IST
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- फोटो : amarujala
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बिलासपुर। बिलासपुर शहर में इस समय डेंगू का मच्छर भिनभिना रहा है। अभी भी लोग पूरी तरह से मच्छरों के पैदा होने को लेकर जागरूक नहीं है। मुख्यमंत्री, मंत्रियों व अन्य वशिष्ठ अतिथियों के रहने के लिए बनाए गए सर्किट हाउस में भी डेंगू के मच्छर व लारवा पाए गए हैं। यह मच्छर व लारवा सर्किट हाउस में बाहर बैठने के लिए बनाए गए लॉन में रखे गए गमलों में पानी के बीच मिले हैं। इससे एक बात को साफ हो गई है कि प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग जीतने मर्जी जागरूकता फैलाने के दावे कर ले, लेकिन डेंगू का मच्छर पनप रहा है, जो बिलासपुर शहर के लिए खतरे की घंटी है।
जब अमर उजाला ने सर्किट हाउस का दौरा किया तो पाया कि यहां पर रखे गए गमलों में बारिश का पानी एकत्रित हुआ था, जोकि काफी पुराना था। पानी के अंदर सैकड़ों की संख्या में लारवा तैर रहे थे, जबकि कुछ लारवा प्यूपा बनकर मच्छर बनने की अंतिम स्टेज पर थे। पानी के ऊपर मच्छर अंडे दे रहे थे। इससे एक बात तो जाहिर हो चुकी है कि पूरे शहर में इस समय डेंगू का मच्छर अपना साम्राज्य बना चुका है। जबकि रौड़ा सेक्टर के भी विभिन्न घरों में रखे पानी के बर्तनों में डेंगू के मच्छर मिले हैं। पानी की टंकियों में डेंगू का लारवा पनप रहा है। सर्किट हाउस में रोजाना लोगों का आनाजाना लगा रहता है। जबकि सर्किट हाउस कोर्ट परिसर के साथ सटा हुआ है। उसके साथ ही उपायुक्त कार्यालय भी है। ऐसे में सवाल उठता है कि जिले में डेंगू के 200 से ज्यादा मामले पहुंच जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से ऐसी लापरवाही क्यों बरती जा रही है। जब सरकारी विश्राम गृहों व सरकारी कार्यालयों के पास ही डेंगू के मच्छर व लारवा मिल रहे हैं, तो शहर के लोगों को कैसे डेंगू से बचाया जा सकता है।
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जब अमर उजाला ने सर्किट हाउस का दौरा किया तो पाया कि यहां पर रखे गए गमलों में बारिश का पानी एकत्रित हुआ था, जोकि काफी पुराना था। पानी के अंदर सैकड़ों की संख्या में लारवा तैर रहे थे, जबकि कुछ लारवा प्यूपा बनकर मच्छर बनने की अंतिम स्टेज पर थे। पानी के ऊपर मच्छर अंडे दे रहे थे। इससे एक बात तो जाहिर हो चुकी है कि पूरे शहर में इस समय डेंगू का मच्छर अपना साम्राज्य बना चुका है। जबकि रौड़ा सेक्टर के भी विभिन्न घरों में रखे पानी के बर्तनों में डेंगू के मच्छर मिले हैं। पानी की टंकियों में डेंगू का लारवा पनप रहा है। सर्किट हाउस में रोजाना लोगों का आनाजाना लगा रहता है। जबकि सर्किट हाउस कोर्ट परिसर के साथ सटा हुआ है। उसके साथ ही उपायुक्त कार्यालय भी है। ऐसे में सवाल उठता है कि जिले में डेंगू के 200 से ज्यादा मामले पहुंच जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से ऐसी लापरवाही क्यों बरती जा रही है। जब सरकारी विश्राम गृहों व सरकारी कार्यालयों के पास ही डेंगू के मच्छर व लारवा मिल रहे हैं, तो शहर के लोगों को कैसे डेंगू से बचाया जा सकता है।
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