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Bilaspur News: जिले में बारिश से क्षतिग्रस्त हुए 33 मकान और 40 गोशालाएं

Wed, 17 Sep 2025 11:35 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Wed, 17 Sep 2025 11:35 PM IST
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33 houses and 40 cow shelters damaged by rain in the district
घुमारवीं के सनौर में क्षतिग्रस्त हुई गोशाला। संवाद
सनौर में गोशाला से मवेशियों को बाहर निकालते व्यक्ति हुआ घायल
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खेरीं गांव में खाना बना रही महिला पर गिरा मलबा, बाल-बाल बची

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/घुमारवीं/भराड़ी। जिले में बारिश का दौर जारी है। बारिश से पिछले 24 घंटे में 23 पक्के मकान, 10 कच्चे मकान और 40 गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा छह रसोई, एक स्टोर और एक दुकान कोभी नुकसान पहुंचा है।
जिले में हो रही बारिश से भूस्खलन होने से 14 सड़कें बंद हैं। उधर, उपमंडल घुमारवीं के गांव सनौर में मंगलवार देर रात को एक गोशाला ढह गई। गोशाला से मवेशियों को निकालते हुए एक व्यक्ति घायल हो गया। सनौर गांव के कश्मीर सिंह की गोशाला की दीवारें मंगलवार रात को गिरने लगीं, जिससे गोशाला में बंधे मवेशियों की जान पर खतरा मंडराने लगा। दीवार से पत्थर गिरने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इस बीच गांव के ही नरेंद्र कुमार ने हिम्मत दिखाते हुए गोशााला के अंदर से गाय को बाहर निकाला। हालांकि, इस कोशिश में उन्हें चोटें भी आईं, लेकिन समय रहते मवेशियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। कश्मीर सिंह का कहना है कि पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी गोशाला को दोबारा बनवाना अब उनके लिए बड़ी आर्थिक चुनौती है। गरीब तबके से जुड़े होने के कारण उन्होंने सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। उधर, उप तहसील भराड़ी की भपराल पंचायत के खेरीं गांव में एक मकान धराशायी हो गया।
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मकान मालिक अमरनाथ ने बताया कि उसके पास दो कमरों का स्लेटपोश मकान था। उसके साथ पत्नी, बेटा और बेटी रहते हैं। ऊपर वाले कमरे में खाना बनाते हैं जबकि नीचे वाले कमरे वह और उसका परिवार रहता था। आजकल बेटा चंडीगढ़? में पढ़ने गया है। घटना के दौरान बेटी और पत्नी के साथ घर पर मौजूद था। शाम को जब पत्नी खाना बना रही तो अचानक मकान की दीवारें गिरने लगी। देखते ही देखते स्लेटपोश मकान की छत भी धराशायाी हो गई। पत्नी भी मलबे में दब गई। कड़ी मशक्कत के बाद उसे निकाला गया, जिसके बाद भराड़ी अस्पताल में उपचार दिलाया गया। मलबे में राशन, सिलिंडर सहित अन्य सामान दब गया। गरीब परिवार के पास महज दो ही कमरे रहने को थे। दोनों ही ढह गए। ऐसे में अब यह परिवार दूसरे के मकान में रह रहे हैं। अमरनाथ ने बताया कि बुधवार को हल्का पटवारी मौके पर पहुंचे और नुकसान की रिपोर्ट बनाई। सामान अभी भी मलबे में दबा है। कुछ सामान निकाल लिया गया है। प्रशासन की तरफ से एक तिरपाल तक मिल जाता तो मलबे में दबे सामान को निकालकर सुरक्षित रख लेते। अमरनाथ ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसकी मदद की जाए। उधर, एसडीएम घुमारवी गौरव चौधरी ने बताया कि पीड़ित परिवार की हर संभव सहायता की जाएगी। वीरवार को अधिकारी मौके पर जाएंगे। जरूरी सामान परिवार को दिया जाएगा।

घुमारवीं के सनौर में क्षतिग्रस्त हुई गोशाला। संवाद

घुमारवीं के सनौर में क्षतिग्रस्त हुई गोशाला। संवाद

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