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मुख्यमंत्री से मिला स्कूल प्रवक्ता संघ का प्रतिनिधिमंडल
Updated Fri, 05 Jan 2018 11:07 PM IST
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बरठीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से मिला। संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का कर्मचारियों को तीन प्रतिशत डीए देने के लिए आभार प्रकट किया।
संघ के जिला महासचिव राकेश भारद्वाज ने बताया कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को एक मांगपत्र सौंप कर प्रवक्ताओं से जुड़े मुद्दों को शीघ्र हल करने की मांग की गई।
उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने प्रवक्ताओं की मांगों की अनदेखी की। लेकिन वर्तमान सरकार ने सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि मांगपत्र में पीजीटी को लेक्चरर पदनाम दिया जाना प्रमुख रूप से शामिल है। उन्होंने कहा कि पीजीटी व लेक्चरर एक ही पद पर शिक्षक दो अलग-अलग नामों से कार्य कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में नियुक्त शिक्षकों को लेक्चरर पदनाम देकर नियुक्ति पत्र दिया गया था। वर्तमान में उन्हें पीजीटी पदनाम पर नियमित किया जाना कतई तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से तमाम वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में वाइस प्रिंसिपल का पद दिए जाने की मांग भी की गई। इसके अलावा पुरानी पेंशन बहाल किए जाने का मामला भी उठाया गया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 के बाद शिक्षा विभाग में लगे शिक्षकों को पुरानी पेंशन से वंचित रखा गया है। उन्होंने नई पेंशन स्कीम को बहाल करने की मांग की है। इस मौके पर संघ के मुख्य सलाहकार सुनील दत्त शर्मा, राज्य सदस्य हेमराज शर्मा, संचालन समिति सदस्य प्रीतम राज सांख्यान, वित्त सचिव सतीश महाजन, सोहन लाल, राजेश सहित अन्य मौजूद रहे।
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संघ के जिला महासचिव राकेश भारद्वाज ने बताया कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को एक मांगपत्र सौंप कर प्रवक्ताओं से जुड़े मुद्दों को शीघ्र हल करने की मांग की गई।
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उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने प्रवक्ताओं की मांगों की अनदेखी की। लेकिन वर्तमान सरकार ने सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि मांगपत्र में पीजीटी को लेक्चरर पदनाम दिया जाना प्रमुख रूप से शामिल है। उन्होंने कहा कि पीजीटी व लेक्चरर एक ही पद पर शिक्षक दो अलग-अलग नामों से कार्य कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में नियुक्त शिक्षकों को लेक्चरर पदनाम देकर नियुक्ति पत्र दिया गया था। वर्तमान में उन्हें पीजीटी पदनाम पर नियमित किया जाना कतई तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से तमाम वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में वाइस प्रिंसिपल का पद दिए जाने की मांग भी की गई। इसके अलावा पुरानी पेंशन बहाल किए जाने का मामला भी उठाया गया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 के बाद शिक्षा विभाग में लगे शिक्षकों को पुरानी पेंशन से वंचित रखा गया है। उन्होंने नई पेंशन स्कीम को बहाल करने की मांग की है। इस मौके पर संघ के मुख्य सलाहकार सुनील दत्त शर्मा, राज्य सदस्य हेमराज शर्मा, संचालन समिति सदस्य प्रीतम राज सांख्यान, वित्त सचिव सतीश महाजन, सोहन लाल, राजेश सहित अन्य मौजूद रहे।