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वेतन दिए बिना बंद कर दी फैक्टरी, मजदूरों ने सचिवालय पहुंचे किया प्रदर्शन

Tue, 12 Feb 2019 01:43 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 12 Feb 2019 01:43 AM IST
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वेतन दिए बिना बंद कर दी फैक्टरी, मजदूरों ने सचिवालय पहुंचे किया प्रदर्शन
फैक्टरी बंद कर मजदूरों के 20 लाख रुयपे हड़पे
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। शादीपुर-खजूरी रोड स्थित एक प्लाइवुड फैक्टरी को अचानक बंद कर दिया गया। फैक्टरी को बंद होने से पहले संचालक ने कर्मचारियों और मजदूरों को उनका वेतन नहीं दिया। इससे गुस्साए कर्मचारी सोमवार को ट्रैक्टर-ट्रालियों पर सवार होकर सचिवालय में पहुंचे और डीसी को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि फैक्टरी संचालक उनके वेतन के 20 लाख रुपये नहीं दे रहा और जब वो पैसे मांगने जाते हैं तो धमकियां देता है। कर्मचारियों के समर्थन में मजदूर संघ भी आया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 12 फरवरी तक उनका वेतन नहीं मिला तो वे 13 फरवरी को फैक्टरी संचालक के घर का घेराव करेंगे। कर्मचारी गोपाल यादव, अविनाश प्रसाद, राजेश उर्फ रंजन, पवन कुमार, राजेश कुमार, निरंजन, बिरेंद्र यादव, विनोद कुमार फीटर, कृष्णा प्रेस ऑपरेटर, बाबू लाल प्रेस ऑपरेटर, मिथलेश, कमलेश्वर, सुनील कहना है कि खजूरी रोड पर एक प्लाइवुड फैक्टरी थी। परंतु बाद में इसके संचालक ने फैक्टरी को किराये पर दे दिया। बाद में इस फैक्टरी का नाम भी बदल दिया गया। वे इस फैक्टरी में फिनिशिंग, प्रेस सेक्शन, लोडिंग, अनलोडिंग, बायलर, बोर्ड सेक्शन में कार्य कर रहे थे। फैक्टरी में करीब 150 लोग काम करते थे, जिनकी अलग-अलग ट्रेड के हिसाब से वेतन था। लेकिन संचालक ने फैक्ट्री को छह फरवरी को अचानक बंद कर दिया। लेकिन उनके वेतन के 20 लाख रुपये उन्हें नहीं दिए।

शिकायत करने आए तो बीच रास्ते में रोका :
कर्मचारियों ने बताया कि जब वे शिकायत करने के लिए सचिवालय आ रहे थे तो फैक्ट्री संचालक ने पहले उन्हें कमानी चौक और फिर कन्हैया चौक पर रोक लिया। वह उनसे कहने लगा कि वे उसकी शिकायत न करें। परंतु कर्मचारी नहीं माने और सचिवालय में पहुंच गए। कर्मचारियों ने ज्ञापन देते वक्त ये आरोप भी लगाए कि जितने कर्मचारी फैक्टरी में काम करते हैं किसी का भी ईएसआई अंशदान नहीं दिया जा रहा। यदि कोई कर्मचारी ईएसआई के बारे में पूछता है तो उसे धमकी दी जाती है या फिर काम से निकाल दिया जाता है। उन्होंने मांग की है कि लेबर ऑफिसर की मौजूदगी में 12 फरवरी को उनका वेतन दिलाया जाए अन्यथा अगले दिन वे फैक्ट्री संचालक की कोठी का घेराव कर देंगे।
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