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Yamuna Nagar News: खेल नर्सरियां के लिए आवेदन 122 पर मिलीं सिर्फ तीस
Thu, 29 May 2025 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 29 May 2025 02:32 AM IST
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यमुनानगर। खेल विभाग से जिले को आवेदनों की तुलना में इस बार बहुत कम खेल नर्सरियां मिल पाई हैं। यह आवेदनों की संख्या से आधी भी नहीं है। आवेदन करने वाले जिन संस्थानों को खेल नर्सरियां नहीं मिली उन्हें विभाग से खेल नर्सरियों में मिलने वाले कोचों के मानदेय व खिलाड़ियों के डाइट खर्च जैसे लाभ नहीं मिल पाएंगे।
जानकारी के अनुसार निजी व सरकारी शिक्षण एवं पंचायती व निजी खेल संस्थानों से अपने यहां खेल नर्सरियां शुरू करने के लिए खेल विभाग ने 31 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। जिले से 122 आवेदन थे। इन आवेदनों पर विभाग से 30 खेल नर्सरियां शुरू करने की अनुमति मिली। सबसे ज्यादा एथलेटिक्स की आठ नर्सरियां हैं। हॉकी व फुटबॉल की पांच-पांच, रेस्लिंग की चार और वॉलीबॉल की दो नर्सरियां हैं। बॉक्सिंग, नेटबॉल, बास्केटबॉल, योगा, कबड्डी, कराटे की एक-एक खेल नर्सरी है।
कई संस्थान अभी भी अपने यहां विभाग से खेल नर्सरी शुरू करने की मंजूरी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, पर काफी इंतजार के बाद भी ऐसा नहीं हो पाया है। खेल नर्सरियां न मिलने पर कई संस्थान व उनके खिलाड़ी निराश हैं। एक संस्थान के प्रतिनिधि ने बताया कि खेल नर्सरियां की संख्या बढ़नी चाहिए, जिससे कम उम्र में ही खिलाड़ी निशुल्क प्रशिक्षण व डाइट खर्च पाकर खेलों के लिए तैयार हो सके। इसके विपरीत इस बार आवेदनों से बहुत कम खेल नर्सरियां मिल पाई है। विभाग को जिन संस्थानों को खेल नर्सरियां नहीं मिली, उनके आवेदनों पर दोबारा विचार करना चाहिए, जिससे ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को खेल नर्सरी योजना का लाभ मिल पाए।
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ये है योजना-
हर खेल नर्सरी में ट्रायल के जरिए 25 खिलाड़ी चयनित होते हैं। साथ ही दस खिलाड़ी अतिरिक्त सूची में रखे जाते हैं। चयनित खिलाड़ी दो वर्ग में होते हैं, जिनमें एक 8-14 और दूसरा 15-19 आयु वर्ग। दोनों आयु वर्ग के लिए विभाग से हर माह मिलने वाले डाइट खर्च अलग-अलग निर्धारित है। इन खिलाड़ियों को खेल नर्सरियां में प्रशिक्षित कोच से निशुल्क प्रशिक्षण की सुविधा मिलती है।
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वर्जन-
खेल नर्सरियां शुरू करने की अनुमति निदेशालय द्वारा दी जाती है। 30 खेल नर्सरियों की अनुमति मिली है। आगे जो भी दिशा निर्देश होंगे, उसी मुताबिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।
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जानकारी के अनुसार निजी व सरकारी शिक्षण एवं पंचायती व निजी खेल संस्थानों से अपने यहां खेल नर्सरियां शुरू करने के लिए खेल विभाग ने 31 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। जिले से 122 आवेदन थे। इन आवेदनों पर विभाग से 30 खेल नर्सरियां शुरू करने की अनुमति मिली। सबसे ज्यादा एथलेटिक्स की आठ नर्सरियां हैं। हॉकी व फुटबॉल की पांच-पांच, रेस्लिंग की चार और वॉलीबॉल की दो नर्सरियां हैं। बॉक्सिंग, नेटबॉल, बास्केटबॉल, योगा, कबड्डी, कराटे की एक-एक खेल नर्सरी है।
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कई संस्थान अभी भी अपने यहां विभाग से खेल नर्सरी शुरू करने की मंजूरी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, पर काफी इंतजार के बाद भी ऐसा नहीं हो पाया है। खेल नर्सरियां न मिलने पर कई संस्थान व उनके खिलाड़ी निराश हैं। एक संस्थान के प्रतिनिधि ने बताया कि खेल नर्सरियां की संख्या बढ़नी चाहिए, जिससे कम उम्र में ही खिलाड़ी निशुल्क प्रशिक्षण व डाइट खर्च पाकर खेलों के लिए तैयार हो सके। इसके विपरीत इस बार आवेदनों से बहुत कम खेल नर्सरियां मिल पाई है। विभाग को जिन संस्थानों को खेल नर्सरियां नहीं मिली, उनके आवेदनों पर दोबारा विचार करना चाहिए, जिससे ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को खेल नर्सरी योजना का लाभ मिल पाए।
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ये है योजना-
हर खेल नर्सरी में ट्रायल के जरिए 25 खिलाड़ी चयनित होते हैं। साथ ही दस खिलाड़ी अतिरिक्त सूची में रखे जाते हैं। चयनित खिलाड़ी दो वर्ग में होते हैं, जिनमें एक 8-14 और दूसरा 15-19 आयु वर्ग। दोनों आयु वर्ग के लिए विभाग से हर माह मिलने वाले डाइट खर्च अलग-अलग निर्धारित है। इन खिलाड़ियों को खेल नर्सरियां में प्रशिक्षित कोच से निशुल्क प्रशिक्षण की सुविधा मिलती है।
वर्जन-
खेल नर्सरियां शुरू करने की अनुमति निदेशालय द्वारा दी जाती है। 30 खेल नर्सरियों की अनुमति मिली है। आगे जो भी दिशा निर्देश होंगे, उसी मुताबिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।