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Sonipat News: फैक्टरी से टैंकर में भरकर बिना सोधित पानी भेज रहे थे बाहर
Wed, 14 May 2025 01:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 14 May 2025 01:45 AM IST
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फोटो :15: सोनीपत के गांव कामी स्थित फैक्टरी के बाहर जांच के लिए रोका गया ट्रैक्टर-टैंकर व खड़ी प
- फोटो : Samvad
सोनीपत। गांव कामी स्थित फोमर सीवी ब्रेक इंडिया कंपनी पर हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने पर्यावरण नियमों की अवहेलना का मामला पकड़ा है। फैक्टरी से बिना शोधित किए दूषित पानी टैंकर में भरकर बाहर भेजा जा रहा था। बोर्ड की टीम ने सैंपल लिए हैं।
मंगलवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक पर्यावरण इंजीनियर रविंद्र यादव के नेतृत्व में कार्रवाई हुई। रविंद्र यादव ने खुद फैक्टरी के बाहर बैठकर निगरानी की और जब टैंकर फैक्टरी से बाहर आया तो छापा डाला। छापे में यह सामने आया कि दूषित पानी को शोधित किए बिना उसे टैंकर में भरकर बाहर भेजा गया था। बोर्ड की टीम ने मौके से पानी के सैंपल भी लिए हैं। उसे जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्राथमिक जांच में यह भी मिला है कि फैक्टरी में मौजूद इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) या तो बंद था या ठीक से संचालित नहीं किया जा रहा था। इससे आशंका है कि फैक्टरी लंबे समय से बिना शोधित औद्योगिक अपशिष्ट को बाहर निकाल रही है। इससे पर्यावरण और जल स्रोतों को नुकसान पहुंच सकता है। रिपोर्ट आने के बाद कंपनी पर जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल कंपनी के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई : एईई
सहायक पर्यावरण अभियंता रविंद्र यादव ने बताया कि मंगलवार को वह नियमित जांच पर निकले थे। उन्होंने देखा कि कामी में फोमर सीवी ब्रेक इंडिया कंपनी में एक टैंकर जा रहा था। आशंका हुई की दूषित पानी को बिना ट्रीट किए बाहर भेजा जा रहा है। उन्होंने छिपकर निगरानी की और टैंकर के बाहर आते ही छापा डाला। पानी के सैंपल लिए हैं। अगर रिपोर्ट में पानी मानकों से नीचे पाया गया तो संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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मंगलवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक पर्यावरण इंजीनियर रविंद्र यादव के नेतृत्व में कार्रवाई हुई। रविंद्र यादव ने खुद फैक्टरी के बाहर बैठकर निगरानी की और जब टैंकर फैक्टरी से बाहर आया तो छापा डाला। छापे में यह सामने आया कि दूषित पानी को शोधित किए बिना उसे टैंकर में भरकर बाहर भेजा गया था। बोर्ड की टीम ने मौके से पानी के सैंपल भी लिए हैं। उसे जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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प्राथमिक जांच में यह भी मिला है कि फैक्टरी में मौजूद इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) या तो बंद था या ठीक से संचालित नहीं किया जा रहा था। इससे आशंका है कि फैक्टरी लंबे समय से बिना शोधित औद्योगिक अपशिष्ट को बाहर निकाल रही है। इससे पर्यावरण और जल स्रोतों को नुकसान पहुंच सकता है। रिपोर्ट आने के बाद कंपनी पर जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल कंपनी के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई : एईई
सहायक पर्यावरण अभियंता रविंद्र यादव ने बताया कि मंगलवार को वह नियमित जांच पर निकले थे। उन्होंने देखा कि कामी में फोमर सीवी ब्रेक इंडिया कंपनी में एक टैंकर जा रहा था। आशंका हुई की दूषित पानी को बिना ट्रीट किए बाहर भेजा जा रहा है। उन्होंने छिपकर निगरानी की और टैंकर के बाहर आते ही छापा डाला। पानी के सैंपल लिए हैं। अगर रिपोर्ट में पानी मानकों से नीचे पाया गया तो संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।