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Sonipat News: जमीन के लिए अटके रिठाला-बवाना-नरेला-कुंडली मेट्रो प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी
Thu, 18 Dec 2025 01:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 18 Dec 2025 01:35 AM IST
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फोटो 11: रिठाला-कुंडली मेट्रो लाइन का नक्शा।
सोनीपत। दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तहत प्रस्तावित रिठाला-बवाना-नरेला-कुंडली मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की भूमि को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) को सौंपने को मंजूरी दे दी है। जमीन की वजह से अटकी परियोजना को नई गति मिलेगी। इसका फायदा सोनीपत जिले के कुंडली व नाथूपुर क्षेत्र के लोगों को मिलेगा।
रिठाला-बवाना-नरेला-कुंडली मेट्रो परियोजना का प्रस्ताव लंबे समय से भूमि संबंधी अड़चनों और प्रशासनिक स्वीकृतियों के अभाव में लंबित चल रहा था। इसकी वजह से न केवल दिल्ली मेट्रो फेज-4 की प्रगति प्रभावित हो रही थी बल्कि सोनीपत के कुंडली और नाथूपुर में विकास कार्यों पर भी असर पड़ रहा था।
अब रिठाला स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की करीब 50 वर्ग मीटर भूमि 99 वर्षों की लीज पर स्थायी रूप से डीएमआरसी को दी जाएगी। वहीं, 1286 वर्ग मीटर भूमि चार वर्षों के लिए अस्थायी तौर पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके एवज में डीएमआरसी की तरफ से दिल्ली जल बोर्ड को साढ़े 75 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। भूमि हस्तांतरण के साथ ही रिठाला से रोहिणी सेक्टर-25 तक प्रस्तावित महत्वपूर्ण पुल के निर्माण का कार्य भी शुरू हो सकेगा।
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कुंडली-नाथूपुर को मिलेगा विकास का नया इंजन
मेट्रो कॉरिडोर के चालू होने से कुंडली और नाथूपुर क्षेत्र में विकास को नई दिशा मिलेगी। कुंडली पहले ही एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में पहचान बना चुका है। यहां पर इंडस्ट्रियल एरिया, ईपीजेड, लॉजिस्टिक पार्क और वेयर हाउस सक्रिय हैं। वहीं, नाथूपुर व आसपास के गांवों में तेजी से आवासीय परियोजनाओं का विस्तार हो रहा है। मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने से इन क्षेत्रों की भूमि की कीमत में उछाल आएगा। इसके बाद निवेश में इजाफा और रोजगार के नए अवसर का सृजन होगा।
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कर्मचारियों से लेकर छात्रों तक को होगा फायदा
मेट्रो के माध्यम से नाथूपुर से सीधे रोहिणी, बवाना और रिठाला तक तेज व सुगम आवागमन संभव होगा। इससे रोजाना दिल्ली आने-जाने वाले हजारों कर्मचारियों, छात्रों और कामगारों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही एनएच-44 पर ट्रैफिक दबाव कम होगा। साथ ही प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है।
-- -- -- -- -- -नरेला के साथ कुंडली का होगा विकास
इस कॉरिडोर को केवल एक परिवहन परियोजना नहीं बल्कि समग्र शहरी विकास योजना के रूप में देखा जा रहा है। नरेला को शिक्षा केंद्र, आवासीय क्षेत्र और खेल हब के रूप में विकसित करने की योजनाओं को इससे मजबूती मिलेगी। वहीं कुंडली-नाथूपुर क्षेत्र में भविष्य में शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, मॉल और आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। दिल्ली और हरियाणा के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से दोनों राज्यों के बीच आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी। लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर को सीधा लाभ पहुंचेगा जबकि लाखों लोगों को बेहतर, सुरक्षित और सस्ता सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध हो सकेगा।
वर्जन
रिठाला-बवाना-नरेला-कुंडली मेट्रो परियोजना कुंडली और नाथूपुर क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे औद्योगिक, शैक्षणिक और आवासीय विकास को नई गति मिलेगी। जिला प्रशासन इस परियोजना में हर स्तर पर सहयोग करेगा ताकि इसका लाभ शीघ्र लोगों तक पहुंच सके। परियोजना पर काम जल्द शुरू होने की संभावना है। -सुशील सारवान, उपायुक्त सोनीपत।
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रिठाला-बवाना-नरेला-कुंडली मेट्रो परियोजना का प्रस्ताव लंबे समय से भूमि संबंधी अड़चनों और प्रशासनिक स्वीकृतियों के अभाव में लंबित चल रहा था। इसकी वजह से न केवल दिल्ली मेट्रो फेज-4 की प्रगति प्रभावित हो रही थी बल्कि सोनीपत के कुंडली और नाथूपुर में विकास कार्यों पर भी असर पड़ रहा था।
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अब रिठाला स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की करीब 50 वर्ग मीटर भूमि 99 वर्षों की लीज पर स्थायी रूप से डीएमआरसी को दी जाएगी। वहीं, 1286 वर्ग मीटर भूमि चार वर्षों के लिए अस्थायी तौर पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके एवज में डीएमआरसी की तरफ से दिल्ली जल बोर्ड को साढ़े 75 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। भूमि हस्तांतरण के साथ ही रिठाला से रोहिणी सेक्टर-25 तक प्रस्तावित महत्वपूर्ण पुल के निर्माण का कार्य भी शुरू हो सकेगा।
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कुंडली-नाथूपुर को मिलेगा विकास का नया इंजन
मेट्रो कॉरिडोर के चालू होने से कुंडली और नाथूपुर क्षेत्र में विकास को नई दिशा मिलेगी। कुंडली पहले ही एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में पहचान बना चुका है। यहां पर इंडस्ट्रियल एरिया, ईपीजेड, लॉजिस्टिक पार्क और वेयर हाउस सक्रिय हैं। वहीं, नाथूपुर व आसपास के गांवों में तेजी से आवासीय परियोजनाओं का विस्तार हो रहा है। मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने से इन क्षेत्रों की भूमि की कीमत में उछाल आएगा। इसके बाद निवेश में इजाफा और रोजगार के नए अवसर का सृजन होगा।
कर्मचारियों से लेकर छात्रों तक को होगा फायदा
मेट्रो के माध्यम से नाथूपुर से सीधे रोहिणी, बवाना और रिठाला तक तेज व सुगम आवागमन संभव होगा। इससे रोजाना दिल्ली आने-जाने वाले हजारों कर्मचारियों, छात्रों और कामगारों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही एनएच-44 पर ट्रैफिक दबाव कम होगा। साथ ही प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है।
इस कॉरिडोर को केवल एक परिवहन परियोजना नहीं बल्कि समग्र शहरी विकास योजना के रूप में देखा जा रहा है। नरेला को शिक्षा केंद्र, आवासीय क्षेत्र और खेल हब के रूप में विकसित करने की योजनाओं को इससे मजबूती मिलेगी। वहीं कुंडली-नाथूपुर क्षेत्र में भविष्य में शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, मॉल और आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। दिल्ली और हरियाणा के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से दोनों राज्यों के बीच आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी। लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर को सीधा लाभ पहुंचेगा जबकि लाखों लोगों को बेहतर, सुरक्षित और सस्ता सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध हो सकेगा।
वर्जन
रिठाला-बवाना-नरेला-कुंडली मेट्रो परियोजना कुंडली और नाथूपुर क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे औद्योगिक, शैक्षणिक और आवासीय विकास को नई गति मिलेगी। जिला प्रशासन इस परियोजना में हर स्तर पर सहयोग करेगा ताकि इसका लाभ शीघ्र लोगों तक पहुंच सके। परियोजना पर काम जल्द शुरू होने की संभावना है। -सुशील सारवान, उपायुक्त सोनीपत।