Sonipat: मामूली रंजिश में युवक की हत्या कर ट्रैक पर फेंका था शव, चार दोषियों को उम्रकैद
सीआईए सोनीपत की टीम ने लूट के मामले में गांव हरसाना निवासी संदीप पुत्र सुरेश, मनीष और यूपी के बागपत के गांव मिताली निवासी संदीप कुमार पुत्र रमेश और सरदारो वाली गली सोनीपत निवासी अतुल को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने लूट के साथ हरसाना के दिनेश की हत्या करना कुबूल किया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सोनीपत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश देविंद्र सिंह अदालत ने युवक की हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंककर खुर्द-बुर्द करने के चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले में एक आरोपी को घटना की जानकारी होते हुए भी पुलिस को सूचना नहीं देने का दोष मानते हुए छह माह कैद की सजा सुनाई गई है। चारों दोषियों को 50-50 हजार रुपये जुर्माने की भी सजा सुनाई गई है।
गांव हरसाना कलां की रहने वाली सरला ने 16 जुलाई, 2017 को राजकीय रेलवे पुलिस को बताया था कि उसका बेटा दिनेश अविवाहित था। उसके बेटे का छह माह पहले गांव के ही मनीष के साथ कहासुनी के बाद झगड़ा हो गया था। बाद में दोनों दोस्त की तरह रहने लगे थे। मनीष अक्सर उसके बेटे को घर से बुलाकर ले जाता था। मनीष के साथ संदीप और दो अन्य युवक अक्सर रहते थे। वह उसके बेटे को घर से बुलाकर ले जाते थे।
10 जून, 2017 को उसके बेटे दिनेश का शव रेलवे ट्रैक पर मिला था। उनके पति व देवर ने दिनेश की गर्दन कटी देखकर इसे आत्महत्या मान लिया था। जिसके चलते राजकीय रेलवे पुलिस ने 174 के तहत कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करा दिया था। महिला ने शक जताया था कि मनीष व संदीप तथा अन्य ने उसके बेटे की हत्या की है। बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मामला संदेहास्पद मिलने पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
ऐसे खुला था राज
इसी बीच सीआईए सोनीपत की टीम ने लूट के मामले में गांव हरसाना निवासी संदीप पुत्र सुरेश, मनीष और यूपी के बागपत के गांव मिताली निवासी संदीप कुमार पुत्र रमेश और सरदारो वाली गली सोनीपत निवासी अतुल को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने लूट के साथ हरसाना के दिनेश की हत्या करना कुबूल किया था।
उन्होंने बताया था कि संदीप व मनीष की दिनेश से कहासुनी हो गई थी। इसी रंजिश में उन्होंने 10 जून को दिनेश की गला दबाकर हत्या कर दी थी। बाद में उन्होंने उसके शव को रेलवे ट्रैक पर हरसाना के पास ही फेंक दिया था जिसे रेलवे पुलिस ने बरामद कर लिया था। पुलिस ने आरोपियों के बारे में जानकारी होते हुए भी पुलिस को सूचना नहीं देने पर अभिमन्यु को भी गिरफ्तार किया था।
मामले में सुनवाई के बाद एएसजे देविंद्र सिंह की अदालत ने संदीप, मनीष, संदीप कुमार व अतुल को हत्या व शव को खुर्द-बुर्द करने का दोषी करार दिया है। अदालत ने चारों दोषियों को उम्रकैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं अभिमन्यु को धारा 202 में छह माह कैद की सजा सुनाई है।