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पीएचसी हादसा : निर्माण एजेंसी पर एफआईआर, जांच के घेरे में 13 साल पुराने निर्माण की गुणवत्ता
Sat, 11 Jul 2026 02:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 11 Jul 2026 02:45 AM IST
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फोटो : सोनीपत के गांव रोहट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की गिरी हुई बरामदे की छत। संवाद
सोनीपत। गांव रोहट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की छत और बरामदा ढहने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने निर्माण एजेंसी के जिम्मेदार अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज करा दी है। सिविल सर्जन की शिकायत पर वर्ष 2013 में भवन निर्माण से जुड़े कार्यकारी अभियंता, ठेकेदार और अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
13 साल पुराने भवन की निर्माण गुणवत्ता अब जांच के घेरे में है। मामले की जांच एसीपी सिटी-1 को सौंपी गई है। भवन असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद मरीजों के लिए पीएचसी के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने गांव रोहट की चौपाल से ओपीडी सेवाएं शुरू कर दी हैं।
सिविल सर्जन डॉ. अनुराधा जैन ने सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है कि वर्ष 2013 में लोक निर्माण विभाग की तरफ से निर्मित पीएचसी भवन में निम्न स्तर की निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया और निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई। इसी कारण 9 जुलाई को भवन के बरामदे का लेंटर और दंत चिकित्सक कक्ष की छत अचानक भरभराकर गिर गई थी।
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सरकारी संपत्ति को भी नुकसान हुआ था हालांकि गनीमत रही की कोई जनहानि नहीं हुई। घटना से मरीजों, उनके परिजनों तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के जीवन की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया था।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अलावा पीडीपीपी एक्ट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। घटना के समय ओपीडी बंद हो चुकी थी और अधिकांश कर्मचारी जा चुके थे।
एनएचएम कर्मी संदीप कुमार ने छत से असामान्य आवाज सुनते ही सभी कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया था। कुछ ही क्षण बाद बरामदा और दंत चिकित्सक कक्ष की छत गिर गई थी।
वर्ष 2013 में हुआ था निर्माण
इस भवन का लोकार्पण 10 मई 2013 को तत्कालीन सांसद जितेंद्र सिंह मलिक और तत्कालीन विधायक जयवीर सिंह ने किया था। पीएचसी में प्रतिदिन 60 से 70 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं और आसपास के कई गांवों की स्वास्थ्य सेवाएं इसी केंद्र पर निर्भर हैं।
एसीपी सिटी-1 को सौंपी जांच
मामले में भ्रष्टाचार अधिनियम समेत अन्य धारा जोड़ने के बाद इसकी जांच एसीपी सिटी-1 अमित धनखड़ को सौंपी गई है। अब वह मामले में जांच कर तथ्य जुटाकर कार्रवाई करेंगे।
अब चौपाल में ओपीडी
गांव रोहट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की छत गिरने के बाद शुक्रवार को गांव की चौपाल में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की गई। गांव रोहट की चौपाल में चार चिकित्सक के सहारे ओपीडी लगाई गई। इसमें करीब 50 मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचे। पीएचसी के इंचार्ज डॉ. मोहित डबास ने बताया कि पीएचसी की छत गिरने के बाद वहां पर आवाजाही बंद कर दी है। पीएचसी भवन के अंदर रखा सामान धीरे-धीरे चौपाल में शिफ्ट करा दिया जाएगा।
पीएचसी भवन गिरने के मामले में सीएमओ की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच एसीपी अमित धनखड़ को सौंपी गई है।
- रविंद्र सिंह, पुलिस प्रवक्ता, सोनीपत
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13 साल पुराने भवन की निर्माण गुणवत्ता अब जांच के घेरे में है। मामले की जांच एसीपी सिटी-1 को सौंपी गई है। भवन असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद मरीजों के लिए पीएचसी के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने गांव रोहट की चौपाल से ओपीडी सेवाएं शुरू कर दी हैं।
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सिविल सर्जन डॉ. अनुराधा जैन ने सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है कि वर्ष 2013 में लोक निर्माण विभाग की तरफ से निर्मित पीएचसी भवन में निम्न स्तर की निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया और निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई। इसी कारण 9 जुलाई को भवन के बरामदे का लेंटर और दंत चिकित्सक कक्ष की छत अचानक भरभराकर गिर गई थी।
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सरकारी संपत्ति को भी नुकसान हुआ था हालांकि गनीमत रही की कोई जनहानि नहीं हुई। घटना से मरीजों, उनके परिजनों तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के जीवन की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया था।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अलावा पीडीपीपी एक्ट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। घटना के समय ओपीडी बंद हो चुकी थी और अधिकांश कर्मचारी जा चुके थे।
एनएचएम कर्मी संदीप कुमार ने छत से असामान्य आवाज सुनते ही सभी कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया था। कुछ ही क्षण बाद बरामदा और दंत चिकित्सक कक्ष की छत गिर गई थी।
वर्ष 2013 में हुआ था निर्माण
इस भवन का लोकार्पण 10 मई 2013 को तत्कालीन सांसद जितेंद्र सिंह मलिक और तत्कालीन विधायक जयवीर सिंह ने किया था। पीएचसी में प्रतिदिन 60 से 70 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं और आसपास के कई गांवों की स्वास्थ्य सेवाएं इसी केंद्र पर निर्भर हैं।
एसीपी सिटी-1 को सौंपी जांच
मामले में भ्रष्टाचार अधिनियम समेत अन्य धारा जोड़ने के बाद इसकी जांच एसीपी सिटी-1 अमित धनखड़ को सौंपी गई है। अब वह मामले में जांच कर तथ्य जुटाकर कार्रवाई करेंगे।
अब चौपाल में ओपीडी
गांव रोहट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की छत गिरने के बाद शुक्रवार को गांव की चौपाल में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की गई। गांव रोहट की चौपाल में चार चिकित्सक के सहारे ओपीडी लगाई गई। इसमें करीब 50 मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचे। पीएचसी के इंचार्ज डॉ. मोहित डबास ने बताया कि पीएचसी की छत गिरने के बाद वहां पर आवाजाही बंद कर दी है। पीएचसी भवन के अंदर रखा सामान धीरे-धीरे चौपाल में शिफ्ट करा दिया जाएगा।
पीएचसी भवन गिरने के मामले में सीएमओ की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच एसीपी अमित धनखड़ को सौंपी गई है।
- रविंद्र सिंह, पुलिस प्रवक्ता, सोनीपत