फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Order to restore promotion of employees and pay outstanding salary along with interest

Sonipat News: कर्मचारियों की पदोन्नति बहाल कर बकाया वेतन ब्याज सहित देने के आदेश

Tue, 12 Aug 2025 12:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Tue, 12 Aug 2025 12:42 AM IST
विज्ञापन
Order to restore promotion of employees and pay outstanding salary along with interest
सोनीपत। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने परवीन कुमार व अन्य बनाम दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल के मामले में सुनवाई के बाद विश्वविद्यालय की कार्रवाई को मनमाना और भेदभावपूर्ण करार दिया है।
विज्ञापन

मामले में अदालत ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कर्मियों की पदोन्नति बहाल कर बकाया वेतन ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं। मामले की सुनवाई में अदालत ने आदेश किए कि याचिकाकर्ताओं को 27 अगस्त 2021 से सहायक पद पर पदोन्नत माना जाए।
विज्ञापन

25 जनवरी 2022 से वास्तविक वेतन लाभ दिए जाएं और बकाया राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित चार सप्ताह के भीतर अदा की जाए। साथ ही प्रत्येक याचिकाकर्ता को 50-50 हजार रुपये मुकदमा व्यय के रूप में दिए जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

याचिकाकर्ता अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। वर्ष 2015 में क्लर्क कम डेटा एंट्री ऑपरेटर पद पर पदोन्नत हुए थे। उन्होंने विश्वविद्यालय की कंप्यूटर टेस्ट परीक्षा पास कर वार्षिक वेतन वृद्धि भी प्राप्त की थी।
वर्ष 2018 में राज्य सरकार ने स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट इन कंप्यूटर एप्रिसिएशन एंड एप्लीकेशंस (एसईटीसी) अनिवार्य किया जिसे विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने 5 मार्च 2019 को अपनाया।
परिषद ने यह स्पष्ट छूट भी दी थी कि जो कर्मचारी पहले ही विश्वविद्यालय का कंप्यूटर टेस्ट पास कर वार्षिक वेतन वृद्धि पा चुके हैं उन्हें एसईटीसी से मुक्त रखा जाएगा।


विश्वविद्यालय ने वर्ष 2021 में एसईटीसी न पास करने का हवाला देकर याचिकाकर्ताओं की पदोन्नति रोक दी और उनके स्थान पर अन्य को पदोन्नत कर दिया। अदालत ने इसे विश्वविद्यालय के अपने नियमों और कार्यकारी परिषद के प्रस्ताव के विपरीत बताते हुए सरकारी ऑडिटर की आपत्ति का हवाला देकर नियमों से बचने का प्रयास करार दिया। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि सभी लाभ समय पर दिए जाएं और आदेश चार सप्ताह में लागू किए जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed