सरसों की खरीद शुरू: 6200 रुपये प्रति क्विंटल तक मिला भाव, एमएसपी है 5050
सरसों का हरियाणा में न्यूनतम समर्थन मूल्य 5050 रुपये निर्धारित है। सोमवार को सोनीपत में 780 क्विंटल सरसों की बिक्री हुई। नई अनाज मंडी में टेंडर न होने से सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है, सड़क व प्लेटफार्म तक टूटे हैं। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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हरियाणा के सोनीपत में रोहतक रोड स्थित नई अनाज मंडी में सरसों की खरीद व आवक शुरू हो गई है। इस बार मंडी में किसानों को सरसों के दाम बेहतर मिल रहे हैं। सरसों की बोली छह हजार से लेकर 6200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच रही है। सरकार की ओर से सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5050 रुपये निर्धारित है। मंडी में सरसों लेकर आ रहे किसानों को अपनी सरसों उतारने में परेशानी हो रही है।
टेंडर न होने के कारण सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। यहां तक कि प्लेटफार्म तक टूटे पड़े हैं। आढ़तियों का कहना है कि मार्केट अधिकारियों को मंडी की समस्याओं से अवगत कराया जा चुका है, उसके बावजूद हालात नहीं सुधर रहे हैं। मार्केट कमेटी सचिव जितेंद्र का कहना है कि सोमवार को 780 क्विंटल सरसों की आवक हुई।
नई अनाज मंडी में टूटी हुई सड़क। संवाद
रबी की फसलें पक रही हैं। सरसों की फसल मंडियों में पहुंचनी शुरू हो गई है। एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद भी शुरू हो जाएगी, लेकिन नई अनाज मंडी में तैयारियों को लेकर प्रशासन की तरफ से कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। मंडी में न सिर्फ सड़कें टूटी पड़ी हैं, बल्कि प्लेटफार्म भी खस्ता हालत में है। सरसों की आवक व खरीद शुरू होने के बावजूद मार्केटिंग बोर्ड की ओर से सड़कों का निर्माण करने में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। अधिकारियों की अनदेखी के कारण किसानों को फसल उतारने में परेशानी हो रही है।
नई अनाज मंडी में दुकानों के सामने पड़ी सरसों की ढेरी। संवाद
अनाज मंडी में न सिर्फ किसान फसल लेकर पहुंचते हैं, बल्कि मजदूर भी काफी संख्या में काम करने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंडी में पेयजल, सफाई व शौचालय जैसी आधारभूत सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है। मंडी में शौचालय तक के पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए हैं। पेयजल व्यवस्था के लिए आढ़ती एसोसिएशन ने इस बार प्याऊ स्थापित की है।
अनाज मंडी में सरसों की आवक व खरीद शुरू हो चुकी है। मंडी में सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने व सड़कों की मरम्मत कराने के लिए मार्केट कमेटी के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। अधिकारियों ने मंडी में कोई भी काम शुरू नहीं किया है। साथ ही एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होनी है। ऐसे में किसानों को फसल डालने में परेशानी हो सकती है। - संजय वर्मा, चेयरमैन अनाज मंडी ट्रेडर्स एसोसिएशन
अनाज मंडी में सड़कें व प्लेटफार्म टूटे पड़े हैं। यहां आने वाले किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्लेटफार्म टूटे होने के कारण सरसों आढ़तियों की दुकानों के सामने उतारनी पड़ रही है। मार्केटिंग बोर्ड की ओर से मंडी में मरम्मत कार्य शुरू कर देना चाहिए, ताकि गेहूं की फसल लाने में किसानों को परेशानी न हो। - बिजेंद्र उर्फ काला निवासी गांव रोहट
मंडी में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, ऐसे में मार्केट कमेटी की ओर से मंडी में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करानी चाहिए, साथ ही सड़कों की मरम्मत के साथ प्लेटफार्म की मरम्मत जल्द शुरू करा देनी चाहिए। अधिकारियों की लापरवाही के कारण गेहूं की फसल डालने में परेशानी बढ़ सकती है। - सुरेश निवासी गांव खेवड़ा
दो माह पहले ठेकेदार ने मंडी में सफाई का काम करने से इनकार कर दिया था। मार्केट कमेटी की ओर से टेंडर लगा दिया गया है। जल्द ही टेंडर आवंटित होने के बाद सफाई शुरू करा दी जाएगी। साथ ही सड़क व प्लेटफार्म की मरम्मत कराने के लिए मार्केटिंग बोर्ड के एक्सईएन को पत्र लिख दिया है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। - जितेंद्र कुमार, सचिव मार्केट कमेटी सोनीपत