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फर्जी अधिकारी बन लगाई लाखों की चपत
Sonipat
Updated Tue, 26 Aug 2014 11:59 PM IST
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मैं पार्लियामेंट में लगा हूं। मेरी बहुत जान-पहचान है और मेरे एक फोन से डीसी, एसपी सभी डरते हैं। मुझे पैसे दो मैं तुम्हारा काम आसानी से करा दूंगा।
इन्हीं बातों के सहारे तीन लोगों से 30 लाख से अधिक की धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। गांव जगदीशपुर के रहने वाले तीन शिकायतकर्ताओं ने अलग-अलग मामले की शिकायत दी है। इनमें से एक शिकायत तो थाना राई में दर्ज है। वहीं एक मामला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से इकोनॉमी सेल को मार्क किया गया है।
शिकायत नंबर-1
गांव जगदीशपुर टोकी के रहने वाले धर्मपाल पुत्र इल्मे ने 31 जुलाई को आईजी के नाम शिकायत दी थी। शिकायत में उसने बताया था कि उनके पास 5 एकड़ जमीन कस्टोडियन के तहत थी। यह जमीन दीक्षित अवार्ड के साथ चली गई थी। इस मामले में गांव के ही नरेश, सुरेश, राहुल ने उसे दिल्ली निवासी महावीर, दर्शना से जनवरी 2014 में मिलवाया था। इन आरोपियों ने उसे विश्वास दिलाया कि उसे 5 एकड़ जमीन दिला देंगे। इसकी एवज में आरोपियों ने उससे 2.20 लाख रुपये लिये थे। काफी समय बीत जाने के बाद न तो उसके नाम जमीन कराई गई और न ही उसे पैसे लौटाए गये। यही नहीं उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। शिकायत पर थाना राई में मामला भी दर्ज है।
शिकायत नंबर 2
मंगतराम पुत्र अजबे निवासी गांव जगदीशपुर झुंडपुर ने 19 अगस्त को एसपी के नाम शिकायत दी थी। यह शिकायत इकोनॉमी सेल के नाम मार्क की गई थी। शिकायत में मंगतराम ने बताया था कि जमीन की उगाही, लगान और बटाई के मामले में उसका एक कोर्ट केस चल रहा था।
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गांव के ही राहुल, नरेश ने उसकी मुलाकात महावीर और दर्शना निवासी दिल्ली से मिलवाया था। इन्होंने जल्द से जल्द केस का निपटारा कराने की बात कही थी। इसकी एवज में दो बार 50-50 हजार और इसके बाद 17 हजार रुपये लिए थे। आरोप है कि इसके बावजूद इन लोगों ने कोई मदद नहीं की और न ही पैसे वापस किए। इसके अलावा उसे यूपी में झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी।
शिकायत नंबर 3
गांव जगदीशपुर झुंडपुर के रहने वाले जगदीश ने एसपी के नाम पर मंगलवार को दी शिकायत में बताया कि उनकी जमीन दीक्षित अवार्ड के तहत उत्तर प्रदेश में चली गई थी।
राहुल, नरेश, सुरेश ने उसकी मुलाकात महावीर सिंह और दर्शना निवासी दिल्ली से कराई थी। इन्होंने बताया कि बागपत के तहसीलदार अशोक चौधरी रिश्तेदार हैं और उसके नाम 8 एकड़ जमीन करा देंगे। इसकी एवज में जगदीश से 30 लाख रुपये की मांग की। जगदीश की 2 एकड़ जमीन को अपने जानकार राजेंद्र कश्यप निवासी ब्राह्मणवास के पास गिरवी रखवाने के नाम पर रजिस्ट्री करा ली और जमीन के नाम पर मिले 30 लाख रुपये ले लिये।
जगदीश ने आरोप लगाया कि आरोपीगण अब न तो उनकी जमीन दे रहे हैं और न ही 30 लाख रुपये वापस कर रहे हैं। इसके अलावा 8 एकड़ जमीन भी उसके नाम नहीं करा रहे हैं।
इन्हीं बातों के सहारे तीन लोगों से 30 लाख से अधिक की धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। गांव जगदीशपुर के रहने वाले तीन शिकायतकर्ताओं ने अलग-अलग मामले की शिकायत दी है। इनमें से एक शिकायत तो थाना राई में दर्ज है। वहीं एक मामला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से इकोनॉमी सेल को मार्क किया गया है।
शिकायत नंबर-1
गांव जगदीशपुर टोकी के रहने वाले धर्मपाल पुत्र इल्मे ने 31 जुलाई को आईजी के नाम शिकायत दी थी। शिकायत में उसने बताया था कि उनके पास 5 एकड़ जमीन कस्टोडियन के तहत थी। यह जमीन दीक्षित अवार्ड के साथ चली गई थी। इस मामले में गांव के ही नरेश, सुरेश, राहुल ने उसे दिल्ली निवासी महावीर, दर्शना से जनवरी 2014 में मिलवाया था। इन आरोपियों ने उसे विश्वास दिलाया कि उसे 5 एकड़ जमीन दिला देंगे। इसकी एवज में आरोपियों ने उससे 2.20 लाख रुपये लिये थे। काफी समय बीत जाने के बाद न तो उसके नाम जमीन कराई गई और न ही उसे पैसे लौटाए गये। यही नहीं उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। शिकायत पर थाना राई में मामला भी दर्ज है।
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शिकायत नंबर 2
मंगतराम पुत्र अजबे निवासी गांव जगदीशपुर झुंडपुर ने 19 अगस्त को एसपी के नाम शिकायत दी थी। यह शिकायत इकोनॉमी सेल के नाम मार्क की गई थी। शिकायत में मंगतराम ने बताया था कि जमीन की उगाही, लगान और बटाई के मामले में उसका एक कोर्ट केस चल रहा था।
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गांव के ही राहुल, नरेश ने उसकी मुलाकात महावीर और दर्शना निवासी दिल्ली से मिलवाया था। इन्होंने जल्द से जल्द केस का निपटारा कराने की बात कही थी। इसकी एवज में दो बार 50-50 हजार और इसके बाद 17 हजार रुपये लिए थे। आरोप है कि इसके बावजूद इन लोगों ने कोई मदद नहीं की और न ही पैसे वापस किए। इसके अलावा उसे यूपी में झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी।
शिकायत नंबर 3
गांव जगदीशपुर झुंडपुर के रहने वाले जगदीश ने एसपी के नाम पर मंगलवार को दी शिकायत में बताया कि उनकी जमीन दीक्षित अवार्ड के तहत उत्तर प्रदेश में चली गई थी।
राहुल, नरेश, सुरेश ने उसकी मुलाकात महावीर सिंह और दर्शना निवासी दिल्ली से कराई थी। इन्होंने बताया कि बागपत के तहसीलदार अशोक चौधरी रिश्तेदार हैं और उसके नाम 8 एकड़ जमीन करा देंगे। इसकी एवज में जगदीश से 30 लाख रुपये की मांग की। जगदीश की 2 एकड़ जमीन को अपने जानकार राजेंद्र कश्यप निवासी ब्राह्मणवास के पास गिरवी रखवाने के नाम पर रजिस्ट्री करा ली और जमीन के नाम पर मिले 30 लाख रुपये ले लिये।
जगदीश ने आरोप लगाया कि आरोपीगण अब न तो उनकी जमीन दे रहे हैं और न ही 30 लाख रुपये वापस कर रहे हैं। इसके अलावा 8 एकड़ जमीन भी उसके नाम नहीं करा रहे हैं।