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पवन को टिकट नहीं देना भाजपा को पड़ा भारी, कांग्रेस के जयवीर तीसरी बार जीते
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खरखौदा में जीत हासिल करने पर जुलूस के दौरान विधायक जयवीर वाल्मीकि का स्वागत करते कार्यकर्ता।
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। खरखौदा विधानसभा सीट पर कांग्रेस के जयवीर वाल्मीकि ने तीसरी बार जीत दर्ज करते हुए हैट्रिक बना डाली। इस सीट पर जजपा से चुनाव लड़कर दूसरे नंबर पर रहे पवन कुमार को टिकट नहीं देना भाजपा को भारी पड़ गया, क्योंकि भाजपा के मीना नरवाल को टिकट देने से नाराज होकर पवन जजपा में पहुंचे और जजपा के टिकट पर चुनाव लड़े। यह माना जा रहा है कि भाजपा पवन कुमार को टिकट देकर मैदान में उतारती तो यह सीट उसके खाते में जा सकती थी। पवन केवल 1544 वोट से हारे हैं, जो भाजपा से चुनाव लड़कर इस अंतर को दूर कर सकते थे।
खरखौदा विधानसभा सीट वर्ष 2009 तक रोहट होती थी और उस समय यह सीट सामान्य वर्ग में शामिल थी, लेकिन वर्ष 2009 के चुनाव में रोहट विधानसभा सीट का नाम बदलकर खरखौदा कर दिया गया और इसे अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया। खरखौदा विधानसभा सीट होने पर पहली बार वर्ष 2009 में कांग्रेस के जयवीर वाल्मीकि ने जीत दर्ज की, जिन्होंने इनेलो के राजू धानक को हराकर पहली बार विधायक की कुर्सी पर कब्जा जमाया। वर्ष 2014 के चुनाव में कांग्रेस ने दोबारा से जयवीर वाल्मीकि को मैदान में उतारा और वह दोबारा से विधायक बने। इस बार जयवीर वाल्मीकि ने निर्दलीय प्रत्याशी पवन कुमार को हराया था। कांग्रेस ने तीसरी बार जयवीर वाल्मीकि को प्रत्याशी बनाया था तो भाजपा ने उनको टक्कर देने के लिए जिला परिषद की चेयरपर्सन मीना नरवाल पर दांव खेला था, जबकि भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर पवन कुमार तुरंत ही जजपा में चले गए थे और जजपा ने अगले ही दिन उनको प्रत्याशी बना दिया था। इस सीट पर जयवीर वाल्मीकि ने तीसरी बार जीत दर्ज की और जजपा के पवन कुमार को हराया। हालांकि जीत का अंतर केवल 1544 वोट रहा और यह माना जा रहा है कि भाजपा पवन कुमार को टिकट देती तो उसे फायदा मिल सकता था।
किस प्रत्याशी को कितने वोट मिले
प्रत्याशी पार्टी कुल वोट
जयवीर कांग्रेस 38577
मीना भाजपा 20542
विनोद इनेलो 789
शादी लाल बसपा 1655
पवन कुमार जजपा 37033
बिंदू आप 541
महिपाल आर्य आरजेएवीपी 67
रवींद्र स्वराज इंडिया 285
सागर लोसुपा 1270
मंजू दहिया निर्दलीय 91
हरपाल निर्दलीय 174
नोटा 349
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खरखौदा विधानसभा सीट वर्ष 2009 तक रोहट होती थी और उस समय यह सीट सामान्य वर्ग में शामिल थी, लेकिन वर्ष 2009 के चुनाव में रोहट विधानसभा सीट का नाम बदलकर खरखौदा कर दिया गया और इसे अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया। खरखौदा विधानसभा सीट होने पर पहली बार वर्ष 2009 में कांग्रेस के जयवीर वाल्मीकि ने जीत दर्ज की, जिन्होंने इनेलो के राजू धानक को हराकर पहली बार विधायक की कुर्सी पर कब्जा जमाया। वर्ष 2014 के चुनाव में कांग्रेस ने दोबारा से जयवीर वाल्मीकि को मैदान में उतारा और वह दोबारा से विधायक बने। इस बार जयवीर वाल्मीकि ने निर्दलीय प्रत्याशी पवन कुमार को हराया था। कांग्रेस ने तीसरी बार जयवीर वाल्मीकि को प्रत्याशी बनाया था तो भाजपा ने उनको टक्कर देने के लिए जिला परिषद की चेयरपर्सन मीना नरवाल पर दांव खेला था, जबकि भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर पवन कुमार तुरंत ही जजपा में चले गए थे और जजपा ने अगले ही दिन उनको प्रत्याशी बना दिया था। इस सीट पर जयवीर वाल्मीकि ने तीसरी बार जीत दर्ज की और जजपा के पवन कुमार को हराया। हालांकि जीत का अंतर केवल 1544 वोट रहा और यह माना जा रहा है कि भाजपा पवन कुमार को टिकट देती तो उसे फायदा मिल सकता था।
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किस प्रत्याशी को कितने वोट मिले
प्रत्याशी पार्टी कुल वोट
जयवीर कांग्रेस 38577
मीना भाजपा 20542
विनोद इनेलो 789
शादी लाल बसपा 1655
पवन कुमार जजपा 37033
बिंदू आप 541
महिपाल आर्य आरजेएवीपी 67
रवींद्र स्वराज इंडिया 285
सागर लोसुपा 1270
मंजू दहिया निर्दलीय 91
हरपाल निर्दलीय 174
नोटा 349