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मकान मालिक मालामाल, नगर निगम ठन-ठन गोपाल

Sun, 27 Dec 2015 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत Updated Sun, 27 Dec 2015 12:01 AM IST
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health news
जनता कॉलोनी में डायरिया का क्या फैला, रेजिडेंशियल एरिया में कामर्शियल खेल का भंडाफोड़ हो गया। जैसे-जैसे स्वास्थ्य विभाग की टीम सर्वे करके आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे खेल की परतें खुलती जा रही हैं। शनिवार को विभाग की टीम ने पूरी कॉलोनी में सर्वे किया तो 14 ऐसी बिल्डिंग मिलीं, जहां मकान मालिकों ने छोटे-छोटे कमरे किराए पर बनाकर दे रखे हैं। मामला उजागर होने से सकते में आए नगर निगम के अधिकारी अब जल्द संबंधित बिल्डिंगों को सील करने की बात कह रहे हैं।
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403 कमरे, डेढ़ हजार किराएदार
हेल्थ विभाग के सुपरवाइजर संसार सिंह ने बताया कि जनता कॉलोनी में डायरिया फैलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गंभीरता से काम करने में जुट गए हैं। आशा वर्कर और एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों को साथ लेकर पूरी कॉलोनी में इस बात का सर्वे किया जा रहा है कि इस तरह कहां-कहां लोग तंग कमरों में रह रहे हैं। ताकि वहां समय रहते डायरिया फैलने से रोका जा सके। इसके लिए शनिवार को हेल्थ विभाग की टीम के 12 सदस्यों ने कॉलोनी के अंदर सर्वे किया। टीम में 3 एएनएम, 4 आशा वर्कर, 4 एमपीएचडब्ल्यू के कर्मचारी और हेल्थ सुपरवाइजर शामिल रहे। सर्वे में 14 बिल्डिंग ऐसी मिलीं, जहां मकान मालिकों ने 403 कमरे बना रखे हैं, जिनमें डेढ़ हजार के करीब लोग किराए पर रह रहे हैं।
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कामर्शियल गतिविधि है बिल्डिंग बनाकर किराए पर देना
बिल्डिंग बाईलॉज 1982 के तहत नगर निगम एरिया में भवन बनाने के लिए नगर निगम से नक्शा पास कराना पड़ता है। अगर बिल्डिंग कामर्शियल है तो नक्शे की फीस से लेकर विकास शुल्क तक वसूला जाता है। रेजीडेंशियल भवन में दर कम है। निगम के एक अधिकारी ने बताया कि बिल्डिंग बनाकर किराए पर देना तो कामर्शियल गतिविधि हैं। एक तो सुरक्षा के लिहाज से इतनी कम हालत में इतने कमरे नहीं बनाए जा सकते। दूसरा इसके लिए निगम के खाते में कामर्शियल फीस जमा करानी पड़ती है।
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सील होंगी बिल्डिंग, कल बिल्डिंग ब्रांच से मांगने रिपोर्ट
सीधी बात नगर निगम के एक्सईएन ठाकुरलाल शर्मा से पूरे मामले में सीधी बातचीत की गई तो उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिया है।
सवाल : महज 250 गज में 58 कमरे बनाने की अनुमति निगम ने कैसे दी।
जवाब : इतनी कम जगह में कमरे बनाने की निगम अनुमति दे ही नहीं सकता। बिल्डिंग बाईलॉज में इसका प्रावधान नहीं है।
सवाल : रेजिडेंशियल एरिया में इस तरह की कामर्शियल गतिविधि कैसे चल रही हैं।
जवाब : बिल्डिंग ब्रांच की जिम्मेदारी बनती हैं, इस तरह की बिल्डिंगों के निर्माण को रोका जाए।
सवाल : अब तक बिल्डिंग ब्रांच ने कार्रवाई क्यों नहीं की।
जवाब : ब्रांच में एक बिल्डिंग इंस्पेक्टर है। कर्मचारियों का अभाव हैं। कैबिनेट मंत्री कविता जैन से स्टाफ के लिए बात की है।
सवाल : जनता कॉलोनी में डायरिया फैल रहा है, निगम कहां तक जिम्मेदार है।
जवाब : डायरिया को रोकने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है। हालांकि बिल्डिंगों की जांच करवाई जाएगी। अगर नियम तोड़कर बिल्डिंग बनी हैं तो उन्हें सील किया जाएगा।

बिल्डिंगों की वीडियो तैयार, भेजी जाएगी डीसी को : सीएमओ
सीएमओ जेएस पूनिया ने बताया कि शनिवार को हेल्थ विभाग की टीम ने 14 बिल्डिंग की वीडियो तैयार की है, जिसे डीसी व पब्लिक हेल्थ के पास कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।


बिल्डिंग मालिक का बेटा बोला, हम तो कहते हैं सफाई के लिए
शनिवार को हेल्थ विभाग के अधिकारियों ने उस बिल्डिंग के मालिक के बेटे नवीन से भी बात की, जहां डायरिया फैला है। नवीन ने कहा कि वे तो समय-समय पर किराएदारों को सफाई के लिए कहते रहते हैं, लेकिन किराएदार ध्यान नहीं देते।
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