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Sonipat News: एनओसी हासिल करने के लिए दस्तावेजों में हेरफेर, तीन के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी
Sun, 07 Jun 2026 04:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 07 Jun 2026 04:07 AM IST
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गोहाना। नगर परिषद से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने के लिए दस्तावेजों में कथित हेरफेर कर अधिकारियों को गुमराह करने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में अनियमित कॉलोनियों के प्लॉटो को नियमित कॉलोनियों का दर्शाकर एनओसी हासिल करने का खुलासा हुआ है।
इस पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। बताया जा रहा है कि बसंत, अंकुश और रवि ने अलग-अलग अनियमित कॉलोनियों में प्लाट खरीदे थे। नियमानुसार इन संपत्तियों के लिए एनओसी जारी नहीं की जा सकती थी।
आरोप है कि तीनों ने नियमित कॉलोनियों में स्थित अन्य प्लाटों की लोकेशन और उनसे संबंधित दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए एनडीसी पोर्टल पर आवेदन किया। प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर जून 2024 में नगर परिषद से एनओसी भी जारी कर दी गई।
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मामले का खुलासा उस समय हुआ जब संबंधित नियमित कॉलोनियों के वास्तविक प्लाट मालिक अपनी संपत्तियों की एनओसी के लिए आवेदन करने पहुंचे। रिकॉर्ड के मिलान के दौरान दस्तावेजों में विसंगतियां सामने आने पर मामले की गहन जांच शुरू की गई।
जांच में पाया गया कि पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेज और वास्तविक संपत्तियों की स्थिति में स्पष्ट अंतर था। इसके बाद नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने पुलिस को शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जीवाड़े में अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, अपलोड करने या सत्यापन प्रक्रिया में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं रही। संबंधित रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर तकनीकी और दस्तावेजी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। नगर परिषद अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी पोर्टलों पर भ्रामक जानकारी या फर्जी दस्तावेज अपलोड कर अनुचित लाभ लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस पूरे प्रकरण की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
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इस पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। बताया जा रहा है कि बसंत, अंकुश और रवि ने अलग-अलग अनियमित कॉलोनियों में प्लाट खरीदे थे। नियमानुसार इन संपत्तियों के लिए एनओसी जारी नहीं की जा सकती थी।
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आरोप है कि तीनों ने नियमित कॉलोनियों में स्थित अन्य प्लाटों की लोकेशन और उनसे संबंधित दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए एनडीसी पोर्टल पर आवेदन किया। प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर जून 2024 में नगर परिषद से एनओसी भी जारी कर दी गई।
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मामले का खुलासा उस समय हुआ जब संबंधित नियमित कॉलोनियों के वास्तविक प्लाट मालिक अपनी संपत्तियों की एनओसी के लिए आवेदन करने पहुंचे। रिकॉर्ड के मिलान के दौरान दस्तावेजों में विसंगतियां सामने आने पर मामले की गहन जांच शुरू की गई।
जांच में पाया गया कि पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेज और वास्तविक संपत्तियों की स्थिति में स्पष्ट अंतर था। इसके बाद नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने पुलिस को शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जीवाड़े में अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, अपलोड करने या सत्यापन प्रक्रिया में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं रही। संबंधित रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर तकनीकी और दस्तावेजी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। नगर परिषद अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी पोर्टलों पर भ्रामक जानकारी या फर्जी दस्तावेज अपलोड कर अनुचित लाभ लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस पूरे प्रकरण की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।