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Sonipat News: लाइसेंस को नवीनीकरण न करने के फैसले के खिलाफ जताई नाराजगी
Sun, 10 Mar 2024 10:21 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 10 Mar 2024 10:21 PM IST
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सोनीपत। ऑल राशन डिपो होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने 60 वर्ष की उम्र पार कर चुके वरिष्ठ डिपोधारक के लाइसेंस का नवीनीकरण न करने के फैसले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में भाजपा नेता राजीव जैन को ज्ञापन सौंपकर सरकार से इस प्रावधान को खत्म करने की मांग की है। राजीव जैन ने आश्वस्त किया कि वह उनकी मांग मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे।
एसोसिएशन के प्रधान राकेश कुमार, उपप्रधान त्रिलोक चंद जैन, मुकेश निंदानी, सोम प्रकाश अग्रवाल का कहना है कि राज्य सरकार ने आदेश पारित कर लाइसेंस एवं कंट्रोल ऑर्डर की धारा 2022 की धारा (6) 1 में संशोधन करके उक्त आदेश जारी किए हैं जिससे प्रदेश के लगभग 3000 डिपोधारक बेरोजगार हो जाएंगे। डिपोधारकों का कहना है कि ऐसे डिपो धारकों की अवधि 31 मार्च को खत्म हो रही है। इसको लेकर डिपो धारक चिंतित हैं। डिपो धारक जो थोड़ा बहुत कमाते हैं उससे परिवार का गुजारा चलता है। भविष्य के लिए राशि जमा नहीं हो पाती।
एसोसिएशन का कहना है कि पड़ोसी राज्य पंजाब, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान में कोई ऐसा प्रावधान नहीं है। फिर हरियाणा क्यों पहल कर रहा है। गैस एजेंसी, ईंट भट्ठा, खाद, बीज आढ़ती लाइसेंस के लिए भी कोई इस तरह की शर्तें नहीं है फिर डिपोधारकों के साथ अन्याय क्यों। एसोसिएशन ने यह भी मांग रखी है कि प्रदेश में 1000 से ज्यादा डिपो के स्थान खाली है उन्हें आवंटित कर रोजगार दिया जाए व 300 कार्ड की लिमिट रखने का प्रावधान भी वापस लिया जाए।
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एसोसिएशन के प्रधान राकेश कुमार, उपप्रधान त्रिलोक चंद जैन, मुकेश निंदानी, सोम प्रकाश अग्रवाल का कहना है कि राज्य सरकार ने आदेश पारित कर लाइसेंस एवं कंट्रोल ऑर्डर की धारा 2022 की धारा (6) 1 में संशोधन करके उक्त आदेश जारी किए हैं जिससे प्रदेश के लगभग 3000 डिपोधारक बेरोजगार हो जाएंगे। डिपोधारकों का कहना है कि ऐसे डिपो धारकों की अवधि 31 मार्च को खत्म हो रही है। इसको लेकर डिपो धारक चिंतित हैं। डिपो धारक जो थोड़ा बहुत कमाते हैं उससे परिवार का गुजारा चलता है। भविष्य के लिए राशि जमा नहीं हो पाती।
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एसोसिएशन का कहना है कि पड़ोसी राज्य पंजाब, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान में कोई ऐसा प्रावधान नहीं है। फिर हरियाणा क्यों पहल कर रहा है। गैस एजेंसी, ईंट भट्ठा, खाद, बीज आढ़ती लाइसेंस के लिए भी कोई इस तरह की शर्तें नहीं है फिर डिपोधारकों के साथ अन्याय क्यों। एसोसिएशन ने यह भी मांग रखी है कि प्रदेश में 1000 से ज्यादा डिपो के स्थान खाली है उन्हें आवंटित कर रोजगार दिया जाए व 300 कार्ड की लिमिट रखने का प्रावधान भी वापस लिया जाए।
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