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Sonipat News: अवैध रूप से चल रहा था नशा मुक्ति केंद्र, वार्ड ब्वॉय से लेकर रसोइया तक नदारद
Thu, 04 Jan 2024 10:55 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 04 Jan 2024 10:55 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। गोहाना रोड पर अवैध रूप से चलाए जा रहे नशा मुक्ति केंद्र पर वीरवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, स्वास्थ्य विभाग व समाज कल्याण विभाग की टीम ने छापा डाला। बिजली निगम के एसडीओ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया था। नशा मुक्ति केंद्र संचालित करने को लेकर कोई लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया गया। नशा मुक्ति केंद्र में नाबालिग समेत 39 लोग मिले। उनके लिए कोई बेहतर सुविधा नहीं थी। वार्ड ब्वाय से लेकर रसोइया तक नहीं मिला। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने संबंधित थाना में मुकदमा दर्ज करने के लिए अनुशंसा की है। नशा मुक्ति केंद्र में मिले लोगों ने खाना तक समय पर नहीं देने की शिकायत दी है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के इंस्पेक्टर सुनील कुमार, श्रवण कुमार, एसआई महाबीर व एएसआई सुनील की टीम, स्वास्थ्य विभाग के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप आंतिल, ड्रग इंस्पेक्टर संदीप हुड्डा, समाज कल्याण विभाग के अतुल के साथ गोहाना रोड पर हर्ष नशा मुक्ति केंद्र में पहुंची। बिजली निगम के एसडीओ प्रदीप कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया था। जांच में पता लगा कि नशा मुक्ति केंद्र के लिए पांच साल का लाइसेंस लिया था। बाद में फरवरी 2021 में उसे छह माह के लिए बढ़वाया गया था। उसके बाद से लाइसेंस के कागजात नहीं मिले। टीम को वहां पर तीन कर्मचारी मिले। इनमें एक कर्मी संचालक को कॉल करने का झांसा देकर वहां से भाग गया। टीम ने वहां जांच की तो 39 लोग भर्ती मिले। इनमें एक नाबालिग भी शामिल था। वहां पर कोई वार्ड ब्वाय या रसोइया तक नहीं था। समाज कल्याण विभाग की टीम ने दिसंबर 2022 में भी इसका निरीक्षण किया था। तक भी इसके पास कोई कागजात नहीं मिले थे। अब इसकी रिपोर्ट बनाकर स्टेट अथॉरिटी को भेजी जाएगी। नाबालिग को नशा मुक्ति केंद्र में नहीं रखा जा सकता। इस पर कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। वहां भर्ती लोगों के फाइल में कागजात भी पूरे नहीं मिले। नशा मुक्ति केंद्र को मोई हुड्डा का दंपती व भठगांव का व्यक्ति चला रहे थे।
मरीज बोले नशा मुक्ति केंद्र से करा दो मुक्त
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने वहां भर्ती लोगों से पूछा तो वह बोले यहां कोई सुविधा नहीं है। कुछ तो रोते हुए कहा कि उन्हें यहां से छुड़वा दो। उनको खाना तक समय पर नहीं जाता है और मारपीट भी की जाती है। उनकी हालात यहां ज्यादा बिगड़ गई है।
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वर्जन
नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती लोगों ने अनियमितताओं की शिकायत की है। यहां 27 बिस्तर मिले हैं जबकि अंदर 39 लोग भर्ती थे। इनकी जांच की जा रही है। स्टेट अथॉरिटी को लिखा जाएगा जिससे उचित कमेटी बनाकर पूरी जांच की जा सके।- डॉ. संदीप आंतिल, स्वास्थ्य विभाग।
वर्जन
नशा प्रभावित लोगों के साथ गलत व्यवहार करना गलत है। नशा मुक्ति केंद्र को अवैध रूप से चलाया जा रहा था। वार्ड ब्वाय और रसोइया तक का प्रबंध नहीं था। नाबालिग को केंद्र में नहीं रखा जा सकता। कार्रवाई के लिए अनुशंसा कर दी गई है।-अजीत सिंह, डीएसपी मुख्यमंत्री उड़नदस्ता।
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सोनीपत। गोहाना रोड पर अवैध रूप से चलाए जा रहे नशा मुक्ति केंद्र पर वीरवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, स्वास्थ्य विभाग व समाज कल्याण विभाग की टीम ने छापा डाला। बिजली निगम के एसडीओ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया था। नशा मुक्ति केंद्र संचालित करने को लेकर कोई लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया गया। नशा मुक्ति केंद्र में नाबालिग समेत 39 लोग मिले। उनके लिए कोई बेहतर सुविधा नहीं थी। वार्ड ब्वाय से लेकर रसोइया तक नहीं मिला। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने संबंधित थाना में मुकदमा दर्ज करने के लिए अनुशंसा की है। नशा मुक्ति केंद्र में मिले लोगों ने खाना तक समय पर नहीं देने की शिकायत दी है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के इंस्पेक्टर सुनील कुमार, श्रवण कुमार, एसआई महाबीर व एएसआई सुनील की टीम, स्वास्थ्य विभाग के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप आंतिल, ड्रग इंस्पेक्टर संदीप हुड्डा, समाज कल्याण विभाग के अतुल के साथ गोहाना रोड पर हर्ष नशा मुक्ति केंद्र में पहुंची। बिजली निगम के एसडीओ प्रदीप कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया था। जांच में पता लगा कि नशा मुक्ति केंद्र के लिए पांच साल का लाइसेंस लिया था। बाद में फरवरी 2021 में उसे छह माह के लिए बढ़वाया गया था। उसके बाद से लाइसेंस के कागजात नहीं मिले। टीम को वहां पर तीन कर्मचारी मिले। इनमें एक कर्मी संचालक को कॉल करने का झांसा देकर वहां से भाग गया। टीम ने वहां जांच की तो 39 लोग भर्ती मिले। इनमें एक नाबालिग भी शामिल था। वहां पर कोई वार्ड ब्वाय या रसोइया तक नहीं था। समाज कल्याण विभाग की टीम ने दिसंबर 2022 में भी इसका निरीक्षण किया था। तक भी इसके पास कोई कागजात नहीं मिले थे। अब इसकी रिपोर्ट बनाकर स्टेट अथॉरिटी को भेजी जाएगी। नाबालिग को नशा मुक्ति केंद्र में नहीं रखा जा सकता। इस पर कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। वहां भर्ती लोगों के फाइल में कागजात भी पूरे नहीं मिले। नशा मुक्ति केंद्र को मोई हुड्डा का दंपती व भठगांव का व्यक्ति चला रहे थे।
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मरीज बोले नशा मुक्ति केंद्र से करा दो मुक्त
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने वहां भर्ती लोगों से पूछा तो वह बोले यहां कोई सुविधा नहीं है। कुछ तो रोते हुए कहा कि उन्हें यहां से छुड़वा दो। उनको खाना तक समय पर नहीं जाता है और मारपीट भी की जाती है। उनकी हालात यहां ज्यादा बिगड़ गई है।
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नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती लोगों ने अनियमितताओं की शिकायत की है। यहां 27 बिस्तर मिले हैं जबकि अंदर 39 लोग भर्ती थे। इनकी जांच की जा रही है। स्टेट अथॉरिटी को लिखा जाएगा जिससे उचित कमेटी बनाकर पूरी जांच की जा सके।- डॉ. संदीप आंतिल, स्वास्थ्य विभाग।
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नशा प्रभावित लोगों के साथ गलत व्यवहार करना गलत है। नशा मुक्ति केंद्र को अवैध रूप से चलाया जा रहा था। वार्ड ब्वाय और रसोइया तक का प्रबंध नहीं था। नाबालिग को केंद्र में नहीं रखा जा सकता। कार्रवाई के लिए अनुशंसा कर दी गई है।-अजीत सिंह, डीएसपी मुख्यमंत्री उड़नदस्ता।