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Sonipat News: मरीजों की इंतजार में डे-केयर कैंसर सेंटर, चार माह में किसी को नहीं लगी कीमोथैरेपी
Mon, 08 Jun 2026 02:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 08 Jun 2026 02:30 AM IST
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फोटो : सोनीपत के नागरिक अस्पताल में सर्जिकल वार्ड में बनाया गया डे-केयर कैंसर सेंटर। संवाद
सोनीपत। जिला नागरिक अस्पताल का डे-केयर कैंसर सेंटर मरीजों के इंतजार में हैं। यहां गत चार माह में किसी भी मरीज ने यहां कीमोथैरेपी नहीं कराई है। यह सेंटर 11 फरवरी को तत्कालीन उपायुक्त सुशील सारवान ने शुरू किया था। छह बिस्तर वाला डे-केयर कैंसर सेंटर मरीजों को अपनी सुविधा देने को तैयार है।
जनवरी से अब तक कैंसर के 36 मरीज यहां उपचार करा रहे हैं। पीजीआई रोहतक में दो माह का प्रशिक्षण ले चुके डॉ. संदीप शर्मा कैंसर रोगियों की कीमोथैरेपी करेंगे। हालांकि अस्पताल में पांच साल से कैंसर विशेषज्ञ नहीं है।
अस्पताल के गैर संचारी रोग (एनसीडी) क्लीनिक में रोजाना 100 से ज्यादा संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग डॉ. वृंदा करती हैं। जब पीड़ित मरीज कैंसर के तीसरे व चौथे चरण पर पहुंच जाता है तो उस समय उन्हें पैलिएटिव केयर (प्रशामक देखभाल) दी जाती है।
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पीजीआई के कैंसर विभाग में होगा पंजीकरण
जिला नागरिक अस्पताल में अब कैंसर से पीड़ित मरीजों का इलाज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा लेकिन इसका पंजीकरण रोहतक पीजीआई के कैंसर विभाग में कराना अनिवार्य होगा। पीजीआई के विशेषज्ञ जांच के बाद तय करेंगे कि मरीज को किस प्रकार का कैंसर है और किस चरण में है। पहली कीमोथैरेपी पीजीआई रोहतक में की जाएगी। उसके 21 दिन बाद पीजीआई के चिकित्सक जांच के बाद मरीजों को संबंधित जिला अस्पताल में भेजना होता है। लेकिन अब तक यहां एक भी मरीज कीमोथैरेपी के लिए जिला अस्पताल में नहीं भेजा गया है। मरीजों को उम्मीद थी कि घर के नजदीक कीमाेथैरेपी की सुविधा मिलेगी लेकिन आज भी मरीजों को कीमोथेरेपी एवं अन्य उपचार के लिए रोहतक या किसी अन्य बड़े अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।
पीजीआई रोहतक से भेजे जाने वाले मरीजों की कीमोथैरेपी की जा सकेगी। अस्पताल में कीमोथैरेपी के लिए सभी सुविधाएं और मरीजों के लिए दवाएं भी उपलब्ध हैं। वर्तमान में यहां कैंसर के तीसरे व चौथे चरण में पहुंचने वाले मरीजों को पैलिएटिव केयर दी जा रही है।
- डॉ. संदीप शर्मा, इंचार्ज, डे-केयर कैंसर सेंटर
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जनवरी से अब तक कैंसर के 36 मरीज यहां उपचार करा रहे हैं। पीजीआई रोहतक में दो माह का प्रशिक्षण ले चुके डॉ. संदीप शर्मा कैंसर रोगियों की कीमोथैरेपी करेंगे। हालांकि अस्पताल में पांच साल से कैंसर विशेषज्ञ नहीं है।
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अस्पताल के गैर संचारी रोग (एनसीडी) क्लीनिक में रोजाना 100 से ज्यादा संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग डॉ. वृंदा करती हैं। जब पीड़ित मरीज कैंसर के तीसरे व चौथे चरण पर पहुंच जाता है तो उस समय उन्हें पैलिएटिव केयर (प्रशामक देखभाल) दी जाती है।
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पीजीआई के कैंसर विभाग में होगा पंजीकरण
जिला नागरिक अस्पताल में अब कैंसर से पीड़ित मरीजों का इलाज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा लेकिन इसका पंजीकरण रोहतक पीजीआई के कैंसर विभाग में कराना अनिवार्य होगा। पीजीआई के विशेषज्ञ जांच के बाद तय करेंगे कि मरीज को किस प्रकार का कैंसर है और किस चरण में है। पहली कीमोथैरेपी पीजीआई रोहतक में की जाएगी। उसके 21 दिन बाद पीजीआई के चिकित्सक जांच के बाद मरीजों को संबंधित जिला अस्पताल में भेजना होता है। लेकिन अब तक यहां एक भी मरीज कीमोथैरेपी के लिए जिला अस्पताल में नहीं भेजा गया है। मरीजों को उम्मीद थी कि घर के नजदीक कीमाेथैरेपी की सुविधा मिलेगी लेकिन आज भी मरीजों को कीमोथेरेपी एवं अन्य उपचार के लिए रोहतक या किसी अन्य बड़े अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।
पीजीआई रोहतक से भेजे जाने वाले मरीजों की कीमोथैरेपी की जा सकेगी। अस्पताल में कीमोथैरेपी के लिए सभी सुविधाएं और मरीजों के लिए दवाएं भी उपलब्ध हैं। वर्तमान में यहां कैंसर के तीसरे व चौथे चरण में पहुंचने वाले मरीजों को पैलिएटिव केयर दी जा रही है।
- डॉ. संदीप शर्मा, इंचार्ज, डे-केयर कैंसर सेंटर