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Sonipat News: बहरीन से सोना लेकर लौटी बेटियों का दिल्ली एयरपोर्ट पर स्वागत
Wed, 05 Nov 2025 01:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 05 Nov 2025 01:40 AM IST
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फोटो :03: दिल्ली एयरपोर्ट पर पहलवान अंजलि दहिया का स्वागत करते प्रशिक्षक कुलबीर राणा। स्रोत प्र
- फोटो : दिगंबर जैन मंदिर में पूजा करते अनुयायी।
सोनीपत। बहरीन के मनामा में आयोजित एशियन यूथ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर लौटी बेटियों का दिल्ली एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया। एशियन यूथ गेम्स में गांव नाहरी की अंजलि दहिया और सोहटी कुंडल की यशिता ने सोना जीता था। दिल्ली एयरपोर्ट पर फूल व नोटों की मालाओं से सोना लेकर आई बेटियों व उनके प्रशिक्षकों का स्वागत किया गया।
गांव नाहरी की अंजलि और सोहटी कुंडल की यशिता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने दमदार प्रदर्शन से न सिर्फ हरियाणा, बल्कि देश का नाम रोशन किया है। अंजलि ककरोई रोड स्थित युद्धवीर अखाड़ा और यशिता राठधना स्थित चौधरी सूरत सिंह कुश्ती अकादमी में निरंतर अभ्यास करती हैं।
कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर उन्होंने एशिया के मंच पर भारतीय तिरंगा बुलंद किया था। एयरपोर्ट पर स्वागत के दौरान सहयोगी पहलवानों, खेल प्रेमियों और ग्रामीणों में गर्व और खुशी थी। ग्रामीणों ने कहा कि अंजलि और यशिता ने यह साबित कर दिया है कि हरियाणा की बेटियां किसी से कम नहीं।
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युद्धवीर अखाड़ा के प्रशिक्षक कुलबीर राणा और राठधना स्थित चौधरी सूरत सिंह कुश्ती अकादमी के प्रशिक्षक राजेश ने बताया कि बेटियों ने छोटी उम्र में ही कुश्ती में गहरी रुचि दिखाई और रोजाना कठिन अभ्यास के साथ खेल के प्रति समर्पण की मिसाल पेश की। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
खेल प्रेमियों का कहना है कि बहरीन में बेटियों की तरफ से जीता गया स्वर्ण पदक सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल है। प्रदेश की यह स्वर्णिम बेटियां आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए और भी बड़ी उपलब्धियां लेकर आएंगी।
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गांव नाहरी की अंजलि और सोहटी कुंडल की यशिता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने दमदार प्रदर्शन से न सिर्फ हरियाणा, बल्कि देश का नाम रोशन किया है। अंजलि ककरोई रोड स्थित युद्धवीर अखाड़ा और यशिता राठधना स्थित चौधरी सूरत सिंह कुश्ती अकादमी में निरंतर अभ्यास करती हैं।
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कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर उन्होंने एशिया के मंच पर भारतीय तिरंगा बुलंद किया था। एयरपोर्ट पर स्वागत के दौरान सहयोगी पहलवानों, खेल प्रेमियों और ग्रामीणों में गर्व और खुशी थी। ग्रामीणों ने कहा कि अंजलि और यशिता ने यह साबित कर दिया है कि हरियाणा की बेटियां किसी से कम नहीं।
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युद्धवीर अखाड़ा के प्रशिक्षक कुलबीर राणा और राठधना स्थित चौधरी सूरत सिंह कुश्ती अकादमी के प्रशिक्षक राजेश ने बताया कि बेटियों ने छोटी उम्र में ही कुश्ती में गहरी रुचि दिखाई और रोजाना कठिन अभ्यास के साथ खेल के प्रति समर्पण की मिसाल पेश की। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
खेल प्रेमियों का कहना है कि बहरीन में बेटियों की तरफ से जीता गया स्वर्ण पदक सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल है। प्रदेश की यह स्वर्णिम बेटियां आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए और भी बड़ी उपलब्धियां लेकर आएंगी।

फोटो :03: दिल्ली एयरपोर्ट पर पहलवान अंजलि दहिया का स्वागत करते प्रशिक्षक कुलबीर राणा। स्रोत प्र- फोटो : दिगंबर जैन मंदिर में पूजा करते अनुयायी।