{"_id":"576ed9434f1c1b0550b48a61","slug":"sonipat-news-hindi-news-crime-murthal-bank-loot","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढाई महीने बाद फिर आए और अबकी बार 24 लाख लूटकर ले गए ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ढाई महीने बाद फिर आए और अबकी बार 24 लाख लूटकर ले गए
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sun, 26 Jun 2016 12:54 AM IST
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लूट का छविचित्र
- फोटो : अमर उजाला
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फिल्म धूम के स्टाइल में ढाई महीने बाद लुटेरे बाइक पर आए और जीटी रोड पर बुलेट प्रूफ प्लान बनाकर डेढ़ घंटे में दो बैंक लूटकर फरार हो गए। दो मेें दस्तक दी, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। पुलिस द्वारा कमासपुर के एचडीएफसी बैंक की खंगाली गई सीसीटीवी फुटेज की जांच से खुलासा हुआ है कि ये वहीं लुटेरे हैं, जिन्होंने 13 अप्रैल को बैंयापुर के एक्सिस बैंक से 13 लाख रुपये लूटे थे। पुलिस की नाकामी का फायदा उठाकर लुटेरे फिर आए और अबकी बार 24 लाख लूटकर ले गए। अगर पिछली बार की तरह पुलिस अबकी भी लकीर पीटती रही तो इससे इंकार नहीं किया जा सकता है कि आगे इससे भी बड़ी कोई बैंक लूट हो सकती है।
उत्तरप्रदेश और दिल्ली पुलिस से मांगी मदद, लुटेरों के लोकल होने का शक
ताबड़तोड़ ढंग से अंजाम दी गई दो बैंकों में लूट की वारदातों ने पुलिस को हिलाकर रख दिया है। डीआईजी हरदीप सिंह दून ने छह टीमों का गठन किया है, जो उत्तरप्रदेश और दिल्ली पुलिस की मदद से लुटेरों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। क्योंकि जांच टीमों को शक है कि जिस तरह से लुटेरे कच्चे रास्ते से भागे, उससे लग रहा है कि वे न केवल लोकल हैं, बल्कि पूरी रेकी करके आए थे। पुलिस के दबाव के चलते अब दिल्ली या यूपी में जाकर कहीं छिप गए हैं।
बैंक भी बरत रहे लापरवाही, डीआईजी बोले देंगे नोटिस
लगातार हो रही वारदातों के बावजूद बैंक सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं और न ही गनमैन रखे जा रहे। हर बार की तरह प्रशासन कार्रवाई की बात करता है, लेकिन धरातल पर कोई काम होता दिखाई नहीं देता है। हालांकि डीआईजी एसएच दून का कहना है कि डीसी केएम पांडुरंग से बात करके ऐसे बैंकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जो सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
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दीपालपुर तक किया था एक बैंक कर्मचारी ने किया था पीछा
मुरथल थाना प्रभारी बलजीत सिंह ने बताया कि जब लुटेरे कमासपुर बैंक को लूटकर भागे, तब बैंक के एक कर्मचारी ने बाइक पर उनका पीछा किया तो वे दीपालपुर गांव से नहर के रास्ते पटरी-पटरी निकल गए। पुलिस को शक था कि लुटेरे जीटी रोड या पक्के रास्ते निकलेंगे। यही सोच भारी पड़ गई। इतना ही नहीं कच्चे रास्तों पर हर जगह नाकेबंदी संभव भी नहीं हो सकती।
यह रहा मामला
शुक्रवार को बाइक सवार तीन युवक एचडीएफसी बैंक की भिगान व कमासपुर शाखा में घुसकर 24 लाख रुपये लूटकर ले गए। साथ भिगान ब्रांच के सुरक्षागार्ड अंकित को गोली मार दी थी। इसके बाद सेवली और बढ़खालसा के बैंकों में पहुंचे, लेकिन वारदात अंजाम नहीं दे सके। डेढ़ घंटे के अंदर चार जगह बैंकों को निशाना बनाने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। लुटेरों को पकड़ने के लिए पुलिस पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। क्योंकि बैंयापुर बैंक और राई फैक्टरी लूटकांड भी अब तक अनट्रेस चल रहे हैं।
सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग हाथ लगे हैं। ढाई महीने पहले जिस गिरोह ने बैंयापुर में बैंक लूटा था, वही युवक जीटी रोड पर बैंक लूटने की वारदात में शामिल हो सकते हैं। छह टीम बनाई गई हैं। उम्मीद है जल्द लुटेरे गिरफ्त में होंगे। दिल्ली और उत्तरप्रदेश पुलिस से मदद मांगी गई है।
-हरदीप सिंह दून, डीआईजी, सोनीपत
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उत्तरप्रदेश और दिल्ली पुलिस से मांगी मदद, लुटेरों के लोकल होने का शक
ताबड़तोड़ ढंग से अंजाम दी गई दो बैंकों में लूट की वारदातों ने पुलिस को हिलाकर रख दिया है। डीआईजी हरदीप सिंह दून ने छह टीमों का गठन किया है, जो उत्तरप्रदेश और दिल्ली पुलिस की मदद से लुटेरों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। क्योंकि जांच टीमों को शक है कि जिस तरह से लुटेरे कच्चे रास्ते से भागे, उससे लग रहा है कि वे न केवल लोकल हैं, बल्कि पूरी रेकी करके आए थे। पुलिस के दबाव के चलते अब दिल्ली या यूपी में जाकर कहीं छिप गए हैं।
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बैंक भी बरत रहे लापरवाही, डीआईजी बोले देंगे नोटिस
लगातार हो रही वारदातों के बावजूद बैंक सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं और न ही गनमैन रखे जा रहे। हर बार की तरह प्रशासन कार्रवाई की बात करता है, लेकिन धरातल पर कोई काम होता दिखाई नहीं देता है। हालांकि डीआईजी एसएच दून का कहना है कि डीसी केएम पांडुरंग से बात करके ऐसे बैंकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जो सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
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दीपालपुर तक किया था एक बैंक कर्मचारी ने किया था पीछा
मुरथल थाना प्रभारी बलजीत सिंह ने बताया कि जब लुटेरे कमासपुर बैंक को लूटकर भागे, तब बैंक के एक कर्मचारी ने बाइक पर उनका पीछा किया तो वे दीपालपुर गांव से नहर के रास्ते पटरी-पटरी निकल गए। पुलिस को शक था कि लुटेरे जीटी रोड या पक्के रास्ते निकलेंगे। यही सोच भारी पड़ गई। इतना ही नहीं कच्चे रास्तों पर हर जगह नाकेबंदी संभव भी नहीं हो सकती।
यह रहा मामला
शुक्रवार को बाइक सवार तीन युवक एचडीएफसी बैंक की भिगान व कमासपुर शाखा में घुसकर 24 लाख रुपये लूटकर ले गए। साथ भिगान ब्रांच के सुरक्षागार्ड अंकित को गोली मार दी थी। इसके बाद सेवली और बढ़खालसा के बैंकों में पहुंचे, लेकिन वारदात अंजाम नहीं दे सके। डेढ़ घंटे के अंदर चार जगह बैंकों को निशाना बनाने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। लुटेरों को पकड़ने के लिए पुलिस पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। क्योंकि बैंयापुर बैंक और राई फैक्टरी लूटकांड भी अब तक अनट्रेस चल रहे हैं।
सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग हाथ लगे हैं। ढाई महीने पहले जिस गिरोह ने बैंयापुर में बैंक लूटा था, वही युवक जीटी रोड पर बैंक लूटने की वारदात में शामिल हो सकते हैं। छह टीम बनाई गई हैं। उम्मीद है जल्द लुटेरे गिरफ्त में होंगे। दिल्ली और उत्तरप्रदेश पुलिस से मदद मांगी गई है।
-हरदीप सिंह दून, डीआईजी, सोनीपत