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Sonipat: हत्या कर पराली में डाल शव जलाने का मामला.. महिला, उसके पति व देवर को उम्रकैद

Tue, 16 Jan 2024 06:56 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 16 Jan 2024 06:56 PM IST
सार

सोनीपत के गांव बुसाना में पड़ोस के युवक संग संबंध के चलते युवक की हत्या कर शव जला दिया था। युवक के पैर पराली के ढेर से मिले थे, परिजनों ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में जांच करते हुए ब्लाइंड मर्डर से पर्दा उठाया था। एएसजे अजय पराशर ने दोषी महिला, उसके पति व देवर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 

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Sonipat: life imprisonment to woman, her husband and brother-in-law in Case of murder
Demo Pic - फोटो : google

विस्तार

हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर ने युवक की हत्या का शव को पराली में डालकर जलाने के मामले में आरोपी महिला, उसके पति व देवर को दोषी करार दिया। अदालत ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर सात माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।

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गांव बुसाना निवासी बलजीत ने 3 नवंबर, 2019 को सदर थाना गोहाना पुलिस को बताया था कि उनका बेटा बिजेंद्र (28) 2 नवंबर, 2019 की रात को घर में ही सोया था। सुबह उठे तो उनका बेटा नहीं मिला था। उन्होंने उसके अपहरण की आशंका जताई थी। जिस पर पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
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इसी बीच 3 नवंबर, 2019 की शाम को सदर थाना गोहाना पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव बुसाना निवासी बलजीत के पराली के ढेर में आग लग गई थी। जिसके बाद बलजीत और ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया तो पराली में एक व्यक्ति के पैर का जला हुआ हिस्सा मिला था। जिस पर तत्कालीन सदर थाना प्रभारी कप्तान सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे।
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पुलिस ने पराली के अंदर से व्यक्ति के शव के अवशेष मिले थे। पुलिस को जांच में पता लगा था कि शव रात से लापता बिजेंद्र का था। बिजेंद्र मिठाई तैयार कर बेचने का काम करता था। पुलिस ने बिजेंद्र की कॉल डिटेल निकाली थी तो उसमें रात को गांव के खुशीराम के मोबाइल नंबर पर बात होने का पता लगा था। जिस पर पुलिस ने खुशीराम और उसके भाई प्रताप को गिरफ्तार कर बिजेंद्र हत्याकांड से पर्दा उठा दिया था।

तब पुलिस ने खुलासा किया था कि बिजेंद्र की पत्नी सिलाई करती थी, जिसके चलते पड़ोस की रहने वाली उर्मिला उसके पास आती थी। बिजेंद्र ने उस महिला का नंबर ले लिया था और करीब डेढ़ साल पहले उसके संपर्क में आ गया था। परिजनों को पता चला था तो उसने करीब चार माह पहले बातचीत करनी बंद कर दी थी।

अब कुछ दिन पहले षड्यंत्र के तहत फिर से महिला ने बिजेंद्र से बातचीत की थी। उसने बिजेंद्र को घर बुलाया था। जिस पर वह 2 नवंबर, 2019 की रात महिला के कमरे में गया तो वहां पहले से बैठे उसके देवर प्रताप ने उसकी गर्दन दबा दी थी और उसके बाद खुशीराम ने उसके संवेदनशील अंग पर लाठियों से वार कर दिए, जिससे उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने बाद में महिला उर्मिला को भी गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मामले में सबूत जुटाकर चार्जशीट दायर कर दी थी।


मामले की सुनवाई के बाद एएसजे अजय पराशर ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। उन्होंने हत्या व शव को खुर्द-बुर्द करने का दोषी माना गया। तीनों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 15-15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।

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