Sonipat: युवक की हत्या के तीन दोषियों को उम्रकैद, गांव मटिंडू में दीपक की गोली मारकर की गई थी हत्या
मामले में अवैध शस्त्र की धारा में दो दोषियों को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई गई है। गांव मटिंडू में दीपक की गोली मारकर हत्या की गई थी। पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था। हत्या में दोषियों का दीपक के दोस्त प्रदीप के साथ झगड़ा हुआ था। दीपक को गोली मार दी थी।
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हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमल सपरा ने युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीन दोषियों को उम्रकैद और दो को अवैध शस्त्र अधिनियम में तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दो दोषियों पर 32-32 हजार, एक पर 25 हजार और दो पर दो-दो हजार रुपये जुर्माना किया है।
गांव मटिंडू निवासी टेकराम ने 14 दिसंबर 2019 को खरखौदा थाना पुलिस को बताया था कि उनके बेटे दीपक (22) खेत में मजदूरों के लिए खाना देने जा रहे थे। तभी दीपक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उन्होंने हत्या का आरोप थाना कलां निवासी संदीप पर लगाया था जिसकी दीपक के साथी प्रदीप के साथ रंजिश थी।
उनका आरोप था कि चार माह पहले गांव के प्रदीप का थाना कलां गांव के संदीप से झगड़ा हुआ था। घटना के दिन उनका बेटा प्रदीप के साथ ही बाइक पर था। तब गांव के खेतों में कार सवार हमलावरों ने उनके बेटे की हत्या कर दी थी। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में जांच सीआईए खरखौदा को सौंपी गई थी।
तब जांच अधिकारी तत्कालीन एसआई योगेंद्र सिंह की टीम ने मामले में गांव चौलका निवासी रवि व अजय, गांव भैंसवाल के योगेश व वीरेंद्र उर्फ बिंद्रा, गांव खांडा के संदीप, जटवाड़ा के नितिन को काबू किया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि संदीप के परिजन संग प्रदीप की कहासुनी हो गई थी।
जिसके बाद से ही वह उससे रंजिश रखने लगा था। तत्कालीन जांच अधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया था जांच में सामने आया था कि प्रदीप के साथी दीपक को खेत में गोली मार दी थी। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर दिया था।
मामले में सुनवाई के बाद शनिवार को एएसजे विमल सपरा ने आरोपी चौलका निवासी रवि, जटवाड़ा निवासी नितिन और थाना कलां निवासी संदीप को हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। रवि व नितिन को हत्या व शस्त्र अधिनियम में उम्रकैद और 32-32 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। संदीप को हत्या में उम्रकैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। इसके साथ ही योगेश व वीरेंद्र उर्फ बिंद्रा को अवैध शस्त्र अधिनियम में तीन-तीन साल कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।