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खानपुर महिला विवि के हॉस्टल में छात्रा ने लगाई फांसी
सोनीपत ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Tue, 24 May 2016 12:33 AM IST
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अात्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के एकमात्र महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां में बीए द्वितीय वर्ष की परीक्षा दे रही भिवानी जिले के गांव बढ़ेरा निवासी अनीता ने सोमवार को हॉस्टल के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी। कमरे में मिले सुसाइड नोट में लिखा है, ‘पापा, मैं अपनी मर्जी से लाइफ जीना चाहती हूं, लेकिन यह आप सबको मंजूर नहीं है।’ परिजन जहां बेटी को बीमार बता रहे हैं, वहीं पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। देर शाम शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक अनीता विवि के हॉस्टल नंबर-5 के रूम नंबर 65 में रहती थी। फिलहाल वह परीक्षा की तैयारी कर रही थी। सोमवार सुबह वह मेस में खाना खाने नहीं पहुंची। इस पर बगल के कमरे में रह रही छात्रा जब उसके कमरे में गई तो अनीता पंखे पर चुन्नी से लटकी देख उसकी चीख निकल गई। छात्रा के चिल्लाते ही स्टाफ और अन्य छात्राएं मौके पर पहुंची। सूचना पुलिस और विवि प्रशासन को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस को छात्रा का सुसाइड नोट भी मिला। मौके पर एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। इसकी सूचना छात्रा के परिजनों को भी दी गई।
ये लिखा सुसाइड नोट में
पापा! मैं अपनी लाइफ अपने तरीके से जीना चाहती हूं, लेकिन आप सभी को यह मंजूर नहीं है। मैं जीना भी नहीं चाहती, बाय पापा, आईएम सॉरी पापा। भाई! आपका जो मन करे, अब वही करना। ओके, अब तो मैं जा रही हूं। आईएम सॉरी भाई मैं नहीं जी सकती। आपको पता है कि मैं आप की कोई बात मना नहीं करती। एक बार प्यार से कहते तो ऐसा गलत कदम नहीं उठाती। ओके भाई, बाय। किरण मैम थैंक्यू सो मच।
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भाई बोला, चार साल से बीमार थी अनीता
अनीता के भाई ने बताया कि चार साल पहले उसे टाइफाइड हुआ था। जिसके बाद से ही वह बीमार रहने लगी थी। पिछले सप्ताह भी वह बीमार हो गई थी। इस पर परिजन उसे हिसार के जिंदल अस्पताल लेकर गए थे। वहां वह चार दिन तक भर्ती रही। इसके बाद शनिवार को वह अनीता को विश्वविद्यालय छोड़कर गया था। सोमवार को उसकी मौत की सूचना मिली। मुझे नहीं पता कि अनीता ने यह कदम क्यों उठाया।
छात्रा का शव फंदे पर लटका होने की सूचना मिली थी। छात्रा ने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह अपने तरीके से जिंदगी जीना चाहती थी। हालांकि उसने किसी पर भी कोई दबाव देने का आरोप नहीं लगाया है। पुलिस ने 174 की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया है।
-राजेश कुमार, डीएसपी
यह एक घटना थी। अनीता बीमार थी, हो सकता है उसने बीमारी के चलते यह कदम उठाया हो। किरण मैम (हास्टल वार्डन) के साथ अनीता के अच्छे संबंध थे। क्योंकि अनीता मेधावी छात्रा थी। उसने सुसाइड नोट में उनका नाम क्यों लिखा, यह जांच का विषय है।
-मनोज कुमार, प्रवक्ता, विश्वविद्यालय
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पुलिस के मुताबिक अनीता विवि के हॉस्टल नंबर-5 के रूम नंबर 65 में रहती थी। फिलहाल वह परीक्षा की तैयारी कर रही थी। सोमवार सुबह वह मेस में खाना खाने नहीं पहुंची। इस पर बगल के कमरे में रह रही छात्रा जब उसके कमरे में गई तो अनीता पंखे पर चुन्नी से लटकी देख उसकी चीख निकल गई। छात्रा के चिल्लाते ही स्टाफ और अन्य छात्राएं मौके पर पहुंची। सूचना पुलिस और विवि प्रशासन को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस को छात्रा का सुसाइड नोट भी मिला। मौके पर एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। इसकी सूचना छात्रा के परिजनों को भी दी गई।
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ये लिखा सुसाइड नोट में
पापा! मैं अपनी लाइफ अपने तरीके से जीना चाहती हूं, लेकिन आप सभी को यह मंजूर नहीं है। मैं जीना भी नहीं चाहती, बाय पापा, आईएम सॉरी पापा। भाई! आपका जो मन करे, अब वही करना। ओके, अब तो मैं जा रही हूं। आईएम सॉरी भाई मैं नहीं जी सकती। आपको पता है कि मैं आप की कोई बात मना नहीं करती। एक बार प्यार से कहते तो ऐसा गलत कदम नहीं उठाती। ओके भाई, बाय। किरण मैम थैंक्यू सो मच।
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भाई बोला, चार साल से बीमार थी अनीता
अनीता के भाई ने बताया कि चार साल पहले उसे टाइफाइड हुआ था। जिसके बाद से ही वह बीमार रहने लगी थी। पिछले सप्ताह भी वह बीमार हो गई थी। इस पर परिजन उसे हिसार के जिंदल अस्पताल लेकर गए थे। वहां वह चार दिन तक भर्ती रही। इसके बाद शनिवार को वह अनीता को विश्वविद्यालय छोड़कर गया था। सोमवार को उसकी मौत की सूचना मिली। मुझे नहीं पता कि अनीता ने यह कदम क्यों उठाया।
छात्रा का शव फंदे पर लटका होने की सूचना मिली थी। छात्रा ने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह अपने तरीके से जिंदगी जीना चाहती थी। हालांकि उसने किसी पर भी कोई दबाव देने का आरोप नहीं लगाया है। पुलिस ने 174 की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया है।
-राजेश कुमार, डीएसपी
यह एक घटना थी। अनीता बीमार थी, हो सकता है उसने बीमारी के चलते यह कदम उठाया हो। किरण मैम (हास्टल वार्डन) के साथ अनीता के अच्छे संबंध थे। क्योंकि अनीता मेधावी छात्रा थी। उसने सुसाइड नोट में उनका नाम क्यों लिखा, यह जांच का विषय है।
-मनोज कुमार, प्रवक्ता, विश्वविद्यालय