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सोनीपत: दहेज हत्या के दोषी पति व सास को दस-दस साल की कैद, दसवीं मंजिल से गिरकर हुई थी मौत
Thu, 17 Feb 2022 09:07 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 17 Feb 2022 09:07 PM IST
सार
अदालत ने दोषियों को 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : Social Media
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विस्तार
हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति व सास को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों को दस-दस साल की कैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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पानीपत के गांव आटा जौरासी निवासी आजाद सिंह ने 20 मई, 2018 को सदर थाना सोनीपत पुलिस को बताया था कि उसने अपनी बेटी अंकिता की शादी जुलाई, 2016 में मूलरूप के दिल्ली के नरेला फिलहाल सोनीपत के सेक्टर-10 स्थित रेलवे कर्मी सोसायटी निवासी नितिन के साथ की थी।
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उन्होंने बताया था कि 19 मई 2018 की रात करीब साढ़े 10 बजे अंकिता की रेलवे कॉलोनी में दसवीं मंजिल स्थित फ्लैट की बालकनी से नीचे गिरकर मौत होने की जानकारी मिली थी। आजाद सिंह ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी को शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोगों ने दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था।
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उसकी बेटी शादी के तीन दिन बाद जब घर आई थी तो उसने दहेज को लेकर ताने देने की बात कही थी। अंकिता का पति एक निजी बैंक में अधिकारी था। ससुराल पक्ष ने बेटी को कहा था कि उनके बेटे के लिए लग्जरी कार दहेज में देने वालों के रिश्ते आ रहे थे। उन्होंने दहेज में कुछ नहीं दिया।
उसके बावजूद उसने बेटी का घर बसाने के लिए समझा कर ससुराल भेज दिया था। उसके बाद ससुराल पक्ष के लोग उसे प्रताड़ित करने लगे। उसे पीटा जाने लगा था। उसने आरोपियों को पैसे भी दिए थे, लेकिन उनकी मांग बढ़ती चली गई थी। कनाडा से आई उसकी बेटी (ननद) ने भी उसे परेशान किया था। उसकी बेटी ने 19 मई, 2018 को दिन के समय अपनी मां को फोन कर कहा था कि ससुराल पक्ष के लोग उसे मार देंगे।
अंकिता के मोबाइल से उसकी मां व पिता मोबाइल नंबरों पर मैसेज भेजा गया था कि उसकी मौत के जिम्मेदार नितिन व उसकी मां हैं। इन्होंने मुझे बहुत टॉर्चर किया है। उसी रात उन्हें बेटी के दसवीं मंजिल से गिरने की सूचना मिली थी। उन्होंने आरोप था कि ससुराल वालों ने उसकी बेटी को दसवीं मंजिल से नीचे फेंककर हत्या की है। पुलिस ने आजाद के बयान पर पति नितिन, सास सुमित्रा व उसकी ननद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने आरोपी पति व सास को गिरफ्तार कर लिया था।
एएसजे शैलेंद्र सिंह की अदालत ने नितिन व उसकी मां सुमित्रा को दोषी करार दिया है। गुरुवार को अदालत ने दोनों दोषियों को भादंसं की धारा 304 बी में दस-दस साल की कैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।