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रुपयों का लेनदेन बना चचेरे भाइयों की मौत का सबब
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Mon, 23 Nov 2015 12:05 AM IST
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सप्ताह भर पहले पिनाना गांव के अड्डे पर चचेरे भाइयों की हत्या 6 हजार रुपये के लेनदेन के मामले में कहासुनी होने के बाद अंजाम दी गई थी। मामले में सीआईए स्टाफ पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी गांव बीधल निवासी अंकुश है। आरोपी को रविवार को अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। हालांकि वारदात का मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है, लेकिन इसे बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पुलिस ने अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।
पुलिस प्रवक्ता जगजीत सिंह ने बताया कि 14 नवंबर को गांव पिनाना निवासी देवेंद्र ने थाना मोहाना में शिकायत दी थी कि उसके भाई पवन व चचेरे भाई विक्की की गांव भैंसवाल निवासी रंजीता, कच्छी, पिकूं, बीधल निवासी अंकुश और तरुण, नारा, पानीपत निवासी शमशेर, खटकड़ जींद निवासी धोला, फरमाणा निवासी सुनेरा व आठ अन्य ने गोली मारकर हत्या की है। आरोपियों ने पैसों के लेनदेन में हत्या की गई। पुलिस ने देवेंद्र के बयान पर हत्या का मामला दर्ज किया था। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग ने दो टीमों का गठन किया था। सीआईए प्रभारी इंदीवर की टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी अंकुश को आईटीआई चौक से काबू किया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है।
6 हजार रुपये दे दिए थे, फोन पर हुई थी कहासुनी
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में अंकुश ने बताया है कि विक्की को रंजीत से 6 हजार रुपये लेने थे। इसके लिए दो युवकों को रंजीत के पास भेजकर पैसे मंगवा लिए थे। इन युवकों के साथ रंजीत की कहासुनी हो गई थी। इस बारे में युवकों ने विक्की को बताया था तो विक्की ने फोन कर रंजीत से बात की। फोन पर रंजीत और विक्की की भी कहासुनी हो गई थी। इस पर विक्की ने रंजीत को अपने पास आने को कहा था। इसके बाद ही रंजीत अपने साथियों के साथ पिनाना अड्डे पर पहुंचा था। इसके बाद जब विक्की और पवन मौके पर पहुंचे तो उनकी हत्या कर दी गई।
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विक्की और पवन चचेरे भाइयों की हत्या के मामले में अंकुश को गिरफ्तार किया गया है। अंकुश ने बताया कि 6 हजार रुपये देने के बाद कहासुनी होने के कारण ही वारदात को अंजाम दिया गया था। अन्य आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-इंदीवर, सीआईए प्रभारी
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पुलिस प्रवक्ता जगजीत सिंह ने बताया कि 14 नवंबर को गांव पिनाना निवासी देवेंद्र ने थाना मोहाना में शिकायत दी थी कि उसके भाई पवन व चचेरे भाई विक्की की गांव भैंसवाल निवासी रंजीता, कच्छी, पिकूं, बीधल निवासी अंकुश और तरुण, नारा, पानीपत निवासी शमशेर, खटकड़ जींद निवासी धोला, फरमाणा निवासी सुनेरा व आठ अन्य ने गोली मारकर हत्या की है। आरोपियों ने पैसों के लेनदेन में हत्या की गई। पुलिस ने देवेंद्र के बयान पर हत्या का मामला दर्ज किया था। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग ने दो टीमों का गठन किया था। सीआईए प्रभारी इंदीवर की टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी अंकुश को आईटीआई चौक से काबू किया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है।
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6 हजार रुपये दे दिए थे, फोन पर हुई थी कहासुनी
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में अंकुश ने बताया है कि विक्की को रंजीत से 6 हजार रुपये लेने थे। इसके लिए दो युवकों को रंजीत के पास भेजकर पैसे मंगवा लिए थे। इन युवकों के साथ रंजीत की कहासुनी हो गई थी। इस बारे में युवकों ने विक्की को बताया था तो विक्की ने फोन कर रंजीत से बात की। फोन पर रंजीत और विक्की की भी कहासुनी हो गई थी। इस पर विक्की ने रंजीत को अपने पास आने को कहा था। इसके बाद ही रंजीत अपने साथियों के साथ पिनाना अड्डे पर पहुंचा था। इसके बाद जब विक्की और पवन मौके पर पहुंचे तो उनकी हत्या कर दी गई।
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विक्की और पवन चचेरे भाइयों की हत्या के मामले में अंकुश को गिरफ्तार किया गया है। अंकुश ने बताया कि 6 हजार रुपये देने के बाद कहासुनी होने के कारण ही वारदात को अंजाम दिया गया था। अन्य आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-इंदीवर, सीआईए प्रभारी