Sonipat: रोक के बावजूद चार ईंट-भट्ठे चलते मिले, CM Flying Squad ने संचालकों पर दर्ज कराया मुकदमा
सोनीपत के मोहाना थाना क्षेत्र में ईंट-भट्ठे चलते मिले तो कार्रवाई की। टीम ने खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम को साथ लेकर छापामार कार्रवाई की। ईंट-भट्ठे की चिमनी ऊपर से बंद दिखाकर नीचे छोटी-छोटी चिमनी बनाई गई थी।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने ईंट-भट्ठे के संचालन पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद सोनीपत में ईंट-भट्ठों का संचालन किया जा रहा था। ऐसे ईंट-भट्ठे संचालकों पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने रात को छापामार कार्रवाई कर रही है। टीम ने गुहणा गांव के पास दीप ईंट-भट्ठा कंपनी, गणेश ईंट-भट्ठा कंपनी, शिव ईंट-भट्ठा कंपनी और आशीष ईंट-भट्ठे कंपनी पर कार्रवाई की है। इससे पहले सिद्धि विनायक ईंट-भट्ठे कंपनी पर कार्रवाई की जा चुकी है। ईंट-भट्ठा संचालकों ने चिमनी में ऊपर से धुआं निकलना बंद कर रखा था और चिमनी को नीचे से तोड़कर वहां से धुआं निकाला जा रहा था।
उडनदस्ते के डीएसपी अजीत सिंह ने बताया कि गुहणा क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद ईंट भट्ठे चलने की जानकारी मिली थी। जिस पर एसआई सुनील के साथ खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पावर कारपोरेशन की टीम को भेजकर जांच कराई गई। जिसमें चार ईंट-भट्ठे चलते हुए मिले। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
टीम ने तीन दिन पहले भी वहां पर रात को छापामारी कर भट्ठा पर कार्रवाई की थी। अबकी बार चार ईंट-भट्ठे चलते हुए मिले हैं। इनको रिकॉर्ड में बंद दिखाया गया था। टीम ने गुहणा गांव में दीप ईंट-भट्ठा कंपनी, गणेश ईंट-भट्ठा कंपनी, शिव ईंट-भट्ठा कंपनी और आशीष ईंट-भट्ठा कंपनी पर कार्रवाई की। दीप भट्ठा कंपनी के संचालक दिलबाग सिंह ने रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया और वहां से चला गया।
वहीं गणेश भट्ठा कंपनी के संचालक नवीन कुमार ने रिपोर्ट पर हस्ताक्षर कर दिए। शिव भट्ठा कंपनी व आशीष भट्ठा कंपनी पर संचालक और मुंशी में से कोई भी मौजूद नहीं था। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, आपूर्ति विभाग और पावर कारपोरेशन के अधिकारियों की टीम भी मौजूद रही। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर नवीन पालीवाल के बयान पर मोहाना थाने में चार ईंट-भट्ठा संचालकों पर मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।
अब पहले से ज्यादा फैल रहा प्रदूषण
ईंट-भट्ठों से निकलने वाले धुएं से प्रदूषण कम करने के लिए इनकी चिमनियों को ऊंचा कराया गया था। अब एनसीआर में भट्ठों का संचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। रोक के बावजूद इन्हें चलाया जा रहा है। भट्ठों की चिमनियों से दूर से ही धुआं निकलता दिख जाता है। ऐसे में संचालकों ने अब ईंट-भट्ठों से निकलने वाले धुएं को भी चिमनी के माध्यम से बाहर न निकालकर गरंड (भट्ठो पर ईंट भराई स्थल) के ऊपर छोटी-छोटी चिमनी लगाकर निकाला जा रहा था। जिससे वह धुआं क्षेत्र में फैल रहा है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता को ही करनी पड़ रही कार्रवाई
एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रदेश सरकार ने 30 जून से ही भट्ठों को बंद कर दिया था। इस संबंध में आपूर्ति विभाग की ओर से सरकार को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। जिसमें भट्ठों को अग्रिम आदेश तक स्थायी रूप से बंद कराना दिखाया गया है। आपूर्ति विभाग व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी के बावजूद एक सप्ताह में ही पांच ईंट-भट्ठे चलते मिले। यह सभी मोहाना थाना क्षेत्र में ही चलते मिले हैं। ऐसे में रात को सभी टीमों को साथ लेकर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम को कार्रवाई करनी पड़ रही है।
ईंट-भट्ठों को एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट ने बंद करने के आदेश दिए हैं। ऐसे में इन्हें अवैध तरीके से किसी सूरत में नहीं चलने दिया जाएगा। आदेशों की अवहेलना कर ईंट-भट्ठा चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। -अजीत सिंह, डीएसपी, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता