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विदेशियों संग डाटा शेयर करने का शक, पुलिस दे रही अकाउंट बंद कराने की सलाह
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एटीएम कार्ड क्लोन तैयार करने का मामला : विदेशियों के साथ डाटा शेयर करने का शक, पुलिस दे रही अकाउंट बंद कराने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
गन्नौर। एटीएम कार्ड के क्लोन तैयार कर लोगों के खातों से रकम उड़ाने के मामले में गिरफ्तार सुरेंद्र के तार विदेशों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने क्लोन तैयार करने की पूरी तकनीक विदेशी साथियों से इंटरनेट व सोशल मीडिया पर सीखी है। जिससे पुलिस को अब शक है कि उसने कहीं एटीएम कार्डों का डाटा अपने उन विदेशी ठग साथियों से शेयर तो नहीं कर दिया है। जिसके चलते पुलिस ने लड़सौली सीएनजी स्टेशन पर अपना एटीएम कार्ड प्रयोग करने वाले उपभोक्ताओं को कार्ड बंद कराने या खाता ही बंद करा दोबारा खुलवाने की सलाह दी है। साथ ही पुलिस ने मामले में सुरेंद्र के चचेरे भाई को भी गिरफ्तार किया है। वह सुरेंद्र द्वारा बनाई गई कंपनी का निदेशक था। हालांकि उसकी क्लोन तैयार करने के मामले में संलिप्तता नहीं मिली है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
विदित रहे कि गन्नौर क्षेत्र के लोगों के लगातार एटीएम कार्ड से पैसे निकाले जाने के मामले में गांव लड़सौली स्थित सीएनजी स्टेशन पर कार्यरत भिवानी के जुई खुर्द रवि व दिल्ली के नजफगढ़ स्थित श्याम विहार निवासी मनीष तथा मामले में मास्टर माइंड झज्जर के गांव झामरी निवासी सुरेंद्र को काबू किया था। जिसमें सामने आया था कि क्लोन तैयार करने के मामले के मास्टर माइंड सुरेंद्र ने ही सभी क्लोन तैयार किए थे। उसने ही सोशल मीडिया व यू-ट्यूब के माध्यम से क्लोन तैयार करने वालों से संपर्क कर यह तरीका सीखा था। साथ ही उनसे मशीन भी मंगवाई थी। पुलिस ने सुरेंद्र के ठिकानों से 300 खाली एटीएम कार्ड, दो डाटा चोरी करने वाली मशीन, चार डाटा स्वैप करने वाली मशीन बरामद की थी। अब पुलिस को शक है कि कहीं आरोपी ने एटीएम कार्ड का डाटा अपने विदेशी साथियों के साथ शेयर न कर लिया हो। इससे लोगों के खाते से फिर से पैसे गायब हो सकते हैं। जिसे देखते हुए पुलिस अब एहतियात बरतने की सलाह दी है।
विदेशियों संग डाटा किया होगा शेयर तो हो सकता है नुकसान
पुलिस को शक है कि अगर आरोपी ने अपने विदेशी साथियों संग लोगों का डाटा शेयर कर दिया होगा तो वह ज्यादा नुकसान कर सकते हैं। साथ ही उन तक पहुंचना भी पुलिस के लिए मुसीबत बन सकता है। आरोपी ने करीब 150 एटीएम कार्ड के क्लोन तैयार करना कबूला था। जिससे पुलिस ने सभी लोगों को अपने एटीएम कार्ड बंद कराने की सलाह दी है।
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सुरेंद्र के चचेरे भाई को किया काबू
पुलिस ने मामले में अब आरोपी सुरेंद्र के चचेरे भाई अमित को भी गिरफ्तार कर लिया है। अमित को दिल्ली से काबू किया गया है। अमित को सुरेंद्र ने अपनी मार्केटिंग फर्म वारी मार्केटिंग का निदेशक बना रखा था। फर्म के नाम पर ही बैंक में करंट अकाउंट खुलवा रखा था। जिसके माध्यम से सुरेंद्र ने ऑनलाइन साइटों से मशीनों व कार्डों की काफी मात्रा में खरीदारी की और उनका भुगतान किया। हालांकि शुरुआती पूछताछ में क्लोन तैयार करने के मामले में अमित की संलिप्तता नहीं मिली है।
अपने खाते बंद कराए या एटीएम कार्ड बदले
डीएसपी सुशीला ने बताया कि आरोपी द्वारा डाटा शेयर करने का शक है। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं ने अपने एटीएम कार्ड को सीएनजी स्टेशन लड़सौली में प्रयोग किया था वह अपना खाता ही बंद करा ले। जिससे ठगी की संभावना ही नहीं रहे। साथ ही खाता बंद कराना संभव न हो तो अपना एटीएम कार्ड अवश्य बदलवा लें। इससे उनकी राशि को सुरक्षित रखना आसान हो सकेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
गन्नौर। एटीएम कार्ड के क्लोन तैयार कर लोगों के खातों से रकम उड़ाने के मामले में गिरफ्तार सुरेंद्र के तार विदेशों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने क्लोन तैयार करने की पूरी तकनीक विदेशी साथियों से इंटरनेट व सोशल मीडिया पर सीखी है। जिससे पुलिस को अब शक है कि उसने कहीं एटीएम कार्डों का डाटा अपने उन विदेशी ठग साथियों से शेयर तो नहीं कर दिया है। जिसके चलते पुलिस ने लड़सौली सीएनजी स्टेशन पर अपना एटीएम कार्ड प्रयोग करने वाले उपभोक्ताओं को कार्ड बंद कराने या खाता ही बंद करा दोबारा खुलवाने की सलाह दी है। साथ ही पुलिस ने मामले में सुरेंद्र के चचेरे भाई को भी गिरफ्तार किया है। वह सुरेंद्र द्वारा बनाई गई कंपनी का निदेशक था। हालांकि उसकी क्लोन तैयार करने के मामले में संलिप्तता नहीं मिली है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
विदित रहे कि गन्नौर क्षेत्र के लोगों के लगातार एटीएम कार्ड से पैसे निकाले जाने के मामले में गांव लड़सौली स्थित सीएनजी स्टेशन पर कार्यरत भिवानी के जुई खुर्द रवि व दिल्ली के नजफगढ़ स्थित श्याम विहार निवासी मनीष तथा मामले में मास्टर माइंड झज्जर के गांव झामरी निवासी सुरेंद्र को काबू किया था। जिसमें सामने आया था कि क्लोन तैयार करने के मामले के मास्टर माइंड सुरेंद्र ने ही सभी क्लोन तैयार किए थे। उसने ही सोशल मीडिया व यू-ट्यूब के माध्यम से क्लोन तैयार करने वालों से संपर्क कर यह तरीका सीखा था। साथ ही उनसे मशीन भी मंगवाई थी। पुलिस ने सुरेंद्र के ठिकानों से 300 खाली एटीएम कार्ड, दो डाटा चोरी करने वाली मशीन, चार डाटा स्वैप करने वाली मशीन बरामद की थी। अब पुलिस को शक है कि कहीं आरोपी ने एटीएम कार्ड का डाटा अपने विदेशी साथियों के साथ शेयर न कर लिया हो। इससे लोगों के खाते से फिर से पैसे गायब हो सकते हैं। जिसे देखते हुए पुलिस अब एहतियात बरतने की सलाह दी है।
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विदेशियों संग डाटा किया होगा शेयर तो हो सकता है नुकसान
पुलिस को शक है कि अगर आरोपी ने अपने विदेशी साथियों संग लोगों का डाटा शेयर कर दिया होगा तो वह ज्यादा नुकसान कर सकते हैं। साथ ही उन तक पहुंचना भी पुलिस के लिए मुसीबत बन सकता है। आरोपी ने करीब 150 एटीएम कार्ड के क्लोन तैयार करना कबूला था। जिससे पुलिस ने सभी लोगों को अपने एटीएम कार्ड बंद कराने की सलाह दी है।
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सुरेंद्र के चचेरे भाई को किया काबू
पुलिस ने मामले में अब आरोपी सुरेंद्र के चचेरे भाई अमित को भी गिरफ्तार कर लिया है। अमित को दिल्ली से काबू किया गया है। अमित को सुरेंद्र ने अपनी मार्केटिंग फर्म वारी मार्केटिंग का निदेशक बना रखा था। फर्म के नाम पर ही बैंक में करंट अकाउंट खुलवा रखा था। जिसके माध्यम से सुरेंद्र ने ऑनलाइन साइटों से मशीनों व कार्डों की काफी मात्रा में खरीदारी की और उनका भुगतान किया। हालांकि शुरुआती पूछताछ में क्लोन तैयार करने के मामले में अमित की संलिप्तता नहीं मिली है।
अपने खाते बंद कराए या एटीएम कार्ड बदले
डीएसपी सुशीला ने बताया कि आरोपी द्वारा डाटा शेयर करने का शक है। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं ने अपने एटीएम कार्ड को सीएनजी स्टेशन लड़सौली में प्रयोग किया था वह अपना खाता ही बंद करा ले। जिससे ठगी की संभावना ही नहीं रहे। साथ ही खाता बंद कराना संभव न हो तो अपना एटीएम कार्ड अवश्य बदलवा लें। इससे उनकी राशि को सुरक्षित रखना आसान हो सकेगा।