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संशोधित : बिनानी के 30 बैग सीमेंट का कम निकला ग्रेड, अब 150 बैग देने होंगे
Updated Fri, 13 Oct 2017 01:55 AM IST
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जिला उपभोक्ता फोरम ने सुनाया फैसला
-पट्टी ब्राह्मणान के देवेंद्र ने 43 ग्रेड सीमेंट के 30 बैग केवल 11 ग्रेड के निकलने पर डाला था केस
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने ज्यादा ग्रेड का बताकर कम ग्रेड का सीमेंट बेचने के मामले की सुनवाई के बाद बिनानी कंपनी को दोषी माना है। कंपनी की तरफ से दिया गया 30 बैग सीमेंट काफी कम ग्रेड का निकला, जिसके चलते निर्माणाधीन मंदिर गिर गया था। इस पर फोरम ने कंपनी को दोषी ठहराते हुए शिकायतकर्ता को 150 बैग सीमेंट देने के आदेश दिया है।
गांव पट्टी ब्राह्मणान निवासी देवेंद्र ने जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी कि उसने अक्टूबर, 2014 में गन्नौर के कौशिक सीमेंट स्टोर से 30 बैग 43 ग्रेड की सीमेंट 7950 रुपये में खरीदी थी। वह सीमेंट से मंदिर बना रहा था। लेकिन उस सीमेंट से बनाया गया मंदिर गिर गया। जिस पर उसे शक हुआ और देवेंद्र ने सीमेंट की जांच मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की लैब में कराई। जिसमें सीमेंट का ग्रेड 11 से भी कम मिला। इस पर देवेंद्र ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया था। जहां फोरम ने सुनवाई के बाद बिनानी सीमेंट कंपनी को दोषी पाया। फोरम के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने मामले में बिनानी कंपनी को पीड़ित को 30 के बदले 150 बैग सीमेंट देने के आदेश दिया है। सीमेंट बैग डेढ़ माह में देने होंगे। समयावधि के बाद 50 रुपये प्रति बैग के हिसाब से जुर्माना भी देना होगा।
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-पट्टी ब्राह्मणान के देवेंद्र ने 43 ग्रेड सीमेंट के 30 बैग केवल 11 ग्रेड के निकलने पर डाला था केस
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने ज्यादा ग्रेड का बताकर कम ग्रेड का सीमेंट बेचने के मामले की सुनवाई के बाद बिनानी कंपनी को दोषी माना है। कंपनी की तरफ से दिया गया 30 बैग सीमेंट काफी कम ग्रेड का निकला, जिसके चलते निर्माणाधीन मंदिर गिर गया था। इस पर फोरम ने कंपनी को दोषी ठहराते हुए शिकायतकर्ता को 150 बैग सीमेंट देने के आदेश दिया है।
गांव पट्टी ब्राह्मणान निवासी देवेंद्र ने जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी कि उसने अक्टूबर, 2014 में गन्नौर के कौशिक सीमेंट स्टोर से 30 बैग 43 ग्रेड की सीमेंट 7950 रुपये में खरीदी थी। वह सीमेंट से मंदिर बना रहा था। लेकिन उस सीमेंट से बनाया गया मंदिर गिर गया। जिस पर उसे शक हुआ और देवेंद्र ने सीमेंट की जांच मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की लैब में कराई। जिसमें सीमेंट का ग्रेड 11 से भी कम मिला। इस पर देवेंद्र ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया था। जहां फोरम ने सुनवाई के बाद बिनानी सीमेंट कंपनी को दोषी पाया। फोरम के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने मामले में बिनानी कंपनी को पीड़ित को 30 के बदले 150 बैग सीमेंट देने के आदेश दिया है। सीमेंट बैग डेढ़ माह में देने होंगे। समयावधि के बाद 50 रुपये प्रति बैग के हिसाब से जुर्माना भी देना होगा।
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