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पिपली का हत्यारोपी सरपंच सस्पेंड, शरण देने के दो आरोपी भी गिरफ्तार
Updated Sun, 01 Jul 2018 12:56 AM IST
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पिपली का हत्यारोपी सरपंच सस्पेंड, शरण देने के दो आरोपी रोहतक से गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा/सोनीपत। गांव पिपली के हत्यारोपी सरपंच को डीसी ने सस्पेंड कर दिया है। डीसी ने एसपी से मिली रिपोर्ट के आधार पर सस्पेंड करने की कार्रवाई की है। वहीं पुलिस ने सरपंच को शरण देने के आरोप में दो आरोपियों को काबू किया है। सरपंच पर गांव के एक युवक की हत्या व दूसरे पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। सरपंच को शरण देने के आरोप में पुलिस ने रोहतक के गांव बालंद निवासी मंजीत व रौनकपुरा निवासी मोनू को गिरफ्तार किया है। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले सरपंच फरार हो गया।
विदित रहे कि गांव पिपली निवासी दलजीत ने पुलिस को शिकायत दी थी कि सरपंच रामनिवास ने अपने दो साथियों के साथ आकर उसके भतीजे आशीष की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने दलजीत के बयान पर सरपंच सहित तीन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। आरोप है कि गांव के एक युवक ने सरपंच की आरटीआई लगा रखी है। जमीन पर कब्जे को लेकर लगाई आरटीआई में पांच-छह युवक आरटीआई लगाने वाले की मदद कर रहे थे। उन्हें भी धमकी दी गई थी। इसी के चलते 12 जून को गांव के रामअवतार को गोली मारी गई थी। जिसके बाद से वह अस्पताल में दाखिल है। बाद में आशीष का मर्डर कर दिया गया। उसके बाद से गांव में पुलिस बल तैनात करने के साथ ही नौ टीम आरोपी की तलाश में लगा रखी है। एसपी सत्येंद्र गुप्ता ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव बालंद निवासी मंजीत व रौनकपुरा निवासी मोनू ने रामनिवास को शरण दे रखी है। पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन सरपंच वहां नहीं मिला। जिस पर पुलिस ने मंजीत व मोनू को शरण देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा/सोनीपत। गांव पिपली के हत्यारोपी सरपंच को डीसी ने सस्पेंड कर दिया है। डीसी ने एसपी से मिली रिपोर्ट के आधार पर सस्पेंड करने की कार्रवाई की है। वहीं पुलिस ने सरपंच को शरण देने के आरोप में दो आरोपियों को काबू किया है। सरपंच पर गांव के एक युवक की हत्या व दूसरे पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। सरपंच को शरण देने के आरोप में पुलिस ने रोहतक के गांव बालंद निवासी मंजीत व रौनकपुरा निवासी मोनू को गिरफ्तार किया है। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले सरपंच फरार हो गया।
विदित रहे कि गांव पिपली निवासी दलजीत ने पुलिस को शिकायत दी थी कि सरपंच रामनिवास ने अपने दो साथियों के साथ आकर उसके भतीजे आशीष की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने दलजीत के बयान पर सरपंच सहित तीन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। आरोप है कि गांव के एक युवक ने सरपंच की आरटीआई लगा रखी है। जमीन पर कब्जे को लेकर लगाई आरटीआई में पांच-छह युवक आरटीआई लगाने वाले की मदद कर रहे थे। उन्हें भी धमकी दी गई थी। इसी के चलते 12 जून को गांव के रामअवतार को गोली मारी गई थी। जिसके बाद से वह अस्पताल में दाखिल है। बाद में आशीष का मर्डर कर दिया गया। उसके बाद से गांव में पुलिस बल तैनात करने के साथ ही नौ टीम आरोपी की तलाश में लगा रखी है। एसपी सत्येंद्र गुप्ता ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव बालंद निवासी मंजीत व रौनकपुरा निवासी मोनू ने रामनिवास को शरण दे रखी है। पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन सरपंच वहां नहीं मिला। जिस पर पुलिस ने मंजीत व मोनू को शरण देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
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