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खुलासा: रजिस्ट्रेशन कराए बिना चल रही थी पेंट फैक्टरी, अन्य 2 हजार फैक्टरियों पर उठे सवाल
Updated Thu, 22 Mar 2018 01:20 AM IST
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अंकित चौहान
सोनीपत। राई औद्योगिक क्षेत्र स्थित रीयल पेंट फैक्टरी में आग लगने के चार दिन और चार कर्मियों के जिंदा जलने के बाद अधिकारियों को पता चल सका कि फैक्टरी अवैध थी। पिछले कई सालों से औद्योगिक क्षेत्र में इंडस्ट्रीज हेल्थ एंड सेफ्टी व श्रम विभाग की बिना अनुमति के पेंट की फैक्टरी चल रही थी। अब जब हादसा हुआ तो इसका खुलासा हुआ है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारियों की लापरवाही से हजारों-लाखों लोगों की जिंदगी खतरे में थी। अब श्रम विभाग के आयुक्त एसएन शर्मा ने फैक्टरी मालिक के नाम नोटिस जारी कर चार अप्रैल तक तलब होने के लिए कहा है। इस बारे में मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है, जहां से अनुमति मिलने पर निरीक्षण व कार्रवाई अभियान चलाया जाएगा। वहीं पांचवें कर्मी की तलाश के लिए पुलिस ने बुधवार को फिर सर्च अभियान चलाया।
राई औद्योगिक क्षेत्र की रीयल पेंट फैक्टरी में हादसे में करीब 12 कर्मी घायल हुए थे और पांच लापता। इसमें चार कर्मियों के अवशेष मिल गए, जबकि एक अभी भी लापता है। आग की वजह फैक्टरी संचालक की लापरवाही और शार्ट सर्किट बताई जा रही थी। वहीं फैक्टरी में पिछले कई सालों से विभागीय जांच न होने से इंडस्ट्रीज हेल्थ एंड सेफ्टी व श्रम विभाग के अधिकारी भी सवालों के घेरे में आ गए थे। हादसे के बाद दोनों विभागों के अधिकारियों ने छानबीन शुरू की तो विभाग की ही बड़ी लापरवाही उजागर हुई। खुलासा हुआ है कि इस पेंट फैक्टरी ने दोनों में किसी भी विभाग से अनुमति पत्र नहीं लिया हुआ है। विभाग के अधिकारी बताते हैं कि अनुमति पत्र लेने के लिए फैक्टरी चलाने से पहले आवेदन किया जाता है। जिसके बाद इन विभागों की टीम निरीक्षण करती है और उसकी पूरी रिपोर्ट तैयार करके सबकुछ सही मिलने पर अनुमति पत्र दिया जाता है। इन विभागों के अधिकारी अब खुद भी मान रहे हैं कि जिले में बड़ी संख्या में ऐसी फैक्टरी चल रही है, जिनके मालिकों ने इंडस्ट्रीज हेल्थ एंड सेफ्टी व श्रम विभाग से अनुमति पत्र नहीं लिया हुआ है। इनकी संख्या लगभग 2 हजार के आसपास होने की बात खुद अधिकारी मान रहे हैं। इस कारण ही इसकी पूरी रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है, जहां से फैक्टरियों में निरीक्षण व कार्रवाई के आदेश मिलते है तो उसके आधार पर अभियान चलाया जाएगा।
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फैक्टरी पर किया नोटिस चस्पा, मालिक को 4 अप्रैल तक किया तलब
श्रम विभाग के अधिकारी पहले भले ही जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हो, लेकिन अब इतना बड़ा हादसा होने के बाद वह जरूर सक्रियता दिखा रहे है। अब श्रम विभाग के आयुक्त एसएन शर्मा ने फैक्टरी मालिक के नाम नोटिस जारी किया है, जिसे मंगलवार को जारी किया गया है। उसमें कहा गया है कि फैक्टरी में चार कर्मियों की मौत हो गई है, जबकि छह गंभीर घायल हुए है। मृतकों के परिजनों व घायलों को मुआवजा देने के लिए 4 अप्रैल तक वह उनके कार्यालय में पहुंचे। इसके अलावा श्रमिकों के नाम, पता समेत अन्य सभी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। यह नोटिस फैक्टरी पर चस्पा कर दिया गया है।
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पांचवें कर्मी का सुराग नहीं लगा, तलाशी अभियान चला
फैक्टरी में आग लगने के बाद चार कर्मियों के शव के अवशेष मिल गए है, जबकि अभी तक लापता है। उसे तलाशने के लिए बुधवार के दिन भी अभियान चलाया गया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं लग सका। वहीं पुलिस ने फैक्टरी मालिक गुलशन माटा समेत अन्य आरोपियों में किसी को अभी पकडने का प्रयास नहीं किया है और पुलिस अभी केवल जांच के नाम पर मामले को खींचने में लगी है।
सीमा के पदाधिकारी कराएंगे नियमों का पालन
यह हादसा होने के बाद राई की स्माल स्केल इंडस्ट्रीयल मैन्यूफेक्चरिंग एसोसिएशन आगे आई है। सीमा के पदाधिकारियों ने बैठक करके फैसला लिया है कि अपना एक नाईट स्कवायड तैनात करने का फैसला लिया है जो रात में सभी फैक्टरी का निरीक्षण करेंगे। एसोसिएशन सभी फैक्टरी का निरीक्षण करके नियमों का पालन भी कराएगी। किसी फैक्टरी में नियमों का पालन नहीं होता मिला तो उनपर कार्रवाई कराई जाएगी। इस दौरान भूपेन्द्र चौधरी, महेन्द्र गोयल, नरेन्द्र काण्डा, सुनील भास्कर आदि मौजूद रहे।
जिस फैक्टरी में हादसा हुआ है, उसका कोई रजिस्ट्रेशन हमारे पास नहीं मिला है। हमारे यहां से अनुमति पत्र लेने के लिए आवेदन करना होता है, लेकिन कंपनी ने कोई आवेदन नहीं किया था और इस कारण फैक्टरी हमारे विभाग की ओर से अवैध रूप से चलाई जा रही थी। इसके लिए ही मुख्यालय में रिपोर्ट भेजी गई है और वहां से निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- वकील पूनिया, असिस्टेंट डायरेक्टर इंडस्ट्रीज हेल्थ एंड सेफ्टी विभाग
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सोनीपत। राई औद्योगिक क्षेत्र स्थित रीयल पेंट फैक्टरी में आग लगने के चार दिन और चार कर्मियों के जिंदा जलने के बाद अधिकारियों को पता चल सका कि फैक्टरी अवैध थी। पिछले कई सालों से औद्योगिक क्षेत्र में इंडस्ट्रीज हेल्थ एंड सेफ्टी व श्रम विभाग की बिना अनुमति के पेंट की फैक्टरी चल रही थी। अब जब हादसा हुआ तो इसका खुलासा हुआ है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारियों की लापरवाही से हजारों-लाखों लोगों की जिंदगी खतरे में थी। अब श्रम विभाग के आयुक्त एसएन शर्मा ने फैक्टरी मालिक के नाम नोटिस जारी कर चार अप्रैल तक तलब होने के लिए कहा है। इस बारे में मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है, जहां से अनुमति मिलने पर निरीक्षण व कार्रवाई अभियान चलाया जाएगा। वहीं पांचवें कर्मी की तलाश के लिए पुलिस ने बुधवार को फिर सर्च अभियान चलाया।
राई औद्योगिक क्षेत्र की रीयल पेंट फैक्टरी में हादसे में करीब 12 कर्मी घायल हुए थे और पांच लापता। इसमें चार कर्मियों के अवशेष मिल गए, जबकि एक अभी भी लापता है। आग की वजह फैक्टरी संचालक की लापरवाही और शार्ट सर्किट बताई जा रही थी। वहीं फैक्टरी में पिछले कई सालों से विभागीय जांच न होने से इंडस्ट्रीज हेल्थ एंड सेफ्टी व श्रम विभाग के अधिकारी भी सवालों के घेरे में आ गए थे। हादसे के बाद दोनों विभागों के अधिकारियों ने छानबीन शुरू की तो विभाग की ही बड़ी लापरवाही उजागर हुई। खुलासा हुआ है कि इस पेंट फैक्टरी ने दोनों में किसी भी विभाग से अनुमति पत्र नहीं लिया हुआ है। विभाग के अधिकारी बताते हैं कि अनुमति पत्र लेने के लिए फैक्टरी चलाने से पहले आवेदन किया जाता है। जिसके बाद इन विभागों की टीम निरीक्षण करती है और उसकी पूरी रिपोर्ट तैयार करके सबकुछ सही मिलने पर अनुमति पत्र दिया जाता है। इन विभागों के अधिकारी अब खुद भी मान रहे हैं कि जिले में बड़ी संख्या में ऐसी फैक्टरी चल रही है, जिनके मालिकों ने इंडस्ट्रीज हेल्थ एंड सेफ्टी व श्रम विभाग से अनुमति पत्र नहीं लिया हुआ है। इनकी संख्या लगभग 2 हजार के आसपास होने की बात खुद अधिकारी मान रहे हैं। इस कारण ही इसकी पूरी रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है, जहां से फैक्टरियों में निरीक्षण व कार्रवाई के आदेश मिलते है तो उसके आधार पर अभियान चलाया जाएगा।
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फैक्टरी पर किया नोटिस चस्पा, मालिक को 4 अप्रैल तक किया तलब
श्रम विभाग के अधिकारी पहले भले ही जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हो, लेकिन अब इतना बड़ा हादसा होने के बाद वह जरूर सक्रियता दिखा रहे है। अब श्रम विभाग के आयुक्त एसएन शर्मा ने फैक्टरी मालिक के नाम नोटिस जारी किया है, जिसे मंगलवार को जारी किया गया है। उसमें कहा गया है कि फैक्टरी में चार कर्मियों की मौत हो गई है, जबकि छह गंभीर घायल हुए है। मृतकों के परिजनों व घायलों को मुआवजा देने के लिए 4 अप्रैल तक वह उनके कार्यालय में पहुंचे। इसके अलावा श्रमिकों के नाम, पता समेत अन्य सभी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। यह नोटिस फैक्टरी पर चस्पा कर दिया गया है।
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पांचवें कर्मी का सुराग नहीं लगा, तलाशी अभियान चला
फैक्टरी में आग लगने के बाद चार कर्मियों के शव के अवशेष मिल गए है, जबकि अभी तक लापता है। उसे तलाशने के लिए बुधवार के दिन भी अभियान चलाया गया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं लग सका। वहीं पुलिस ने फैक्टरी मालिक गुलशन माटा समेत अन्य आरोपियों में किसी को अभी पकडने का प्रयास नहीं किया है और पुलिस अभी केवल जांच के नाम पर मामले को खींचने में लगी है।
सीमा के पदाधिकारी कराएंगे नियमों का पालन
यह हादसा होने के बाद राई की स्माल स्केल इंडस्ट्रीयल मैन्यूफेक्चरिंग एसोसिएशन आगे आई है। सीमा के पदाधिकारियों ने बैठक करके फैसला लिया है कि अपना एक नाईट स्कवायड तैनात करने का फैसला लिया है जो रात में सभी फैक्टरी का निरीक्षण करेंगे। एसोसिएशन सभी फैक्टरी का निरीक्षण करके नियमों का पालन भी कराएगी। किसी फैक्टरी में नियमों का पालन नहीं होता मिला तो उनपर कार्रवाई कराई जाएगी। इस दौरान भूपेन्द्र चौधरी, महेन्द्र गोयल, नरेन्द्र काण्डा, सुनील भास्कर आदि मौजूद रहे।
जिस फैक्टरी में हादसा हुआ है, उसका कोई रजिस्ट्रेशन हमारे पास नहीं मिला है। हमारे यहां से अनुमति पत्र लेने के लिए आवेदन करना होता है, लेकिन कंपनी ने कोई आवेदन नहीं किया था और इस कारण फैक्टरी हमारे विभाग की ओर से अवैध रूप से चलाई जा रही थी। इसके लिए ही मुख्यालय में रिपोर्ट भेजी गई है और वहां से निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- वकील पूनिया, असिस्टेंट डायरेक्टर इंडस्ट्रीज हेल्थ एंड सेफ्टी विभाग