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2.5 करोड़ रुपये से शुरू हुआ स्टेट हाईवे का निर्माण अधूरा छोड़ा, 14 गांवों व 5 रेजीडेंसियल कालोनियों के 70000 लोग, एक हजार दुकानदार परेशान
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बीसवां मिल के पास स्टेट हाईवे पर भरा पानी
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। बीसवां मील से बहादुरगढ़ को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे की हालत पिछले दो साल से बदतर है और 70 हजार लोगों के अलावा वहां के एक हजार दुकानदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जहां पहले एक साल तक स्टेट हाईवे का निर्माण शुरू नहीं होने से कई फुट तक दूषित पानी भरा रहता था तो उसका 2.5 करोड़ रुपये से 700 मीटर टुकड़े का निर्माण शुरू होने के बाद अब अधूरा छोड़ दिया गया है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र को दोनों ओर से बंद कर दिया गया है तो वहां काफी पानी भी भरा हुआ है। इस कारण ही 14 गांवों व 5 रेजीडेंसियल कॉलोनियों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है तो बीसवां मील के एक हजार दुकानदारों के परिवारों के लिए भूखे मरने की नौबत आ गई है। जिसका सबसे बड़ा कारण है कि दुकानों पर कोई पहुंच ही नहीं सकता है।
बहादुरगढ़ स्टेट हाईवे पर पानी की निकासी नहीं होने से हालात बदतर हो चुके थे और लोगों को आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। इस मार्ग से होकर जाने वाले दर्जनभर से अधिक गांवों के लोगों को दूषित पानी की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता था और उनको किसी तरह दूषित पानी के बीच से गुजरना पड़ता था। बीसवां मील मार्केट के दुकानदार व बढ़मलिक के लोगों को इससे सबसे अधिक परेशानी होती थी और लोग पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की लगातार मांग कर रहे थे। जिसको लेकर सामाजिक संगठनों तक ने आंदोलन शुरू किया और उसके बाद स्टेट हाईवे निर्माण के लगभग 2.5 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया था। जिससे 700 मीटर टुकड़े का निर्माण लगभग एक साल पहले शुरू जरूर किया गया, लेकिन इस एक साल में हालात सुधरने की जगह बदतर होते चले गए। पीडब्ल्यूडी ने स्टेट हाईवे का निर्माण करने के लिए उखाड़कर दोनों तरफ से बंद कर दिया और एक साल में अभी तक इसका निर्माण पूरा नही किया गया है। इस तरह दोनों तरफ से सड़क बंद करने के कारण गांवों के लोग बीसवां मील मार्केट में नहीं पहुंच सकते हैं तो मार्केट में पानी भी भरा हुआ है। इससे वहां लगभग एक हजार दुकानदारों का काम पूरी तरह से ठप हो गया है और उनके व परिवार के सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है।
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पीएम, परिवहन मंत्री, सीएम को ई-मेल से 93 शिकायत, 50 से ज्यादा प्रशासन के पास
हाईवे के कारण परेशानी झेल रहे लोग पिछले दो साल से लगातार शिकायत कर रहे हैं और वह अभी तक पीएम को 5 बार, सड़क परिवहन मंत्री को 38 व सीएम को 50 मेल करके शिकायत कर चुके हैं। उसके बावजूद अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसके अलावा 50 से ज्यादा बार स्थानीय नेताओं, प्रशासन, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के पास शिकायत कर चुके हैं। इतनी शिकायत करने के बाद भी कुछ नहीं हो रहा है।
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14 गांवों के लोगों का संपर्क हाईवे से कटा
बहादुरगढ़ स्टेट हाईवे पर बीसवां मील के पास दूषित पानी भरने से 14 गांवों का संपर्क हाईवे से कट गया है। बीसवां मील मार्केट, बढ़मलिक, जेठड़ी, जगदीशपुर, बारोटा, छतेहरा, माजरा, भौवापुर, खेड़ी मनाजात, लाडपुर, नाहरा-नाहरी, गढ़ी बिंदरौली व हलालपुर के लोगों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। लोग बार-बार शिकायत करते हैं, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हो पाया।
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5 रेजीडेंसियल कॉलोनियों के लोगों को परेशानी
बीसवां मील हाईवे बंद करने के कारण 5 रेजीडेंसियल कालोनियों के लोगों को दिक्कत हो रही है। उन्हें दिल्ली जाने के लिए दूसरे मार्गों से गुजरना पड़ रहा है। इस मार्ग से ट्यूलिप सिटी, मैक्स हाईट, अंसल, जिंदल रेजीडेंसी व सहारा कालोनी के साथ ही ओपी जिंदल विवि के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वह 15 किलोमीटर दूर तक घूमकर जाने को मजबूर होना पड़ रहा रहा है।
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करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं हो सका स्थायी समाधान
लोगों ने आरोप लगाया कि जनवरी 2018 में 9.5 करोड़ रुपये की लागत से इस मार्ग को ठीक किया गया था, लेकिन यह पैसा सड़क पर पानी भरने से बर्बाद हो गया था। जिसके तीन माह बाद ही यह टूट गया था। नाले के पानी की निकासी के अभाव में पानी सड़क पर भरा रहता था। जिसके बाद आंदोलन होने पर 2.5 करोड़ रुपये की मंजूरी हुई, लेकिन उसके बाद भी हालात नहीं बदले।
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हाईवे की हालत पूरी तरह से बिगड़ रही है। सरकार व प्रशासन के नकारापन का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। प्रशासनिक अधिकारी आंख बंद कर बैठे हैं। सभी सरकार के रवैये से नाखुश है। इसकी शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे बीसवां मिल मार्केट में दुकानदारों के सामने सबसे ज्यादा परेशानी आ रही है और काफी दुकानदारों के परिवारों के सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है।
-जयराम शर्मा, महासचिव बीसवां मिल मार्केट एसोसिएशन
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हाईवे की समस्या को लेकर पीएमओ से लेकर परिवहन मंत्री व सीएम तक को शिकायत कर चुके हैं। उसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। इस हाईवे को तोड़ने के बाद अधूरा छोड़ दिया गया और यहां मार्केट में कोई नहीं आता है। जिससे दुकान पूरी तरह से ठप हो रही हैं और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-विनोद शर्मा, उप प्रधान बीसवां मिल मार्केट एसोसिएशन
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हाईवे पूरी तरह से टूटने के बाद जब शिकायत व आंदोलन शुरू किए गए तो उसका निर्माण शुरू कराने की बात कही गई। इसका निर्माण एक साल पहले शुरू भी कराया गया, लेकिन उससे हालात सुधरने की जगह बिगड़ गए। ऐसे में दुकानदारों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और किराया तक नहीं निकल सका है।
-अजय, दुकानदार
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बीसवां मील से बहादुरगढ़ की तरफ जाने वाले मार्ग की स्थिति बदतर हो चुकी है। जब तक इस मार्ग की स्थिति में सुधार नहीं होगा, उस समय तक दुकानदारों की हालत भी नहीं सुधरेगी। सरकार को इस दिशा में तुरंत पहल करते हुए लोगों की समस्या को दूर करना चाहिए।
-धर्मवीर, महासचिव बीसवां मिल मार्केट एसोसिएशन
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स्टेट हाईवे के निर्माण का कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन बजट के अभाव में काम बंद किया गया है। विभाग से जल्द बजट मिलने की बात कही गई है और उसके बाद काम शुरू करा दिया जाएगा।
-पंकज गौड़, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी विभाग, सोनीपत।
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बहादुरगढ़ स्टेट हाईवे पर पानी की निकासी नहीं होने से हालात बदतर हो चुके थे और लोगों को आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। इस मार्ग से होकर जाने वाले दर्जनभर से अधिक गांवों के लोगों को दूषित पानी की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता था और उनको किसी तरह दूषित पानी के बीच से गुजरना पड़ता था। बीसवां मील मार्केट के दुकानदार व बढ़मलिक के लोगों को इससे सबसे अधिक परेशानी होती थी और लोग पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की लगातार मांग कर रहे थे। जिसको लेकर सामाजिक संगठनों तक ने आंदोलन शुरू किया और उसके बाद स्टेट हाईवे निर्माण के लगभग 2.5 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया था। जिससे 700 मीटर टुकड़े का निर्माण लगभग एक साल पहले शुरू जरूर किया गया, लेकिन इस एक साल में हालात सुधरने की जगह बदतर होते चले गए। पीडब्ल्यूडी ने स्टेट हाईवे का निर्माण करने के लिए उखाड़कर दोनों तरफ से बंद कर दिया और एक साल में अभी तक इसका निर्माण पूरा नही किया गया है। इस तरह दोनों तरफ से सड़क बंद करने के कारण गांवों के लोग बीसवां मील मार्केट में नहीं पहुंच सकते हैं तो मार्केट में पानी भी भरा हुआ है। इससे वहां लगभग एक हजार दुकानदारों का काम पूरी तरह से ठप हो गया है और उनके व परिवार के सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है।
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पीएम, परिवहन मंत्री, सीएम को ई-मेल से 93 शिकायत, 50 से ज्यादा प्रशासन के पास
हाईवे के कारण परेशानी झेल रहे लोग पिछले दो साल से लगातार शिकायत कर रहे हैं और वह अभी तक पीएम को 5 बार, सड़क परिवहन मंत्री को 38 व सीएम को 50 मेल करके शिकायत कर चुके हैं। उसके बावजूद अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसके अलावा 50 से ज्यादा बार स्थानीय नेताओं, प्रशासन, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के पास शिकायत कर चुके हैं। इतनी शिकायत करने के बाद भी कुछ नहीं हो रहा है।
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14 गांवों के लोगों का संपर्क हाईवे से कटा
बहादुरगढ़ स्टेट हाईवे पर बीसवां मील के पास दूषित पानी भरने से 14 गांवों का संपर्क हाईवे से कट गया है। बीसवां मील मार्केट, बढ़मलिक, जेठड़ी, जगदीशपुर, बारोटा, छतेहरा, माजरा, भौवापुर, खेड़ी मनाजात, लाडपुर, नाहरा-नाहरी, गढ़ी बिंदरौली व हलालपुर के लोगों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। लोग बार-बार शिकायत करते हैं, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हो पाया।
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5 रेजीडेंसियल कॉलोनियों के लोगों को परेशानी
बीसवां मील हाईवे बंद करने के कारण 5 रेजीडेंसियल कालोनियों के लोगों को दिक्कत हो रही है। उन्हें दिल्ली जाने के लिए दूसरे मार्गों से गुजरना पड़ रहा है। इस मार्ग से ट्यूलिप सिटी, मैक्स हाईट, अंसल, जिंदल रेजीडेंसी व सहारा कालोनी के साथ ही ओपी जिंदल विवि के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वह 15 किलोमीटर दूर तक घूमकर जाने को मजबूर होना पड़ रहा रहा है।
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करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं हो सका स्थायी समाधान
लोगों ने आरोप लगाया कि जनवरी 2018 में 9.5 करोड़ रुपये की लागत से इस मार्ग को ठीक किया गया था, लेकिन यह पैसा सड़क पर पानी भरने से बर्बाद हो गया था। जिसके तीन माह बाद ही यह टूट गया था। नाले के पानी की निकासी के अभाव में पानी सड़क पर भरा रहता था। जिसके बाद आंदोलन होने पर 2.5 करोड़ रुपये की मंजूरी हुई, लेकिन उसके बाद भी हालात नहीं बदले।
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हाईवे की हालत पूरी तरह से बिगड़ रही है। सरकार व प्रशासन के नकारापन का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। प्रशासनिक अधिकारी आंख बंद कर बैठे हैं। सभी सरकार के रवैये से नाखुश है। इसकी शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे बीसवां मिल मार्केट में दुकानदारों के सामने सबसे ज्यादा परेशानी आ रही है और काफी दुकानदारों के परिवारों के सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है।
-जयराम शर्मा, महासचिव बीसवां मिल मार्केट एसोसिएशन
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हाईवे की समस्या को लेकर पीएमओ से लेकर परिवहन मंत्री व सीएम तक को शिकायत कर चुके हैं। उसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। इस हाईवे को तोड़ने के बाद अधूरा छोड़ दिया गया और यहां मार्केट में कोई नहीं आता है। जिससे दुकान पूरी तरह से ठप हो रही हैं और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-विनोद शर्मा, उप प्रधान बीसवां मिल मार्केट एसोसिएशन
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हाईवे पूरी तरह से टूटने के बाद जब शिकायत व आंदोलन शुरू किए गए तो उसका निर्माण शुरू कराने की बात कही गई। इसका निर्माण एक साल पहले शुरू भी कराया गया, लेकिन उससे हालात सुधरने की जगह बिगड़ गए। ऐसे में दुकानदारों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और किराया तक नहीं निकल सका है।
-अजय, दुकानदार
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बीसवां मील से बहादुरगढ़ की तरफ जाने वाले मार्ग की स्थिति बदतर हो चुकी है। जब तक इस मार्ग की स्थिति में सुधार नहीं होगा, उस समय तक दुकानदारों की हालत भी नहीं सुधरेगी। सरकार को इस दिशा में तुरंत पहल करते हुए लोगों की समस्या को दूर करना चाहिए।
-धर्मवीर, महासचिव बीसवां मिल मार्केट एसोसिएशन
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स्टेट हाईवे के निर्माण का कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन बजट के अभाव में काम बंद किया गया है। विभाग से जल्द बजट मिलने की बात कही गई है और उसके बाद काम शुरू करा दिया जाएगा।
-पंकज गौड़, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी विभाग, सोनीपत।

बीसवां मिल के पास स्टेट हाईवे पर पानी के बीच से गुजरते लोग- फोटो : Sonipat