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Sonipat News: 87 गांवों के लिए फिर खोला क्षतिपूर्ति पोर्टल, किसानों को राहत
Sun, 02 Apr 2023 12:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 02 Apr 2023 12:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। बेमौसम बारिश से परेशान किसानों को थोड़ी राहत मिली है। जिला प्रशासन ने 87 संवेदनशील गांवों के लिए फिर से क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है। साथ ही किसानों का आह्वान किया है कि वह अपनी फसल में हुए नुकसान की शिकायत जल्द ऑनलाइन दर्ज करवाएं। वहीं दो दिन बारिश के बाद तीसरे दिन भी जिले में कई स्थानों पर बूंदाबांदी हुई।
फसल का पंजीकरण मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर करवाने व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी बीमा नहीं करवाने वाले किसानों के खेतों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला है। यह मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल से लिंक है। जिले में 21 मार्च को हुई बारिश के बाद क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया था और शिकायत दर्ज होने के बाद इसे बंद कर दिया था। अब दो दिन हुई बारिश ने एक बार फिर से किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। जिसके चलते प्रशासन ने किसानों को राहत देने के लिए 87 गांवों के लिए पोर्टल खोला है।
अलग-अलग ब्लाक के गांवों के लिए खोला पोर्टल
प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार दो दिनों में हुई बारिश का सबसे अधिक असर गोहाना क्षेत्र में पड़ा है। ऐसे में जिन गांवों मे क्षतिपूर्ति पोर्टल फिर से खुला है उनमें सबसे अधिक 54 गांव गोहाना के हैं। इनमें तिहाड़, गंगेसर, मोई, जसराना, माहरा, भैंसवाल, गढ़ी सराय, नगर, बडोता, खेड़ी दमकन, न्यात, लाठ, बिधल, कथूरा, आहुलाना आदि गांव शामिल किए गए है। इस सूची में खरखौदा ब्लाक के 12 गांव शामिल है। जिनमें आंवली, खरखौदा, रोहणा, सिसाना, पिपली, गोपालपुर, सैदपुर, निरथान आदि गांव है। सोनीपत ब्लाक से नाहरा, हलालपुर, नाहरी, पिनाना, बोहला, तिहाड़ खुर्द, बड़वासनी सहित 21 गांव शामिल किए है।
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296 गांवों के 4753 किसानों ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत
10 दिन से किसानों को रूक-रूककर बेमौसम बारिश का सामना करना पड़ रहा है। अब तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 296 गांवों 4753 किसान अपनी फसल खराब होने की शिकायत दर्ज करवा चुके है। किसानों ने 33 हजार 896 एकड़ भूमि में फसल खराब होने की शिकायत दी है। मौसम अब भी साफ नहीं हो पाया है। शनिवार को भी जिले के अधिकतर क्षेत्रों में शाम के समय हल्की बूंदाबांदी हुई। ऐसे में शिकायत दर्ज करवाने का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।
वर्जन
बारिश के चलते किसानों को नुकसान झेलना पड़ा है। किसान फसल खराब होने की अपनी शिकायत दर्ज करवा सके इसके लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल फिर से खोला गया है। किसानों का आह्वान किया गया है कि वह जल्द अपनी शिकायत दर्ज करवाएं।
हरिओम अत्री, जिला राजस्व अधिकारी सोनीपत
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सोनीपत। बेमौसम बारिश से परेशान किसानों को थोड़ी राहत मिली है। जिला प्रशासन ने 87 संवेदनशील गांवों के लिए फिर से क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है। साथ ही किसानों का आह्वान किया है कि वह अपनी फसल में हुए नुकसान की शिकायत जल्द ऑनलाइन दर्ज करवाएं। वहीं दो दिन बारिश के बाद तीसरे दिन भी जिले में कई स्थानों पर बूंदाबांदी हुई।
फसल का पंजीकरण मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर करवाने व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी बीमा नहीं करवाने वाले किसानों के खेतों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला है। यह मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल से लिंक है। जिले में 21 मार्च को हुई बारिश के बाद क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया था और शिकायत दर्ज होने के बाद इसे बंद कर दिया था। अब दो दिन हुई बारिश ने एक बार फिर से किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। जिसके चलते प्रशासन ने किसानों को राहत देने के लिए 87 गांवों के लिए पोर्टल खोला है।
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अलग-अलग ब्लाक के गांवों के लिए खोला पोर्टल
प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार दो दिनों में हुई बारिश का सबसे अधिक असर गोहाना क्षेत्र में पड़ा है। ऐसे में जिन गांवों मे क्षतिपूर्ति पोर्टल फिर से खुला है उनमें सबसे अधिक 54 गांव गोहाना के हैं। इनमें तिहाड़, गंगेसर, मोई, जसराना, माहरा, भैंसवाल, गढ़ी सराय, नगर, बडोता, खेड़ी दमकन, न्यात, लाठ, बिधल, कथूरा, आहुलाना आदि गांव शामिल किए गए है। इस सूची में खरखौदा ब्लाक के 12 गांव शामिल है। जिनमें आंवली, खरखौदा, रोहणा, सिसाना, पिपली, गोपालपुर, सैदपुर, निरथान आदि गांव है। सोनीपत ब्लाक से नाहरा, हलालपुर, नाहरी, पिनाना, बोहला, तिहाड़ खुर्द, बड़वासनी सहित 21 गांव शामिल किए है।
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296 गांवों के 4753 किसानों ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत
10 दिन से किसानों को रूक-रूककर बेमौसम बारिश का सामना करना पड़ रहा है। अब तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 296 गांवों 4753 किसान अपनी फसल खराब होने की शिकायत दर्ज करवा चुके है। किसानों ने 33 हजार 896 एकड़ भूमि में फसल खराब होने की शिकायत दी है। मौसम अब भी साफ नहीं हो पाया है। शनिवार को भी जिले के अधिकतर क्षेत्रों में शाम के समय हल्की बूंदाबांदी हुई। ऐसे में शिकायत दर्ज करवाने का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।
वर्जन
बारिश के चलते किसानों को नुकसान झेलना पड़ा है। किसान फसल खराब होने की अपनी शिकायत दर्ज करवा सके इसके लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल फिर से खोला गया है। किसानों का आह्वान किया गया है कि वह जल्द अपनी शिकायत दर्ज करवाएं।
हरिओम अत्री, जिला राजस्व अधिकारी सोनीपत