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Sonipat News: समागम में 30 जोड़ों के हुए दहेज मुक्त विवाह
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फोटो - धनाना स्थित सतलोक आश्रम में समागम में शामिल भक्त। स्रोत - प्रवक्ता
गोहाना। धनाना स्थित सतलोक आश्रम में मंगलवार को तीन दिवसीय समागम का समापन हुआ। समागम के दौरान 30 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह कराया गया। इसके अलावा तीन दिनों में करीब 3200 लोगों की आंखों और 2100 लोगों के दांतों की जांच की गई। उन्हें निशुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
समापन अवसर पर संत रामपाल महाराज ने कहा कि सभी भगवान की संतान हैं। किसी को परेशान नहीं करना चाहिए। मनुष्य का उद्देश्य मोक्ष की प्राप्ति होना चाहिए। इसके लिए जनकल्याण के कार्य करने चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान की मर्जी के बिना कोई भी जनकल्याण का कार्य संभव नहीं है। नेक कार्यों में भगवान का साथ मिलता है। इसलिए भक्ति कर मोक्ष के मार्ग पर चलना चाहिए।
आश्रम के प्रवक्ता डॉ. संदीप वत्स ने बताया कि तीन दिनों में करीब तीन लाख श्रद्धालुओं ने आश्रम में संत गरीबदास की अमृतवाणी का पाठ और श्रवण किया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद भी ग्रहण किया। भंडारे में देसी घी से तैयार हलवा, लड्डू, जलेबी, सब्जी और रोटी वितरित की गई।
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दूसरे प्रदेशों से आए श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था आश्रम में की गई थी। उनके आने-जाने के लिए बसों और अन्य वाहनों की व्यवस्था भी की गई।
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समापन अवसर पर संत रामपाल महाराज ने कहा कि सभी भगवान की संतान हैं। किसी को परेशान नहीं करना चाहिए। मनुष्य का उद्देश्य मोक्ष की प्राप्ति होना चाहिए। इसके लिए जनकल्याण के कार्य करने चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान की मर्जी के बिना कोई भी जनकल्याण का कार्य संभव नहीं है। नेक कार्यों में भगवान का साथ मिलता है। इसलिए भक्ति कर मोक्ष के मार्ग पर चलना चाहिए।
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आश्रम के प्रवक्ता डॉ. संदीप वत्स ने बताया कि तीन दिनों में करीब तीन लाख श्रद्धालुओं ने आश्रम में संत गरीबदास की अमृतवाणी का पाठ और श्रवण किया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद भी ग्रहण किया। भंडारे में देसी घी से तैयार हलवा, लड्डू, जलेबी, सब्जी और रोटी वितरित की गई।
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दूसरे प्रदेशों से आए श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था आश्रम में की गई थी। उनके आने-जाने के लिए बसों और अन्य वाहनों की व्यवस्था भी की गई।