{"_id":"6a9732b8c042aa9a9c0f8e2c","slug":"butana-branch-canal-to-be-lined-capacity-to-increase-by-498-cusecs-sonipat-news-c-197-1-snp1017-159739-2026-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: बुटाना ब्रांच नहर होगी पक्की 498 क्यूसेक बढ़ेगी क्षमता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: बुटाना ब्रांच नहर होगी पक्की 498 क्यूसेक बढ़ेगी क्षमता
विज्ञापन
फोटो - काहनौर सब माइनर, जिसमें बुटाना ब्रांच से पानी छोड़ा जाता है। संवाद
गोहाना। प्रदेश के पांच जिलों में सिंचाई और पेयजल की जरूरत पूरी करने के लिए बुटाना ब्रांच नहर को पक्का किया जाएगा। साथ ही नहर की क्षमता 4600 से बढ़ाकर 5098 क्यूसेक की जाएगी। सिंचाई विभाग के इस प्रोजेक्ट पर करीब 185 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए बजट वर्ल्ड बैंक से मिलने की बात कही गई है।
बुटाना ब्रांच को फीडर चैनल का दर्जा प्राप्त है। इससे कई नहरों और माइनरों में पानी छोड़ा जाता है। नहर से बड़ी संख्या में किसान सिंचाई के लिए पानी लेते हैं। इसके अलावा जलापूर्ति विभाग द्वारा बनाए गए जलघरों को भी इसी नहर से पानी उपलब्ध कराया जाता है। बढ़ती मांग को देखते हुए नहर की क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
36 किलोमीटर हिस्से को किया जाएगा पक्का : अधिकारियों के अनुसार बुटाना ब्रांच नहर की पटरी और बेस फिलहाल ईंटों से बने हुए हैं। इससे पानी का रिसाव जमीन में होता रहता है। अब नहर के 36 किलोमीटर हिस्से को पक्का किया जाएगा। इसके लिए नहर की पटरी और बेस सीसी से तैयार किए जाएंगे। क्षमता बढ़ाने के लिए पटरियों की ऊंचाई भी बढ़ाई जाएगी। इससे पानी के रिसाव में कमी आएगी और उपलब्ध पानी का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुटाना ब्रांच को फीडर चैनल का दर्जा प्राप्त है। इससे कई नहरों और माइनरों में पानी छोड़ा जाता है। नहर से बड़ी संख्या में किसान सिंचाई के लिए पानी लेते हैं। इसके अलावा जलापूर्ति विभाग द्वारा बनाए गए जलघरों को भी इसी नहर से पानी उपलब्ध कराया जाता है। बढ़ती मांग को देखते हुए नहर की क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
विज्ञापन
36 किलोमीटर हिस्से को किया जाएगा पक्का : अधिकारियों के अनुसार बुटाना ब्रांच नहर की पटरी और बेस फिलहाल ईंटों से बने हुए हैं। इससे पानी का रिसाव जमीन में होता रहता है। अब नहर के 36 किलोमीटर हिस्से को पक्का किया जाएगा। इसके लिए नहर की पटरी और बेस सीसी से तैयार किए जाएंगे। क्षमता बढ़ाने के लिए पटरियों की ऊंचाई भी बढ़ाई जाएगी। इससे पानी के रिसाव में कमी आएगी और उपलब्ध पानी का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
विज्ञापन