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Sonipat News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने दिया धरना, निकाला जुलूस
Thu, 19 Dec 2024 10:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 19 Dec 2024 10:29 PM IST
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फोटो 19: सोनीपत शहर में अपनी मांगों को लेकर जुलूस निकालती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं। संव
सोनीपत। आंगनबाड़ी वर्कर्स हेल्पर्स यूनियन के आह्वान पर कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने वीरवार को लघु सचिवालय में अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। इसके बाद उन्होंने लघु सचिवालय से महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय तक जुलूस निकाला और प्रदेश सरकार के नाम अतिरिक्त उपायुक्त व विभाग की जिला परियोजना अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं का नेतृत्व यूनियन की प्रधान ऊषा रानी, कोषाध्यक्ष कविता दहीया, सीआईटीयू के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा व कामरेड श्रद्धानंद सोलंकी कर रहे थे। प्रधान ऊषा रानी ने कहा कि उन्हें पोषण ट्रैकर एप पर काम करने में परेशानी हो रही है। सरकार की ओर से इस एप को बंद करना चाहिए। हड़ताल के दौरान बर्खास्त कार्यकर्ता व सहायिकाओं का मानदेय जल्द जारी किया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों में में राशन बनाने के लिए घरेलू गैस इस्तेमाल होती है। विभाग की ओर से पैसे न देने की बाद गैस सिलिंडर उपलब्ध कराना चाहिए। कार्यकर्ता से सुपरवाइजर की पदोन्नति बारे पत्र जारी किया जाए। खाली पड़े पदों पर तुरंत भर्ती की जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों को यदि क्रेच में तब्दील किया जाता है तो केवल क्रेच का ही काम लिया जाए। कार्यकर्ताओं को तृतीय श्रेणी व सहायिकाओं को चतुर्थ श्रेणी कर्मी घोषित किया जाए।
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प्रदर्शनकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं का नेतृत्व यूनियन की प्रधान ऊषा रानी, कोषाध्यक्ष कविता दहीया, सीआईटीयू के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा व कामरेड श्रद्धानंद सोलंकी कर रहे थे। प्रधान ऊषा रानी ने कहा कि उन्हें पोषण ट्रैकर एप पर काम करने में परेशानी हो रही है। सरकार की ओर से इस एप को बंद करना चाहिए। हड़ताल के दौरान बर्खास्त कार्यकर्ता व सहायिकाओं का मानदेय जल्द जारी किया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों में में राशन बनाने के लिए घरेलू गैस इस्तेमाल होती है। विभाग की ओर से पैसे न देने की बाद गैस सिलिंडर उपलब्ध कराना चाहिए। कार्यकर्ता से सुपरवाइजर की पदोन्नति बारे पत्र जारी किया जाए। खाली पड़े पदों पर तुरंत भर्ती की जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों को यदि क्रेच में तब्दील किया जाता है तो केवल क्रेच का ही काम लिया जाए। कार्यकर्ताओं को तृतीय श्रेणी व सहायिकाओं को चतुर्थ श्रेणी कर्मी घोषित किया जाए।
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