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सेना में जज एडवोकेट जनरल परीक्षा में आकांक्षित ने प्राप्त किया पहला रैंक
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आकांक्षित दहिया।
- फोटो : Sonipat
जिले के गांव नाहरी निवासी व वर्तमान में मोतीलाल नेहरू खेलकूद स्कूल, राई में परिवार के साथ रहने वाले आकांक्षित दहिया ने सेना में ऑल इंडिया लेवल पर जज एडवोकेट जनरल (जेएजी) की परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया है। वह 21 अगस्त से ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) में एक साल का प्रशिक्षण लेकर जज एडवोकेट जनरल ब्रांच में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन होंगे। उनकी इस सफलता पर गांव के अलावा स्कूल परिसर में खुशी का माहौल है।
सेना द्वारा अपनी स्वयं की न्यायिक सेवा के लिए हर साल जज एडवोकेट जनरल (जेएजी) की परीक्षा आयोजित की जाती है। इसमें देशभर से हजारों परीक्षार्थी शामिल होते हैं। परीक्षा में सफल युवाओं को सेना में जज के तौर पर कार्य करने का मौका मिलता है। पिछले दिनों आयोजित इस परीक्षा का परिणाम आने पर आकांक्षित दहिया ने देशभर में पहला रैंक प्राप्त कर अपने स्कूल, गांव व जिले का नाम रोशन कर दिया।
पिता जयकरण बोले - बेटे की उपलब्धि पर है गर्व
आकांक्षित दहिया के पिता जयकरण दहिया दिल्ली में टाटा पावर में एजीएम (एचआर) पद पर नियुक्त हैं। उन्होंने बताया कि आकांक्षित बचपन से ही होनहार रहा है। उसने अपनी 12वीं तक की शिक्षा मोतीलाल नेहरू स्कूल ऑफ स्पोटर्स, राई से प्राप्त की। उसके बाद एमिटी यूनिवर्सिटी से बीए व एलएलबी की। आकांक्षित शुरू से ही लक्ष्य निर्धारित कर उसे पाने के लिए कड़ा संघर्ष करता था। बेटे की सफलता पर गर्व है।
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दादा को दिया अपनी उपलब्धि का श्रेय
आकांक्षित दहिया ने बताया कि सेना में शामिल होने की प्रेरणा मुझे मेरे दादा स्व. चौधरी सुखलाल दहिया (सेवानिवृत्त जेसीओ) से मिली। उनके दादा ने उन्हें हमेशा ईमानदारी, कर्त्तव्यपरायणता और अनुशासित जीवन के लिए प्रेरित किया। आकांक्षित ने मोतीलाल नेहरू खेलकूद स्कूल राई के जूनियर विंग व सीनियर विंग के अपने सभी शिक्षकों और कोच के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी अंग्रेजी शिक्षिका मीता नागपाल का विशेष उल्लेख किया, जिन्होंने वास्तव में उनके लिए एक मार्गदर्शक का कार्य किया।
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सेना द्वारा अपनी स्वयं की न्यायिक सेवा के लिए हर साल जज एडवोकेट जनरल (जेएजी) की परीक्षा आयोजित की जाती है। इसमें देशभर से हजारों परीक्षार्थी शामिल होते हैं। परीक्षा में सफल युवाओं को सेना में जज के तौर पर कार्य करने का मौका मिलता है। पिछले दिनों आयोजित इस परीक्षा का परिणाम आने पर आकांक्षित दहिया ने देशभर में पहला रैंक प्राप्त कर अपने स्कूल, गांव व जिले का नाम रोशन कर दिया।
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पिता जयकरण बोले - बेटे की उपलब्धि पर है गर्व
आकांक्षित दहिया के पिता जयकरण दहिया दिल्ली में टाटा पावर में एजीएम (एचआर) पद पर नियुक्त हैं। उन्होंने बताया कि आकांक्षित बचपन से ही होनहार रहा है। उसने अपनी 12वीं तक की शिक्षा मोतीलाल नेहरू स्कूल ऑफ स्पोटर्स, राई से प्राप्त की। उसके बाद एमिटी यूनिवर्सिटी से बीए व एलएलबी की। आकांक्षित शुरू से ही लक्ष्य निर्धारित कर उसे पाने के लिए कड़ा संघर्ष करता था। बेटे की सफलता पर गर्व है।
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दादा को दिया अपनी उपलब्धि का श्रेय
आकांक्षित दहिया ने बताया कि सेना में शामिल होने की प्रेरणा मुझे मेरे दादा स्व. चौधरी सुखलाल दहिया (सेवानिवृत्त जेसीओ) से मिली। उनके दादा ने उन्हें हमेशा ईमानदारी, कर्त्तव्यपरायणता और अनुशासित जीवन के लिए प्रेरित किया। आकांक्षित ने मोतीलाल नेहरू खेलकूद स्कूल राई के जूनियर विंग व सीनियर विंग के अपने सभी शिक्षकों और कोच के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी अंग्रेजी शिक्षिका मीता नागपाल का विशेष उल्लेख किया, जिन्होंने वास्तव में उनके लिए एक मार्गदर्शक का कार्य किया।