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गुरु पूजा से शिष्य की झलकती है अनन्य भक्ति : महर्षि गंगादास
Mon, 27 Jul 2026 08:34 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 27 Jul 2026 08:34 PM IST
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फोटो - सतगुरु गरीब दास संत योगाश्रम, बड़ौता में संध्या आरती करते हुए श्रद्धालु। स्रोत - प्रवक्त
संवाद न्यूज़ एजेंसी
गोहाना। सतगुरु गरीब दास संत योगाश्रम, बड़ौता में सोमवार को तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया। पहले दिन सुबह 7 बजे हवन किया गया। इसके बाद पचरंग झंडा निशान साहिब का आयोजन हुआ।
सुबह 10:30 बजे पाठ प्रकाश एवं दोपहर 2 से 3 बजे तक गुरुदेव ब्रह्मनिष्ठ महर्षि गंगादास महाराज एवं विदुषी साध्वी शील दीदी के सान्निध्य में सत्संग हुआ। सत्संग में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली एवं राजस्थान से श्रद्धालु शामिल हुए।
महर्षि गंगादास महाराज ने कहा कि गुरु पूजा वह दिव्य अनुष्ठान है जिससे शिष्य अपने गुरु के प्रति अपनी अनन्य श्रद्धा एवं कृतज्ञता प्रकट करता है। सच्चे गुरु की पूजा केवल पुष्प-अर्पण नहीं, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सार्थक करना ही सबसे बड़ी गुरु पूजा है। इस दौरान भंडारे का आयोजन किया गया। शाम की आरती के साथ पहला दिवस संपन्न हुआ।
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गोहाना। सतगुरु गरीब दास संत योगाश्रम, बड़ौता में सोमवार को तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया। पहले दिन सुबह 7 बजे हवन किया गया। इसके बाद पचरंग झंडा निशान साहिब का आयोजन हुआ।
सुबह 10:30 बजे पाठ प्रकाश एवं दोपहर 2 से 3 बजे तक गुरुदेव ब्रह्मनिष्ठ महर्षि गंगादास महाराज एवं विदुषी साध्वी शील दीदी के सान्निध्य में सत्संग हुआ। सत्संग में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली एवं राजस्थान से श्रद्धालु शामिल हुए।
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महर्षि गंगादास महाराज ने कहा कि गुरु पूजा वह दिव्य अनुष्ठान है जिससे शिष्य अपने गुरु के प्रति अपनी अनन्य श्रद्धा एवं कृतज्ञता प्रकट करता है। सच्चे गुरु की पूजा केवल पुष्प-अर्पण नहीं, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सार्थक करना ही सबसे बड़ी गुरु पूजा है। इस दौरान भंडारे का आयोजन किया गया। शाम की आरती के साथ पहला दिवस संपन्न हुआ।
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