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जंगल में खड़ी रही श्री शक्ति एक्सप्रेस, खाने व पीने का सामान हुआ खत्म, प्यास बुझाने को भटकते रहे यात्री
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:30 AM IST
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जंगल में खड़ी रही श्री शक्ति एक्सप्रेस, खाने और पीने का सामान हुआ खत्म, प्यास बुझाने को भटकते रहे यात्री
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। गेटमैन पर हुए हमले के विरोध में रेल कर्मियों ने करीब तीन घंटे तक दिल्ली-अंबाला ट्रैक जाम रखा। इस दौरान दिल्ली की ओर जाने वाली श्री शक्ति एक्सप्रेस जंगल में खड़ी रही। जिससे ट्रेन में खाने व पीने का सामान खत्म हुआ तो यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्यास बुझाने के लिए यात्री खेतों में भटकते रहे। जहां खेतों से बोतलों में पानी लाकर यात्रियों ने प्यास बुझाई। वहीं ट्रैक नहीं खुलता देख ट्रेन से उतरकर काफी यात्री अपने गंतव्य की ओर से निजी वाहनों से जाने के लिए मजबूर हुए। ट्रैक तीन घंटे जाम रहने से करीब एक दर्जन ट्रेन बाधित रही।
श्री शक्ति एक्सप्रेस (22462) सोमवार सुबह कटरा से नई दिल्ली जा रही थी। साफियाबाद फाटक पर ट्रैक जाम होने चलते ट्रेन को सुबह 10 बजे साफियाबाद फाटक से आधा किमी दूर जंगल में रोका गया। करीब तीन घंटे तक ट्रैक जाम होने पर ट्रेन में सवार यात्री परेशान रहे। सुबह 11 बजे ही ट्रेन के पेंट्री कार में खाने व पीने का सामान खत्म हो गया। इसके बाद सामान उपलब्ध नहीं होने से यात्रियों में हाहाकार मच गया। पानी व खाद्य पदार्थ नहीं मिलने से बच्चे बिलखते रहे। इसके बाद यात्री पानी के लिए भटकते रहे। रेलवे ट्रैक के पास खेतों से यात्रियों ने बोतलों में पानी लाकर प्यास बुझाई। इसके काफी देर तक भी ट्रैक नहीं खुलता देख कुछ यात्री ट्रेनों से उतरकर अपने गंतव्य की तरफ रवाना हुए। वे खेतों व ट्रैक के रास्ते से होते हुए निजी वाहनों का सहारा लेने को मजबूर हुए। दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों का कहना था कि ऐसा पहली बार ट्रेन में संकट देखा है। जहां खाने व पीने का सामान खत्म हो गया। यात्री प्यास बुझाने को पानी के लिए तरसते रहे। करीब तीन घंटे बाद 1 बजकर 06 मिनट पर ट्रैक खुलने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली।
ट्रेन में खाने-पीने का सामान खत्म हो गया तो बच्चे भूख के मारे बिलखते रहे। ट्रैक जाम होने से परेशानी का सामना करना पड़ा और ट्रैक के नजदीक खेतों से पानी लाकर प्यास बुझाने को मजबूर होना पड़ा।
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- मेघा जैन, दिल्ली
दिल्ली में कई सालों से महिलाओं के लिए पर्स का व्यापार है। हर बार की तरह सुबह ट्रेन से दिल्ली जा रहा था। ट्रैक जाम होने से परेशानी हुई। जिस व्यापारी से मिलना था, उसको ट्रैक जाम होने की बात कहकर शाम तक मिलने को कहना पड़ा।
- कर्मजीत सिंह, खन्ना पंजाब
दिल्ली के अस्पताल में इलाज चल रहा है। रात को जम्मू से दिल्ली के लिए ट्रेन में सवार हुआ था। साफियाबाद फाटक पर ट्रैक जाम होने से परेशानी उठानी पड़ी। जिस डॉक्टर ने इलाज कराने के लिए सोमवार का दिन दिया था, उससे मिलना मुश्किल लग रहा है।
-नरेश गुप्ता, जम्मू
कटरा से माता वैष्णो देवी के दर्शन करके वापस ट्रेन से घर जा रहा था। साफियाबाद फाटक पर ट्रैक जाम हुए काफी देर होने परेशानी उठानी पड़ी और निजी वाहन में सवार होकर घर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
- अभिषेक, गाजियाबाद
ट्रेन में पानी खत्म हो गया। खेतों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ा। प्यास बुझाने को पानी लाने के लिए काफी दूर तक जाना पड़ा और इस तरह रेलवे की लापरवाही के कारण परेशानी उठानी पड़ी।
- सन्नी कक्कड़, दिल्ली
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। गेटमैन पर हुए हमले के विरोध में रेल कर्मियों ने करीब तीन घंटे तक दिल्ली-अंबाला ट्रैक जाम रखा। इस दौरान दिल्ली की ओर जाने वाली श्री शक्ति एक्सप्रेस जंगल में खड़ी रही। जिससे ट्रेन में खाने व पीने का सामान खत्म हुआ तो यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्यास बुझाने के लिए यात्री खेतों में भटकते रहे। जहां खेतों से बोतलों में पानी लाकर यात्रियों ने प्यास बुझाई। वहीं ट्रैक नहीं खुलता देख ट्रेन से उतरकर काफी यात्री अपने गंतव्य की ओर से निजी वाहनों से जाने के लिए मजबूर हुए। ट्रैक तीन घंटे जाम रहने से करीब एक दर्जन ट्रेन बाधित रही।
श्री शक्ति एक्सप्रेस (22462) सोमवार सुबह कटरा से नई दिल्ली जा रही थी। साफियाबाद फाटक पर ट्रैक जाम होने चलते ट्रेन को सुबह 10 बजे साफियाबाद फाटक से आधा किमी दूर जंगल में रोका गया। करीब तीन घंटे तक ट्रैक जाम होने पर ट्रेन में सवार यात्री परेशान रहे। सुबह 11 बजे ही ट्रेन के पेंट्री कार में खाने व पीने का सामान खत्म हो गया। इसके बाद सामान उपलब्ध नहीं होने से यात्रियों में हाहाकार मच गया। पानी व खाद्य पदार्थ नहीं मिलने से बच्चे बिलखते रहे। इसके बाद यात्री पानी के लिए भटकते रहे। रेलवे ट्रैक के पास खेतों से यात्रियों ने बोतलों में पानी लाकर प्यास बुझाई। इसके काफी देर तक भी ट्रैक नहीं खुलता देख कुछ यात्री ट्रेनों से उतरकर अपने गंतव्य की तरफ रवाना हुए। वे खेतों व ट्रैक के रास्ते से होते हुए निजी वाहनों का सहारा लेने को मजबूर हुए। दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों का कहना था कि ऐसा पहली बार ट्रेन में संकट देखा है। जहां खाने व पीने का सामान खत्म हो गया। यात्री प्यास बुझाने को पानी के लिए तरसते रहे। करीब तीन घंटे बाद 1 बजकर 06 मिनट पर ट्रैक खुलने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली।
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ट्रेन में खाने-पीने का सामान खत्म हो गया तो बच्चे भूख के मारे बिलखते रहे। ट्रैक जाम होने से परेशानी का सामना करना पड़ा और ट्रैक के नजदीक खेतों से पानी लाकर प्यास बुझाने को मजबूर होना पड़ा।
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- मेघा जैन, दिल्ली
दिल्ली में कई सालों से महिलाओं के लिए पर्स का व्यापार है। हर बार की तरह सुबह ट्रेन से दिल्ली जा रहा था। ट्रैक जाम होने से परेशानी हुई। जिस व्यापारी से मिलना था, उसको ट्रैक जाम होने की बात कहकर शाम तक मिलने को कहना पड़ा।
- कर्मजीत सिंह, खन्ना पंजाब
दिल्ली के अस्पताल में इलाज चल रहा है। रात को जम्मू से दिल्ली के लिए ट्रेन में सवार हुआ था। साफियाबाद फाटक पर ट्रैक जाम होने से परेशानी उठानी पड़ी। जिस डॉक्टर ने इलाज कराने के लिए सोमवार का दिन दिया था, उससे मिलना मुश्किल लग रहा है।
-नरेश गुप्ता, जम्मू
कटरा से माता वैष्णो देवी के दर्शन करके वापस ट्रेन से घर जा रहा था। साफियाबाद फाटक पर ट्रैक जाम हुए काफी देर होने परेशानी उठानी पड़ी और निजी वाहन में सवार होकर घर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
- अभिषेक, गाजियाबाद
ट्रेन में पानी खत्म हो गया। खेतों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ा। प्यास बुझाने को पानी लाने के लिए काफी दूर तक जाना पड़ा और इस तरह रेलवे की लापरवाही के कारण परेशानी उठानी पड़ी।
- सन्नी कक्कड़, दिल्ली