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Sonipat News: राई-लिवान के 50 हजार लोगों को मिलेगा यमुना जल, 10.19 करोड़ की योजना मंजूर
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फोटो : सोनीपत के गांव राई में पीने के लिए स्वच्छ पानी खरीदते लोग। संवाद
सोनीपत। राई और लिवान गांव के 50 हजार से अधिक लोगों को खारे और दूषित भूजल से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र में टीडीएस का स्तर 1800 तक पहुंचने के कारण ग्रामीणों को पेयजल खरीदकर पीना पड़ रहा है। अब सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण (एसएमडीए) ने यमुना का पानी गांवों तक पहुंचाने की योजना पर काम तेज कर दिया है।
बूस्टिंग स्टेशन और 11,555 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने के लिए 10.19 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। राई और आसपास के क्षेत्र में वर्ष 2003 के आसपास औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने के बाद आबादी बढ़ी। इसके साथ भूजल स्तर में भी गिरावट आई। वर्तमान में यहां भूजल स्तर 15 से 40 मीटर तक पहुंच गया है। राई और लिवान में यमुना जल पहुंचाने की स्वीकृति 10 जुलाई 2024 को मिली थी।
यमुना किनारे लगे रेनीवेल का पानी फिलहाल राजीव गांधी एजुकेशन सिटी तक पहुंच रहा है। अब एजुकेशन सिटी से राई और लिवान तक करीब छह किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। जीटी रोड के नीचे से पाइपलाइन डालने के लिए एनएचएआई से मंजूरी भी मिल चुकी है।
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छह करोड़ की लागत से बनाए जा चुके हैं स्टोरेज टैंक
एसएमडीए की ओर से दोनों गांवों में करीब छह करोड़ रुपये की लागत से स्टोरेज टैंक बनाए जा चुके हैं। योजना के तहत गांवों की गलियों में भी पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। राई और लिवान में एक-एक बूस्टिंग स्टेशन बनाया जाएगा। इनमें पानी एकत्रित कर पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक पहुंचाया जाएगा। यमुना जल की आपूर्ति शुरू होने से ग्रामीणों को दूषित भूजल से राहत मिलने के साथ पेयजल खरीदने पर होने वाले खर्च से भी निजात मिलने की उम्मीद है।
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राजीव गांधी एजुकेशन सिटी से राई तक पानी पहुंचाने के लिए जीटी रोड पर खुदाई करने के लिए नहीं से मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। फरवरी 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है।
आलोक कुमार, कार्यकारी अभियंता, एसएमडीए
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बूस्टिंग स्टेशन और 11,555 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने के लिए 10.19 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। राई और आसपास के क्षेत्र में वर्ष 2003 के आसपास औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने के बाद आबादी बढ़ी। इसके साथ भूजल स्तर में भी गिरावट आई। वर्तमान में यहां भूजल स्तर 15 से 40 मीटर तक पहुंच गया है। राई और लिवान में यमुना जल पहुंचाने की स्वीकृति 10 जुलाई 2024 को मिली थी।
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यमुना किनारे लगे रेनीवेल का पानी फिलहाल राजीव गांधी एजुकेशन सिटी तक पहुंच रहा है। अब एजुकेशन सिटी से राई और लिवान तक करीब छह किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। जीटी रोड के नीचे से पाइपलाइन डालने के लिए एनएचएआई से मंजूरी भी मिल चुकी है।
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छह करोड़ की लागत से बनाए जा चुके हैं स्टोरेज टैंक
एसएमडीए की ओर से दोनों गांवों में करीब छह करोड़ रुपये की लागत से स्टोरेज टैंक बनाए जा चुके हैं। योजना के तहत गांवों की गलियों में भी पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। राई और लिवान में एक-एक बूस्टिंग स्टेशन बनाया जाएगा। इनमें पानी एकत्रित कर पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक पहुंचाया जाएगा। यमुना जल की आपूर्ति शुरू होने से ग्रामीणों को दूषित भूजल से राहत मिलने के साथ पेयजल खरीदने पर होने वाले खर्च से भी निजात मिलने की उम्मीद है।
राजीव गांधी एजुकेशन सिटी से राई तक पानी पहुंचाने के लिए जीटी रोड पर खुदाई करने के लिए नहीं से मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। फरवरी 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है।
आलोक कुमार, कार्यकारी अभियंता, एसएमडीए